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Unnao News: परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में परीक्षा नियंत्रक निलंबित
Fri, 22 Aug 2025 01:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:28 AM IST
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फोटो नंबर 20-कॉलेज में प्रदर्शन कर परीक्षा नियंत्रक का पुतला जलाते छात्र-छात्राएं। स्रोत: छात्र
- फोटो : mathura
नवाबगंज (उन्नाव)। सरस्वती मेडिकल कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक गुरुवार को निलंबित कर दिए गए। उन पर एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने पेपर लीक कराने के बदले रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इसके अलावा छात्रा से आपत्तिजनक बातचीत और दबाव बनाने का भी आरोप था।
सरस्वती मेडिकल कॉलेज में फिजियोलॉजी के प्रोफेसर और परीक्षा नियंत्रक डॉ. मोहम्मद बयाजुद्दीन पर एमबीबीएस 2024 बैच के छात्र - छात्राओं ने 15 दिन पहले गंभीर आरोप लगाते हुए प्राचार्य को शिकायतीपत्र दिया था। आरोप था कि प्रोफेसर आंतरिक मूल्यांकन में नंबर बदलने और परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने के बदले यौन संबंध बनाने और रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत के 15 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज मेडिकल छात्र-छात्राओं का सब्र का बांध टूट गया और गुरुवार को कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए प्रोफेसर का पुतला फूंका। छात्रों का कहना है कि 2019 व 2020 के जिन छात्रों को अवैध गतिविधियों से लाभ मिला था। उनसे शिकायत वापस लेने के लिए दबाव भी डलवा रहे थे। उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए रिकॉर्डिंग और संदेश जैसे पुख्ता सबूत हैं, जो उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सौंपे गए हैं।कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरएन. श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर डॉ.बयाजुद्दीन को निलंबित कर दिया गया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर आरोपों की जांच कराई गई थी। इसमें आरोप सही पाए गए थे। डॉक्टर को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आए।
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सरस्वती मेडिकल कॉलेज में फिजियोलॉजी के प्रोफेसर और परीक्षा नियंत्रक डॉ. मोहम्मद बयाजुद्दीन पर एमबीबीएस 2024 बैच के छात्र - छात्राओं ने 15 दिन पहले गंभीर आरोप लगाते हुए प्राचार्य को शिकायतीपत्र दिया था। आरोप था कि प्रोफेसर आंतरिक मूल्यांकन में नंबर बदलने और परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने के बदले यौन संबंध बनाने और रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत के 15 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज मेडिकल छात्र-छात्राओं का सब्र का बांध टूट गया और गुरुवार को कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए प्रोफेसर का पुतला फूंका। छात्रों का कहना है कि 2019 व 2020 के जिन छात्रों को अवैध गतिविधियों से लाभ मिला था। उनसे शिकायत वापस लेने के लिए दबाव भी डलवा रहे थे। उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए रिकॉर्डिंग और संदेश जैसे पुख्ता सबूत हैं, जो उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सौंपे गए हैं।कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरएन. श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर डॉ.बयाजुद्दीन को निलंबित कर दिया गया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर आरोपों की जांच कराई गई थी। इसमें आरोप सही पाए गए थे। डॉक्टर को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आए।
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