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कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़े
Mon, 31 Dec 2018 12:22 AM IST
प्रशांत कुमार
उन्नाव
उन्नाव
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:22 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया व ठंड लगने से बीमार लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव। बढ़ती ठंड के बीच कोल्ड डायरिया का कहर भी टूटने लगा है। जिला अस्पताल में सात दिन के अंदर कोल्ड डायरिया से पीड़ित 70 मरीजों को भर्ती कराया गया। इनमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी कोल्ड डायरिया की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिले में बढ़ती ठंड ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बीमार बनाना शुरू कर दिया है। अधिकतर लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में होने वाले डायरिया की तरह ही कोल्ड डायरिया के लक्षण होते हैं।
ठंड के दिनों में बैक्टेरियल इंफेक्शन और खानपान की लापरवाही से लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज दस से अधिक मरीज इस बीमारी के पहुंच रहे हैं। मरीजों में शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। मरीजों को शरीर में पानी की कमी न होने देने का सुझाव दिया जा रहा है।
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बच्चे भी हो रहे बीमार
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजकुमार ने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे भी कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। हर रोज बड़ी संख्या में बीमार बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बीस फीसदी बच्चों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ जाता है। उन्होंने बताया कि कोल्ड डज्ञयरिया में समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत भी हो सकती है।
लापरवाही न बरतें
चिकित्सकों के अनुसार बासी भोजन, बाहर के खाने से कोल्ड डायरिया होने की संभावना अधिक रहती है। ठंड के मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दे। ठंड के मौसम में ऊनी कपड़े जरूर पहनें।
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जिले में बढ़ती ठंड ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बीमार बनाना शुरू कर दिया है। अधिकतर लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में होने वाले डायरिया की तरह ही कोल्ड डायरिया के लक्षण होते हैं।
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ठंड के दिनों में बैक्टेरियल इंफेक्शन और खानपान की लापरवाही से लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज दस से अधिक मरीज इस बीमारी के पहुंच रहे हैं। मरीजों में शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। मरीजों को शरीर में पानी की कमी न होने देने का सुझाव दिया जा रहा है।
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बच्चे भी हो रहे बीमार
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजकुमार ने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे भी कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। हर रोज बड़ी संख्या में बीमार बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बीस फीसदी बच्चों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ जाता है। उन्होंने बताया कि कोल्ड डज्ञयरिया में समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत भी हो सकती है।
लापरवाही न बरतें
चिकित्सकों के अनुसार बासी भोजन, बाहर के खाने से कोल्ड डायरिया होने की संभावना अधिक रहती है। ठंड के मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दे। ठंड के मौसम में ऊनी कपड़े जरूर पहनें।