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आफत की बारिश ने धो डाले अरमान
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बारिश से खराब हुई सरसो की फसल देखता किसान। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। बदले मौसम के बाद हुई तीन मिमी बारिश से किसानों के अच्छी फसल के अरमानों को झटका लगा है। इस बारिश से फिर सरसों व आलू को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने रविवार को फिर पानी बरसने के आसार जताकर किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। शनिवार को सदर व सफीपुर में पांच-पांच, पुरवा व हसनगंज में एक-एक मिमी बारिश हुई। कुल तीन एमएम बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों को फिर से कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को तापमान 19 डिग्री था जो शनिवार को घटकर 18 पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस ही बना रहा। गलन से लोग परेशान हो गए। वहीं बर्फीली हवाओं से लोगों के हाड़ तक कांप गए। मौसम विभाग ने रविवार को बारिश की संभावना जताई है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि फिर बारिश होने से फसल बर्बाद होने की आशंका ने मुश्किलें बढ़ा दी। गंजमुरादाबाद के मुकेश, नवाबगंज के हरिशंकर, हसनगंज के जीतू, सदर के लवकेश का कहना है कि बारिश से उनकी सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। शुरुआत में फसल बहुत अच्छी थी। अब उनके सामने परिवार का भरणपोषण करने की समस्या खड़ी हो गई है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि ठंड बढ़ने पर पाला गिरने की संभावना है। इससे मटर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। किसान पाला गिरने पर फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर धुआं करें। सरसाें या आलू की फसल को यदि नुकसान पहुंचा हो तो इसकी सूचना तुरंत दें। वहीं बारिश से गेहूं को फायदा पहुंचा है।
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शनिवार को हुई बारिश से जलभराव की समस्या फिर गंभीर हो गई। शहर में ही कई मोहल्लों की गलियों में पानी भर जाने से राह चलना मुश्किल हो गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे रास्ते कीचड़ से पट गए। इसको लेकर लोग परेशान रहे।
बारिश से बिजली फाल्ट बढ़ गए। इस कारण बिजली की आवाजाही लगी रही। एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ बिजली की आंखमिचौली से लोग परेशान रहे। कब्बाखेड़ा उपकेंद्र की मुख्य लाइन में फाल्ट होने से पूरननगर, बंधूहार, रामपुरी में बिजली गुल रही। सिटी पावर हाउस व ग्रामीण इलाकों में भी लोकल फाल्टों से बिजली किल्लत बनी रही।
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शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। शनिवार को सदर व सफीपुर में पांच-पांच, पुरवा व हसनगंज में एक-एक मिमी बारिश हुई। कुल तीन एमएम बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों को फिर से कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को तापमान 19 डिग्री था जो शनिवार को घटकर 18 पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस ही बना रहा। गलन से लोग परेशान हो गए। वहीं बर्फीली हवाओं से लोगों के हाड़ तक कांप गए। मौसम विभाग ने रविवार को बारिश की संभावना जताई है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि फिर बारिश होने से फसल बर्बाद होने की आशंका ने मुश्किलें बढ़ा दी। गंजमुरादाबाद के मुकेश, नवाबगंज के हरिशंकर, हसनगंज के जीतू, सदर के लवकेश का कहना है कि बारिश से उनकी सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। शुरुआत में फसल बहुत अच्छी थी। अब उनके सामने परिवार का भरणपोषण करने की समस्या खड़ी हो गई है।
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जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि ठंड बढ़ने पर पाला गिरने की संभावना है। इससे मटर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। किसान पाला गिरने पर फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर धुआं करें। सरसाें या आलू की फसल को यदि नुकसान पहुंचा हो तो इसकी सूचना तुरंत दें। वहीं बारिश से गेहूं को फायदा पहुंचा है।
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शनिवार को हुई बारिश से जलभराव की समस्या फिर गंभीर हो गई। शहर में ही कई मोहल्लों की गलियों में पानी भर जाने से राह चलना मुश्किल हो गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे रास्ते कीचड़ से पट गए। इसको लेकर लोग परेशान रहे।
बारिश से बिजली फाल्ट बढ़ गए। इस कारण बिजली की आवाजाही लगी रही। एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ बिजली की आंखमिचौली से लोग परेशान रहे। कब्बाखेड़ा उपकेंद्र की मुख्य लाइन में फाल्ट होने से पूरननगर, बंधूहार, रामपुरी में बिजली गुल रही। सिटी पावर हाउस व ग्रामीण इलाकों में भी लोकल फाल्टों से बिजली किल्लत बनी रही।