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ओलों की चोट से किसानों के सपने चकनाचूर
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फतेहपुर चौरासी में बारिश व ओलावृष्टि खराब हुई आलू की फसल देखता किसान विजयपाल। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। चार दिन बारिश और शनिवार रात ओलावृष्टि ने किसानों को आर्थिक चोट पहुंचाई है। कुछ किसानों ने केसीसी से कर्ज लेकर फसल की बुआई की थी। ओलावृष्टि से फसल नष्ट होनेे के बाद अब किसानों के सामने लोन चुकाने की समस्या आ गई है। बीमा कंपनी ने फसलों के नुकसान का आंकलन कराना शुरू कर दिया है।
फतेहपुर चौरासी में शनिवार की रात किसानों के लिए अभिशाप साबित हुई। मेहनत व लागत लगाकर पैदा की गई फसलें ओलों की भेंट चढ़ गईं। ओलावृष्टि से सैकड़ों किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, टमाटर व गोभी की फसलें नष्ट हो र्गई हैं। कृषि विभाग द्वारा बीमा कंपनी से शुरू कराए गए सर्वे में प्रारंभिक स्तर पर अकेले फतेहपुर चौरासी के सूसूमऊ, सरहा सकतपुर, लवानी, तालिबपुर रहली, तमरिया कला, तमरिया खुर्द, बूचागाड़ा, ख्वाजगीपुर पहलवान, हयासपुर, जमरुद्दीपुर में ही करीब 3500 बीघे में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया।
बांगरमऊ के मुस्तफाबाद के ढाई सौ किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें फसलों की क्षति का आंकलन करा कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मनोज कुमार, परशुराम, रामनरेश, शिवराज सिंह, रमेश लाल, मंशाराम, उदयराज, ओमप्रकाश, मन्नालाल, रामअवतार, रामविलास, रमेशचंद, अर्जुनलाल शामिल रहे।
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पुरवा के सेमरीमऊ माइनर में गदोरवा गांव के पास खांदी कटने से आठ बीघा फसल डूब गई। उमेश मिश्र की तीन बीघा, मेघा दुर्गेश व बाबूशंकर की एक एक बीघा, भीमशंकर की 10 बिसुवा, सरदार की पांच और कल्लू की पांच बिसुवा सरसों व आलू व रजनू की सवा बीघा गेहूं की फसल डूब गई। एसडीएम ने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजकर खांदी बंधवाई गई है। नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।
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फतेहपुर चौरासी में शनिवार की रात किसानों के लिए अभिशाप साबित हुई। मेहनत व लागत लगाकर पैदा की गई फसलें ओलों की भेंट चढ़ गईं। ओलावृष्टि से सैकड़ों किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, टमाटर व गोभी की फसलें नष्ट हो र्गई हैं। कृषि विभाग द्वारा बीमा कंपनी से शुरू कराए गए सर्वे में प्रारंभिक स्तर पर अकेले फतेहपुर चौरासी के सूसूमऊ, सरहा सकतपुर, लवानी, तालिबपुर रहली, तमरिया कला, तमरिया खुर्द, बूचागाड़ा, ख्वाजगीपुर पहलवान, हयासपुर, जमरुद्दीपुर में ही करीब 3500 बीघे में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया।
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बांगरमऊ के मुस्तफाबाद के ढाई सौ किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें फसलों की क्षति का आंकलन करा कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मनोज कुमार, परशुराम, रामनरेश, शिवराज सिंह, रमेश लाल, मंशाराम, उदयराज, ओमप्रकाश, मन्नालाल, रामअवतार, रामविलास, रमेशचंद, अर्जुनलाल शामिल रहे।
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पुरवा के सेमरीमऊ माइनर में गदोरवा गांव के पास खांदी कटने से आठ बीघा फसल डूब गई। उमेश मिश्र की तीन बीघा, मेघा दुर्गेश व बाबूशंकर की एक एक बीघा, भीमशंकर की 10 बिसुवा, सरदार की पांच और कल्लू की पांच बिसुवा सरसों व आलू व रजनू की सवा बीघा गेहूं की फसल डूब गई। एसडीएम ने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजकर खांदी बंधवाई गई है। नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।