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दस गांवों में भूमि के स्वामित्व की जांच होगी
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उन्नाव। सर्वे में नियम विरुद्ध आदेश कर ग्राम समाज की करोड़ों की भूमि की हेराफेरी में सेवानिवृत्त एआरओ नन्हकू पर रिपोर्ट से विभाग में खलबली मची है। डीएम ने सर्वे वाले सभी 10 गांवों की अमल दरामद, रकबा और आदेश जांचने के आदेश दिए हैं। इसके तहत भूमि के स्वामित्व और स्वामित्व की प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। गहनता से जांच हुई तो कई और आरओ और लेखपाल कार्रवाई की जद में आएंगे।
तीन गांवों में चल रही सर्वे प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से सेवानिवृत्त एआरओ ने 5.1 हेक्टेअर जमीन गलत तरीके से दूसरों के नाम दर्ज कर दी थी। अब डीएम ने उन सभी गांवों की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं जहां लंबे समय से सर्वे प्रक्रिया चल रही है। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई होगी।
बाढ़ या अन्य कारणों से जिन गांवों या क्षेत्रों में खेतिहर व सरकारी भूमि के निशान खत्म होने पर जमीन की पैमाइश और निशानदेही करके खतौनी के आधार पर नाम चढ़ाए जाते हैं। वंशावली से मिलान, जमीन के पुराने नक्शे के आधार पर भूमि उपलब्ध न होने पर दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाती है। नया भूमि नक्शा तैयार किया जाता है। काबिज लोगों को बेदखल कर वास्तविक खातेदारों को कब्जा दिया जाता है।
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तीन गांवों में चल रही सर्वे प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से सेवानिवृत्त एआरओ ने 5.1 हेक्टेअर जमीन गलत तरीके से दूसरों के नाम दर्ज कर दी थी। अब डीएम ने उन सभी गांवों की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं जहां लंबे समय से सर्वे प्रक्रिया चल रही है। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई होगी।
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बाढ़ या अन्य कारणों से जिन गांवों या क्षेत्रों में खेतिहर व सरकारी भूमि के निशान खत्म होने पर जमीन की पैमाइश और निशानदेही करके खतौनी के आधार पर नाम चढ़ाए जाते हैं। वंशावली से मिलान, जमीन के पुराने नक्शे के आधार पर भूमि उपलब्ध न होने पर दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाती है। नया भूमि नक्शा तैयार किया जाता है। काबिज लोगों को बेदखल कर वास्तविक खातेदारों को कब्जा दिया जाता है।
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