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दो साल से लगा रहा चक्कर, नहीं मिला भूमि पर कब्जा
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पाटन तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत सुनते एसडीएम अंकित शुक्ला व अन्य अधिकारी। ?
- फोटो : UNNAO
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पाटन। जिला मुख्यालय पर मीटिंग के कारण जिलाधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंच सके। एसडीएम ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कल्याणपुर प्रथम निवासी शुभकरण ने बताया कि चकबंदी के दौरान उसे एक भूमि नंबर पर मालिकाना हक मिला था। उस समय जिम्मेदारों ने फसल खड़ी होने का हवाला देकर पैमाइश व कब्जा नहीं दिलवाया था। दो वर्षों से वह बराबर तहसील के चक्कर लगा रहा है लेकिन अब तक उसे उसकी भूमि पर कब्जा नहीं मिला है।
एसडीएम अंकित शुक्ला के सामने ललमनखेड़ा निवासी संगीता देवी प्रधानमंत्री आवास योजना में घर के लिए प्रार्थनापत्र लेकर पहुंची। बताया कि छप्पर के नीचे उसका परिवार जीवनयापन करता है। कई बार प्रार्थनापत्र दिया लेकिन उसका नाम सूची में नहीं दर्ज हो सका है। केदारखेड़ा निवासी रामकुमार यादव ने बताया कि उसके गांव में मौरावां बिहार मार्ग पर शाम होते ही छुट्टा मवेशियों की भरमार रहती है। रामकुमार ने गोशाला का संचालन कराए जाने की मांग की है। रिसालखेड़ा निवासी गंगादीन, जगतपाल व रामराज ने प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उनके नाम ग्रामसभा की सूची में शौचालय के लाभार्थी के रूप में दर्ज है लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है। धोखाधड़ी कर सरकारी योजना का पैसा निकाले जाने की शिकायत चार बार किए जाने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। समाधान दिवस में कुल 136 मामले आए। इनमें 14 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस मौके पर तहसीलदार दिलीप कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सोमवार को पाटन में संपूर्ण समाधान दिवस में एएसपी शशिशेखर सिंह को शिकायती पत्र देकर पीड़िता ललिता ने बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो जाने के बाद मनरेगा में मजदूरी कर एक छोटी बहन व दो छोटे भाइयों की परवरिश कर रही है। घर के सामने रहने वाली फूलदुलारी व राम सुमेर उसे हैंडपंप से पानी नहीं भरने देते हैं। उसका रास्ता भी रोका जाता है। जब उसने इसकी शिकायत थाना पुलिस से की तो आरोपियों पर कार्रवाई की जगह उसका ही शांतिभंग में चालान कर दिया। ललिता ने अपनी छोटी बहन और भाइयों का हवाला देकर न्याय की गुहार लगाई है। एडिशनल एसपी ने थाना प्रभारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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पुरवा एसडीएम राजेश चौरसिया ने शिकायतें सुनी। 27 में एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। नौ विभागों के कर्मचारी अनुपस्थित रहे। सीओ विक्रमाजीत सिंह, तहसीलदार नरेंद्र यादव, कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह व ईओ केएन पाठक मौजूद रहे।
हसनगंज एसडीएम दिनेश कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 84 फरियादियों ने प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। इसमें से राजस्व की पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
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एसडीएम अंकित शुक्ला के सामने ललमनखेड़ा निवासी संगीता देवी प्रधानमंत्री आवास योजना में घर के लिए प्रार्थनापत्र लेकर पहुंची। बताया कि छप्पर के नीचे उसका परिवार जीवनयापन करता है। कई बार प्रार्थनापत्र दिया लेकिन उसका नाम सूची में नहीं दर्ज हो सका है। केदारखेड़ा निवासी रामकुमार यादव ने बताया कि उसके गांव में मौरावां बिहार मार्ग पर शाम होते ही छुट्टा मवेशियों की भरमार रहती है। रामकुमार ने गोशाला का संचालन कराए जाने की मांग की है। रिसालखेड़ा निवासी गंगादीन, जगतपाल व रामराज ने प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उनके नाम ग्रामसभा की सूची में शौचालय के लाभार्थी के रूप में दर्ज है लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है। धोखाधड़ी कर सरकारी योजना का पैसा निकाले जाने की शिकायत चार बार किए जाने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। समाधान दिवस में कुल 136 मामले आए। इनमें 14 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस मौके पर तहसीलदार दिलीप कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सोमवार को पाटन में संपूर्ण समाधान दिवस में एएसपी शशिशेखर सिंह को शिकायती पत्र देकर पीड़िता ललिता ने बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो जाने के बाद मनरेगा में मजदूरी कर एक छोटी बहन व दो छोटे भाइयों की परवरिश कर रही है। घर के सामने रहने वाली फूलदुलारी व राम सुमेर उसे हैंडपंप से पानी नहीं भरने देते हैं। उसका रास्ता भी रोका जाता है। जब उसने इसकी शिकायत थाना पुलिस से की तो आरोपियों पर कार्रवाई की जगह उसका ही शांतिभंग में चालान कर दिया। ललिता ने अपनी छोटी बहन और भाइयों का हवाला देकर न्याय की गुहार लगाई है। एडिशनल एसपी ने थाना प्रभारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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पुरवा एसडीएम राजेश चौरसिया ने शिकायतें सुनी। 27 में एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। नौ विभागों के कर्मचारी अनुपस्थित रहे। सीओ विक्रमाजीत सिंह, तहसीलदार नरेंद्र यादव, कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह व ईओ केएन पाठक मौजूद रहे।
हसनगंज एसडीएम दिनेश कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 84 फरियादियों ने प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। इसमें से राजस्व की पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।