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6069 किसानों को 3.09 करोड़ रुपये मुआवजा
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उन्नाव। पिछले साल खरीफ सीजन में प्राकृतिक आपदा से 6049 किसानों की फसल बर्बाद हुई। ऐसे समय में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सहारा मिला। बीमा कंपनी ने किसानों को 3.09 करोड़ का मुआवजा देकर राहती दी है।
बीघापुर तहसील क्षेत्र के पुरौना गांव निवासी दयाराम ने 2020 में धान की फसल बोई थी। पर्याप्त बारिश न होने से धान की फसल खराब हो गई थी। दयाराम की फसल का बीमा था। कंपनी ने बीमा के लिए 2386 रुपये लिए थे। दयाराम ने क्लेम किया। जांच के बाद दयाराम को कंपनी ने एक लाख 925 रुपये मुआवजे के रूप में दिए।
इसी गांव के महादेव की भी धान की फसल प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुई थी। किसान क्रेडिट कार्ड बना होने के कारण बैंक ने फसल बीमा के लिए 2136 रुपये काटकर बीमा कंपनी को भेज दिए थे। महादेव ने फसल नुकसान का क्लेम किया। कंपनी ने सर्वे के बाद महादेव को पात्र माना और 90 हजार 332 रुपये का भुगतान किया।
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सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के सातन गांव निवासी शिवाकांत शुक्ला की भी फसल प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुई थी। कंपनी को बीमित राशि के रूप में 5747 रुपये का भुगतान भी किया गया था। शिवाकांत ने बीमा कंपनी को आवेदनपत्र दिया। जांच के बाद कंपनी ने 78 हजार 138 रुपये का मुआवजा दिया।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों को फसल बीमा जरूर कराना चाहिए। किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल को हुए नुकसान पर बीमा कंपनी क्लेम देती है। 2020 खरीफ सीजन में 6049 किसानों को 3.09 करोड़ का क्लेम मिला। इस खरीफ सीजन में फसल बीमा के लिए 31 जुलाई तक पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण बीमा कंपनी के कार्यालय/बैंक अथवा नजदीकी सहज जनसेवा केंद्र से भी कराया जा सकता है। वहीं जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है और वह बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो उन्हें 24 जुलाई 2021 तक बैंक को लिखित रूप से लिखकर देना होगा कि वह योजना का लाभ नहीं लेना चाहते हैं।
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बीघापुर तहसील क्षेत्र के पुरौना गांव निवासी दयाराम ने 2020 में धान की फसल बोई थी। पर्याप्त बारिश न होने से धान की फसल खराब हो गई थी। दयाराम की फसल का बीमा था। कंपनी ने बीमा के लिए 2386 रुपये लिए थे। दयाराम ने क्लेम किया। जांच के बाद दयाराम को कंपनी ने एक लाख 925 रुपये मुआवजे के रूप में दिए।
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इसी गांव के महादेव की भी धान की फसल प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुई थी। किसान क्रेडिट कार्ड बना होने के कारण बैंक ने फसल बीमा के लिए 2136 रुपये काटकर बीमा कंपनी को भेज दिए थे। महादेव ने फसल नुकसान का क्लेम किया। कंपनी ने सर्वे के बाद महादेव को पात्र माना और 90 हजार 332 रुपये का भुगतान किया।
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सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के सातन गांव निवासी शिवाकांत शुक्ला की भी फसल प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुई थी। कंपनी को बीमित राशि के रूप में 5747 रुपये का भुगतान भी किया गया था। शिवाकांत ने बीमा कंपनी को आवेदनपत्र दिया। जांच के बाद कंपनी ने 78 हजार 138 रुपये का मुआवजा दिया।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों को फसल बीमा जरूर कराना चाहिए। किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल को हुए नुकसान पर बीमा कंपनी क्लेम देती है। 2020 खरीफ सीजन में 6049 किसानों को 3.09 करोड़ का क्लेम मिला। इस खरीफ सीजन में फसल बीमा के लिए 31 जुलाई तक पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण बीमा कंपनी के कार्यालय/बैंक अथवा नजदीकी सहज जनसेवा केंद्र से भी कराया जा सकता है। वहीं जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है और वह बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो उन्हें 24 जुलाई 2021 तक बैंक को लिखित रूप से लिखकर देना होगा कि वह योजना का लाभ नहीं लेना चाहते हैं।