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शासन के संज्ञान पर सामुदायिक शौचालयों की जांच
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उन्नाव। अधूरे सामुदायिक शौचालय के रखरखाव और साफ सफाई के नाम पर हजारों रुपये निकालने के मामलों पर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ की एक संस्था को थर्ड पार्टी जांच के आदेश दिए हैं।
पिछले साल जिले की 1040 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शुरू कराया गया था। प्रदेश सरकार ने काम पूरा करने की तारीख 19 दिसंबर 2020 तय की थी। तीन माह पहले सभी पंचायत सचिवों ने कार्रवाई के डर से शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करा लेने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। इसके बाद शासन ने रखरखाव व देखरेख के लिए लगाई गई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तीन माह का मानदेय जारी करने का आदेश दिया। कई सचिवों ने ताला बंद शौचालयों का संचालन कागजों पर दिखाकर प्रति शौचालय प्रतिमाह नौ हजार की दर से भुगतान कर दिया। अपूर्ण सामुदायिक शौचालय की साफ-सफाई और रखरखाव के नाम पर पैसा जारी किए जाने पर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया। अब शासन ने थर्ड पार्टी जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आसीयूएस) लखनऊ को नामित किया है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश दिए हैं कि कमियों को दुरुस्त कर लें।
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पिछले साल जिले की 1040 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शुरू कराया गया था। प्रदेश सरकार ने काम पूरा करने की तारीख 19 दिसंबर 2020 तय की थी। तीन माह पहले सभी पंचायत सचिवों ने कार्रवाई के डर से शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करा लेने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। इसके बाद शासन ने रखरखाव व देखरेख के लिए लगाई गई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तीन माह का मानदेय जारी करने का आदेश दिया। कई सचिवों ने ताला बंद शौचालयों का संचालन कागजों पर दिखाकर प्रति शौचालय प्रतिमाह नौ हजार की दर से भुगतान कर दिया। अपूर्ण सामुदायिक शौचालय की साफ-सफाई और रखरखाव के नाम पर पैसा जारी किए जाने पर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया। अब शासन ने थर्ड पार्टी जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आसीयूएस) लखनऊ को नामित किया है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश दिए हैं कि कमियों को दुरुस्त कर लें।
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