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अग्निशमन केंद्र के लिए दी भूमि पर दावा, हंगामा
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सफीपुर। अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि के कुछ हिस्से की जमीन अपनी होने का दावा करते हुए महिलाओं ने हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस से महिलाओं की झड़प भी हुई। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर राजस्व टीम के साथ एसडीएम पहुंचे और जमीन की नाप कराई। इसके बाद नक्शे के आधार पर भूमि देने का आश्वासन दिया।
बृजपालपुर में तीन बीघा भूमि अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए चयनित है। इसका नक्शा तैयार कर कृष्ण गोपाल नायक कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। 25 जून को भूमि की नापजोख शुरू हुई तो गांव निवासी महिलाओं में चंपा ने चार बिसुवा व रजनी ने दो बीघा भूमि पर मालिकाना हक बताया। उन्होंने एसडीएम को प्रार्थनापत्र भी दिया था। राजस्व विभाग द्वारा इस प्रार्थनापत्र का निस्तारण नहीं किया गया। सोमवार को कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी। इस पर चंपा, रजनी सहित अन्य महिलाओं ने काम रुकवा दिया। पुलिस पहुंची तो महिलाओं से झड़प हो गई। बाद में रामजानकी, सविता, रजनी, सुनीता, संतोषा ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम राजेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और राजस्व कर्मियों ने पैमाइश कराई। महिलाओं को बंजर भूमि पर निर्माण होने की जानकारी दी। आश्वासन दिया कि भूमि नक्शे के आधार पर उनकी जमीन जहां भी होगी कब्जा दिलाया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि महिलाओं की भूमि अग्निशमन केंद्र के लिए प्रस्तावित बंजर भूमि पर न होकर आसपास भी हो सकती है।
दो वर्ष पूर्व गांव मवई भान में केंद्र निर्माण के लिए भूमि प्रस्तावित की गई थी। विभाग द्वारा 10 लाख खर्च करके पानी के लिए बोरिंग व स्टोररूम का निर्माण करा दिया गया था। बाद में कुछ ग्रामीणों ने उस भूमि का पट्टा होने का दावा किया था। यह बात जांच में सही पाई गई थी। तब राजस्व विभाग के निर्देश पर अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए भूमि छोड़नी पड़ी थी। अभी भी पट्टाधारकों को उनकी भूमि नहीं मिली है। अब बृजपालपुर में केंद्र का निर्माण शुरू हुआ तो फिर महिलाओं ने भूमि पर सवाल उठा दिया।
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बृजपालपुर में तीन बीघा भूमि अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए चयनित है। इसका नक्शा तैयार कर कृष्ण गोपाल नायक कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। 25 जून को भूमि की नापजोख शुरू हुई तो गांव निवासी महिलाओं में चंपा ने चार बिसुवा व रजनी ने दो बीघा भूमि पर मालिकाना हक बताया। उन्होंने एसडीएम को प्रार्थनापत्र भी दिया था। राजस्व विभाग द्वारा इस प्रार्थनापत्र का निस्तारण नहीं किया गया। सोमवार को कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी। इस पर चंपा, रजनी सहित अन्य महिलाओं ने काम रुकवा दिया। पुलिस पहुंची तो महिलाओं से झड़प हो गई। बाद में रामजानकी, सविता, रजनी, सुनीता, संतोषा ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम राजेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और राजस्व कर्मियों ने पैमाइश कराई। महिलाओं को बंजर भूमि पर निर्माण होने की जानकारी दी। आश्वासन दिया कि भूमि नक्शे के आधार पर उनकी जमीन जहां भी होगी कब्जा दिलाया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि महिलाओं की भूमि अग्निशमन केंद्र के लिए प्रस्तावित बंजर भूमि पर न होकर आसपास भी हो सकती है।
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दो वर्ष पूर्व गांव मवई भान में केंद्र निर्माण के लिए भूमि प्रस्तावित की गई थी। विभाग द्वारा 10 लाख खर्च करके पानी के लिए बोरिंग व स्टोररूम का निर्माण करा दिया गया था। बाद में कुछ ग्रामीणों ने उस भूमि का पट्टा होने का दावा किया था। यह बात जांच में सही पाई गई थी। तब राजस्व विभाग के निर्देश पर अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए भूमि छोड़नी पड़ी थी। अभी भी पट्टाधारकों को उनकी भूमि नहीं मिली है। अब बृजपालपुर में केंद्र का निर्माण शुरू हुआ तो फिर महिलाओं ने भूमि पर सवाल उठा दिया।
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