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हिंदू महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष का निधन
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दिवंगत राजकुमार निगम का फाइल फोटो।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। हिंदूवादी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले विश्व हिंदू महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार निगम का गुरुवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे। उनके निधन से लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के सदर बाजार सहित अन्य बाजारों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। घर पर बेटे व अन्य परिजनों को सांत्वना देने वालों की भीड़ रही।
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार निगम गुरुवार को कानपुर पनकी मंदिर के पास कानपुर मंडल प्रभारी उमेश हिंदू द्वारा मकर संक्रांति पर आयोजित समरसता भोज में शामिल होने गए थे। वहीं कार्यक्रम के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ी। लोग उन्हें कार्डियोलॉजी लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के सदर बाजार, धवन रोड, स्टेशन रोड सहित सभी प्रमुख बजारों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। सभी दलों के प्रमुख नेता, समाजिक संगठनों के लोग और कई अधिकारी उनके आवास पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी। उनके एक बेटा राजीव निगम है। दो बेटों का देहांत हो चुका है। बेटी भारती निगम विवाहित हैं।
श्रीराम शोभा यात्रा की शुरुआत की थी
महा शिवरात्रि पर्व पर शहर में निकलने वाली विशाल शिव शोभा यात्रा, रामनवनी पर श्री राम शोभा यात्रा और 26 जनवरी को शौर्य यात्रा निकालने वाले राजकुमार निगम राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। वह 1971 से राष्ट्रीय स्वयं सवेक संघ से जुड़े। 1983 में उन्होंने महा शिवरात्रि पर्व पर विशाल शिव शोभा यात्रा की शुरुआत की। इस वार्षिक आयोजन का लगातार विस्तार करते रहे। शिव शोभा यात्रा जिले की पहचान बनी। इसमें सैकड़ों झांकियां और हजारों लोग शामिल होते हैं।
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राम मंदिर आंदोलन में 13 बार जेल गए
वर्ष 1971 में आरएसएस से जुड़े राजकुमार निगम ने 1984 में बजरंग दल के जिला संयोजक बने। 1986 में विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री और 1989 में विभाग संगठन मंत्री बने। वर्ष 2012 में योगी आदित्यनाथ ने उन्हे विश्व हिंदू महासंघ से जोड़ा। संगठन में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे राजकुमार निगम ने 1982 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के सदस्य रहे थे। समिति के अध्यक्ष ने उन्हें सत्संग प्रमुख बनाया। विभाग संगठन मंत्री रहते उन्नाव, फतेहपुर, कानपुर देहात और हरदोई के लोगों को एकजुट करके उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा बनाया। आंदोलन के दौरान 13 बार जेल गए।
सभी धर्मो के लोग करते थे सम्मान
हिंदू नेता के रूप में पहचान होने के बाद भी राज कुमार निगम सर्व धर्म संभाव को मजबूत करते रहे। शिव शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिम लीग के नेता, शहर काजी, गुरु सिंह सभा सहित अन्य धार्मिक संगठनों के लोग परंपरागत रूप से शोभा यात्रा का स्वागत और उन्हे माला पहनाकर सम्मान करते थे। मोहर्रम, बारावफात के जुलूस और गुरुगोविंद प्रकाश उत्सव सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में राज कुमार निगम अपने सहयोगियों सहित शामिल होते थे।
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वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार निगम गुरुवार को कानपुर पनकी मंदिर के पास कानपुर मंडल प्रभारी उमेश हिंदू द्वारा मकर संक्रांति पर आयोजित समरसता भोज में शामिल होने गए थे। वहीं कार्यक्रम के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ी। लोग उन्हें कार्डियोलॉजी लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के सदर बाजार, धवन रोड, स्टेशन रोड सहित सभी प्रमुख बजारों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। सभी दलों के प्रमुख नेता, समाजिक संगठनों के लोग और कई अधिकारी उनके आवास पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी। उनके एक बेटा राजीव निगम है। दो बेटों का देहांत हो चुका है। बेटी भारती निगम विवाहित हैं।
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श्रीराम शोभा यात्रा की शुरुआत की थी
महा शिवरात्रि पर्व पर शहर में निकलने वाली विशाल शिव शोभा यात्रा, रामनवनी पर श्री राम शोभा यात्रा और 26 जनवरी को शौर्य यात्रा निकालने वाले राजकुमार निगम राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। वह 1971 से राष्ट्रीय स्वयं सवेक संघ से जुड़े। 1983 में उन्होंने महा शिवरात्रि पर्व पर विशाल शिव शोभा यात्रा की शुरुआत की। इस वार्षिक आयोजन का लगातार विस्तार करते रहे। शिव शोभा यात्रा जिले की पहचान बनी। इसमें सैकड़ों झांकियां और हजारों लोग शामिल होते हैं।
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राम मंदिर आंदोलन में 13 बार जेल गए
वर्ष 1971 में आरएसएस से जुड़े राजकुमार निगम ने 1984 में बजरंग दल के जिला संयोजक बने। 1986 में विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री और 1989 में विभाग संगठन मंत्री बने। वर्ष 2012 में योगी आदित्यनाथ ने उन्हे विश्व हिंदू महासंघ से जोड़ा। संगठन में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे राजकुमार निगम ने 1982 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के सदस्य रहे थे। समिति के अध्यक्ष ने उन्हें सत्संग प्रमुख बनाया। विभाग संगठन मंत्री रहते उन्नाव, फतेहपुर, कानपुर देहात और हरदोई के लोगों को एकजुट करके उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा बनाया। आंदोलन के दौरान 13 बार जेल गए।
सभी धर्मो के लोग करते थे सम्मान
हिंदू नेता के रूप में पहचान होने के बाद भी राज कुमार निगम सर्व धर्म संभाव को मजबूत करते रहे। शिव शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिम लीग के नेता, शहर काजी, गुरु सिंह सभा सहित अन्य धार्मिक संगठनों के लोग परंपरागत रूप से शोभा यात्रा का स्वागत और उन्हे माला पहनाकर सम्मान करते थे। मोहर्रम, बारावफात के जुलूस और गुरुगोविंद प्रकाश उत्सव सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में राज कुमार निगम अपने सहयोगियों सहित शामिल होते थे।