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क्लस्टर आवंटन की जांच करेंगे सीडीओ
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उन्नाव। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को क्लस्टर (गांवों का समूह) आवंटित करने में मानकों का उल्लंघन करने की शिकायतें मिलने के बाद इसकी जांच सीडीओ को सौंपी गई है।
जिले में 1040 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 209 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की तैनाती है। इसके सापेक्ष 252 क्लस्टर बनाए गए हैं। पंचायत सचिवों की संख्या के अनुसार क्लस्टर आवंटित किए गए हैं जबकि शेष 43 का आवंटन दो व उससे अधिक सचिवों को दिया गया है। जिन सचिवों को दो क्लस्टर मिले हैं, उनमें कई ऐसे हैं जिनके बीच की दूरी ज्यादा है।
इसके अलावा चहेतों को पांच से छह गांव दे दिए गए। कुछ को दो से तीन गांव ही आवंटित किए गए। डीपीआरओ निरीश चंद्र साहू ने इसमें रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (आरएसएसी) की गलती बताई। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर डीएम रवींद्र कुमार ने सीडीओ दिव्यांशु पटेल को जांच में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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ज्वाइन न करने वाले सचिवों पर सख्ती
क्लस्टर आवंटन के बाद भी सचिवों के ज्वाइन न करने के मामले में निदेशक पंचायतीराज अनुज कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने डीपीआरओ को पत्र जारी करके निर्देश दिए हैं कि सचिवों की क्लस्टर में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। इसमें लापरवाही बरतने वाले सचिवों पर कार्रवाई भी करें।
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जिले में 1040 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 209 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की तैनाती है। इसके सापेक्ष 252 क्लस्टर बनाए गए हैं। पंचायत सचिवों की संख्या के अनुसार क्लस्टर आवंटित किए गए हैं जबकि शेष 43 का आवंटन दो व उससे अधिक सचिवों को दिया गया है। जिन सचिवों को दो क्लस्टर मिले हैं, उनमें कई ऐसे हैं जिनके बीच की दूरी ज्यादा है।
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इसके अलावा चहेतों को पांच से छह गांव दे दिए गए। कुछ को दो से तीन गांव ही आवंटित किए गए। डीपीआरओ निरीश चंद्र साहू ने इसमें रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (आरएसएसी) की गलती बताई। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर डीएम रवींद्र कुमार ने सीडीओ दिव्यांशु पटेल को जांच में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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ज्वाइन न करने वाले सचिवों पर सख्ती
क्लस्टर आवंटन के बाद भी सचिवों के ज्वाइन न करने के मामले में निदेशक पंचायतीराज अनुज कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने डीपीआरओ को पत्र जारी करके निर्देश दिए हैं कि सचिवों की क्लस्टर में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। इसमें लापरवाही बरतने वाले सचिवों पर कार्रवाई भी करें।