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Unnao News: कार मालिक, शस्त्र धारक और एसी की हवा खाने वाले निगल गए गरीबों का निवाला

Mon, 02 Dec 2024 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2024 12:38 AM IST
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Car owners, gun holders and AC air users swallowed the food of the poor
उन्नाव। पूर्ति विभाग के अफसरों ने आंख मूंद कर पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड बना डाले। 10,000 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों को गरीब दिखा दिया जिनके पास निजी मकान, कार, लाइसेंसी असलहा आदि सुविधाएं थीं। कई तो घर में एसी की ठंडी हवा भी खा रहे थे। सुविधा संपन्न ऐसे गरीब डेढ़ साल में जरूरतमंदों के हिस्से का 29,603 क्विंटल खाद्यान्न हजम कर गए। शासन के आदेश पर हुए सत्यापन में इसकी पुष्टि हुई। कारगुजारी सामने आने के बाद इन अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। रिकवरी के लिए शासन से गाइड लाइन मांगी गई है।
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जिले में कुल राशनकार्डों की संख्या लगभग 6.03 लाख है। इनमें 4.59 लाख पात्र गृहस्थी हैं। इसी साल जनवरी से पात्र गृहस्थी कार्डों का सत्यापन शुरू हुआ जो 25 नवंबर तक चला। इस दौरान 10,014 परिवार अपात्र मिले। इनमें किसी के घर में कार तो किसी के घर में एसी लगा मिला। इसके अलावा कुछ कार्डधारकों के यहां पांच केवीए का जनरेटर चल रहा था। कई परिवारों के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का आवासीय प्लाट अथवा मकान था। लाइसेंसी असलहा धारक भी पात्र गृहस्थी के कार्ड से राशन लेते मिले। गरीबों का निवाला निगल रहे ऐसे सुख-साधन संपन्न गरीबों के कार्डों को निरस्त कर दिया गया।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सत्यापन में पता चला कि अपात्रों के कार्ड जुलाई 2023 के आसपास बने थे। निरस्त किए गए 10,014 कार्डों में 32,893 यूनिट दर्ज थीं। प्रत्येक यूनिट पर प्रति माह पांच किग्रा गेहूं व चावल दिया जा रहा था। इस आधार पर डेढ़ साल में इन यूनिटों पर 29,603 क्विंटल खाद्यान्न आवंटित किया गया।
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जो कार्ड निरस्त हुए हैं उनके स्थान पर नए पात्रों का चयन करके कार्ड बनाने की तैयारी है। एआरओ मुख्यालय अखिलेश नारायण ने बताया कि अपात्रों के कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। नए आवेदनों की जांच कराई जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में रिकवरी करने का कोई आदेश नहीं है। ऐसे में शासन से गाइडलाइन मांगी गई है। (संवाद)
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