दो एमआर की मौत: करवाचौथ के दूसरे दिन पति की मौत, बदहवास पत्नी बोली- ऊपर वाले ये क्या कर दिया, पढ़ें पूरा मामला
Unnao News: सोहरामऊ एसओ अवधेश कुमार ने कार में फंसे लोगों को निकलवाया। एसओ ने बताया कि हादसे के बाद चालक कंटेनर छोड़कर भाग गया है। कंटनेर को कब्जे में लिया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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उन्नाव जिले में कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोहरामऊ थानाक्षेत्र के बजेहरा मोड़ के पास कंटेनर में लखनऊ जा रही कार भिड़ गई। हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई। जबकि दो गंभीर घायल हो गए। घायलों को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस दौरान करीब आधा घंटा तक जाम के हालात बने रहे। एक मृतक और दोनों घायल कानपुर के, एक मृतक फतेहपुर जिले का निवासी है।
कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के आशानगर गल्ला मंडी मोहल्ला निवासी चंद्रशेखर शुक्ला का पुत्र आशुतोष (35), फतेहपुर के सदर कोतवाली के मोहल्ला कलक्टरगंज के शैलेंद्र कुमार तिवारी के बेटे जय (30), कानपुर बिल्हौर निवासी गौतम कुमार सक्सेना (30) और कानपुर नौबस्ता थाना के खड़ेपुर निवासी राजा उर्फ आशुतोष गुप्ता (35) के साथ कार से लखनऊ जा रहे थे।
मीटिंग के सिलसिले में जा रहे थे लखनऊ
जानकारी के अनुसार, कार सवार जुवेंटस दवा कंपनी में एमआर हैं और मीटिंग के सिलसिले में लखनऊ जा रहे थे। आशुतोष के साले शुभम मिश्रा ने बताया कि सभी लोग लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। आशुतोष और जय तिवारी कार में आगे बैठे थे। जय गाड़ी चला रहा था। हाईवे पर एक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के वेयर हाउस में जा रहा कंटेनर मुड़ रहा था।
हादसे के बाद चालक कंटेनर छोड़कर भाग
इस दौरान चालक ने कंटेनर सीधा करने के लिए पीछे किया तो पूरी सड़क घिर गई और कार उससे भिड़ गई। सोहरामऊ एसओ अवधेश कुमार ने कार में फंसे लोगों को निकलवाया। एसओ ने बताया कि हादसे के बाद चालक कंटेनर छोड़कर भाग गया है। कंटनेर को कब्जे में लिया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चालक की तलाश की जा रही है।
करवा चौथ के दूसरे ही दिन पति का शव देख पत्नी बेहोश
हादसे में मृत आशुतोष शुक्ला पर परिवार की जिम्मेदारी थी। वह 15 साल से दवा कंपनी में काम कर रहे थे। हादसे की सूचना पर पहुंची पत्नी सीएचसी में पति का शव देकर बेहोश हो गई। अन्य परिजनों का भी बुरहाल है। हादसे की शिकार हुई कार मृतक आशुतोष शुक्ला के नाम है। मृतक के साले शुभम मिश्र ने बताया कि वह तीन भाईयों में दूसरे नंबर के थे। लेकिन बड़े भाई की डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी।
पत्नी बोली- बोली ऊपर वाले ये क्या कर दिया
परिवार की जिम्मेदारी आशुतोष पर ही थी। नवाबगंज सीएचसी पहुंची पत्नी भावना, मां मीना और पिता चंद्रशेखर बेहाल हो गए। पति का शव देख भावना सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और बेहोश होकर गिर गई। परिजनों ने पानी के छींटे मारकर होश में लाए। वह बिलखते हुए बोली ऊपर वाले ये क्या कर दिया। कल ही तो करवा चौथ का व्रत रखा था और पति की लंबी उम्र की कामना की थी। वह बार-बार यही कहती रही कि जिसके नाम की मेहंदी रचाई लंबी उम्र की कामना की उसे हमेशा के लिए छीन लिया। हे विधाता यह कैसा अन्याय किया।
भाईयों में था छोटा था जय
बेटे जय की मौत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। पिता शैलेंद्र तिवारी और अन्य परिजन सीएचसी पहुंचे। पिता ने बताया कि बेटा चार साल से दवा कंपनी में काम कर रहा था। वह दो भाईयों में छोटा था। बड़ा भाई अजय है। एक बहन है उसका विवाह हो चुका है। बेटे की मौत से मां सुमन तिवारी और अन्य परिजन बेहाल हैं।
कटर से कार के दरवाजे काटकर निकाले गए शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि कंटेनर में टकराते ही तेज धमाका हुआ और कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यही नहीं कार सवार लोग भी उसी में बुरी तरह फंस गए थे। कार सवारों को निकालने में पुलिस काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति यह हो गई कि कटर मंगाकर कार का के दरवाजों को काटना पड़ा। इस प्रक्रिया में करीब बीस मिनट लग गए। इसी दौरान दो की जान चली गई।