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बीमार न कर दे बर्क लगी बर्फी
अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:50 AM IST
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सावधान! बर्क की परत लगी मिठाई के साथ कहीं आपके पेट में एल्युमिनियम धातु तो नहीं जा रही है। मुनाफाखोरी के चक्कर में मिठाई दुकानदार चांदी की बनी बर्क की जगह एल्युमिनियम की बर्क लगा धड़ल्ले से मिठाई बेच रहे हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से पूर्व में लिए गए बर्फी के नमूनों की आई जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। बर्फी के नमूनों में एल्युमिनियम बर्क की मिलावट की पुष्टि हुई है। सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले संबंधित दुकानदारों के खिलाफ विभाग मुकदमा दर्ज कराने जा रहा है।
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पिछले साल अगस्त में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित तीन मिठाई की दुकानों पर छापा मारकर बर्क लगी बर्फी का नमूना लिया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने 28 अगस्त को सफीपुर में आदर्श कुमार की मिठाई दुकान से बर्क लगी बर्फी का सैंपल लिया था। इसके अलावा एक अन्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधा कनौजिया से बक्सर के दुर्गेश गुप्ता और पाटन के अनिल कुमार की मिठाई दुकान से भी बर्फी का नमूना भरकर जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा था। करीब छह माह बाद तीनों सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक बर्फी में एल्युमिनियम धातु से बनी बर्क का प्रयोग किया गया था। प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने बर्क में मिली भारी धातु को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने खाद्य आयुक्त से तीनों दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। कमिश्नर से अनुमति मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी दुकानदारों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में हैं। मुख्य खाद्य निरीक्षक केके त्रिपाठी ने बताया कि दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
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मिठाई से चिपके, मिठाई में घुले तो असली
एल्ुुयमिनियम व गिलट बर्क वाली मिठाईयां सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसके प्रयोग करने से कई गंभीर बीमारियों की चपेट में लोग आ सकते हैं। यहां तक की लीवर फेल्योर के साथ किडनी डैमेज हो सकती हैं। यह जानकारी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि प्राय: देखा जाता है कि दुकानदार मिठाईयों में बर्क का इस्तेमाल करते हैं। बर्क चांदी का सबसे अच्छा होता है, लेकिन यह काफी महंगा पड़ता है। ऐसे में दुकानदार इसे न खरीदकर एल्युमिनियम व गिलट का बर्क खरीदते हैं और मिठाईयों में प्रयोग करते हैं।
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पहचाने और बरतें सावधानी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक लोग मिठाइयाें की खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम के बर्क की परत काफी मोटी होती है। यह आसानी से बर्फी से उतारी जा सकती है। हाथ में लेकर रगड़ने से रोल हो जाती है। वहीं चांदी की बर्क बहुत ही हल्की होती है। यह मिठाई से चिपक जाती है। आसानी से नहीं उतरती है। यदि उतारने की कोशिश की जाती है तो वह मिठाई में ही गायब हो जाती है।