{"_id":"674cb4491bee90c1b00624a6","slug":"broken-grills-open-drains-lives-in-danger-everywhere-in-the-city-unnao-news-c-221-1-sknp1054-123425-2024-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: टूटी ग्रिल, खुले नाले... शहर में जगह-जगह जान के लाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: टूटी ग्रिल, खुले नाले... शहर में जगह-जगह जान के लाले
विज्ञापन
उन्नाव। शहर में डिवाइडरों की टूटी ग्रिल और जगह-जगह खुले नाले राहगीरों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। सड़कों पर सफेद पट्टी और संकेतक न होने से यह खतरा घना कोहरा होने पर और बढ़ जाएगा।
शहर की सड़कों से सुरक्षा के मानक नदारद हैं। मुख्य मार्ग में शुमार होने वाले मार्गों में गांधी नगर से हाईवे के गदनखेड़ा जाने वाले मार्ग के डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल, कई जगह टूटकर सड़क तक फैली है। दिन में दूर से नजर आने से लोग किसी तरह बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के वक्त अक्सर वाहन सवार इनकी चपेट में आकर चुटहिल होते हैं। जिला अस्पताल के पास डिवाइडर की टूटी ग्रिल सड़क पर आ गई है। पीडब्ल्यूडी की अनदेखी घना कोहरा पड़ने पर जानलेवा साबित हो सकती है। हाईवे जोड़ने वाली बाईपास रोड पर दिन-रात व्यस्त यातायात रहता है। इस सड़क के दोनों तरफ सफेद पट्टी नदारद है। यह स्थिति तब है जब सड़क के दोनों तरफ नाले खुले पड़े हैं। सफेद पट्टी होने से राहगीर को सड़क की चौड़ाई पता चलती है। यही हाल शहर के बीच आईबीपी चौराहा के पास, मोतीनगर और बाबूगंज का है। सफेद पट्टी न होने से कोहरे में वाहन चालकों को सड़क का अनुमान नहीं लग सकेगा और वाहन सवार गहरे नाले में गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं।
आदर्श नगर मार्ग पर करीब एक साल पहले ट्रक की टक्कर से रोड लाइट का पोल टूट गया था। पुलिस ने उसे तो हटवाकर किनारे कर दिया, लेकिन बिजली के तार खुले पड़े हैं, जो कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन न तो पीडब्ल्यूडी और न ही नगर पालिका ने इस तरफ ध्यान दिया। सड़कों पर डेरा डाले सैकड़ों मवेशी भी राहगीरों के लिए खतरा हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सड़क सुरक्षा के प्रमुख मानक
- सड़क के दोनों तरफ और क्रॉस पर सफेद (चमकने वाली) पट्टी बनी हो, ताकि रात में सड़क की चौड़ाई का पता चल सके।
- सड़क के दोनों नाले बंद होने चाहिए, ताकि कोई अनियंत्रित वाहन या पैदल जा रहा राहगीर नाले में न गिरे।
- सड़क के दोनों तरफ मार्ग संकेतक लगे हों, सड़क घेर रहे बिजली पोल और पेड़ों पर चमकीली पीली पट्टी लगी हो।
- मार्ग प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो और बिजली के पोल में तार खुले न हों, स्विच भी न लटक रहे हों।
- डिवाइडर की ग्रिल कहीं भी टूटी न हो और अवैध कट न हों, ऐसा होने पर उनकी तत्काल मरम्मत की जाए।
- सड़क पर गड्ढे न हों, जिनकी वजह से वाहन सवारों को दिक्कत हो और और हादसों का खतरा हो।
-- -
बोले जिम्मेदार
जिन सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं है। नाले खुले या डिवाइडर और उस पर लगी ग्रिल टूटी है, उनको जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। शहर के कुछ प्रमुख मार्ग नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उन्हें ठीक कराना पालिका की जिम्मेदारी है।
- सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
नगर पालिका क्षेत्र में आने वाली सड़कों के किनारे जो भी नए नाले बनवाए जा रहे हैं, उन्हें पत्थर ढालकर बंद कराया जा रहा है। जो भी पुराने नाले खुले हैं, उन्हें भी बंद कराया जाएगा। मार्ग प्रकाश के लिए लगे बिजली के पोल खराब और तार खुले हैं, उन्हें भी इसी महीने ठीक करा दिया जाएगा।
- एसके गौतम, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
शहर की सड़कों से सुरक्षा के मानक नदारद हैं। मुख्य मार्ग में शुमार होने वाले मार्गों में गांधी नगर से हाईवे के गदनखेड़ा जाने वाले मार्ग के डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल, कई जगह टूटकर सड़क तक फैली है। दिन में दूर से नजर आने से लोग किसी तरह बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के वक्त अक्सर वाहन सवार इनकी चपेट में आकर चुटहिल होते हैं। जिला अस्पताल के पास डिवाइडर की टूटी ग्रिल सड़क पर आ गई है। पीडब्ल्यूडी की अनदेखी घना कोहरा पड़ने पर जानलेवा साबित हो सकती है। हाईवे जोड़ने वाली बाईपास रोड पर दिन-रात व्यस्त यातायात रहता है। इस सड़क के दोनों तरफ सफेद पट्टी नदारद है। यह स्थिति तब है जब सड़क के दोनों तरफ नाले खुले पड़े हैं। सफेद पट्टी होने से राहगीर को सड़क की चौड़ाई पता चलती है। यही हाल शहर के बीच आईबीपी चौराहा के पास, मोतीनगर और बाबूगंज का है। सफेद पट्टी न होने से कोहरे में वाहन चालकों को सड़क का अनुमान नहीं लग सकेगा और वाहन सवार गहरे नाले में गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन
आदर्श नगर मार्ग पर करीब एक साल पहले ट्रक की टक्कर से रोड लाइट का पोल टूट गया था। पुलिस ने उसे तो हटवाकर किनारे कर दिया, लेकिन बिजली के तार खुले पड़े हैं, जो कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन न तो पीडब्ल्यूडी और न ही नगर पालिका ने इस तरफ ध्यान दिया। सड़कों पर डेरा डाले सैकड़ों मवेशी भी राहगीरों के लिए खतरा हैं।
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा के प्रमुख मानक
- सड़क के दोनों तरफ और क्रॉस पर सफेद (चमकने वाली) पट्टी बनी हो, ताकि रात में सड़क की चौड़ाई का पता चल सके।
- सड़क के दोनों नाले बंद होने चाहिए, ताकि कोई अनियंत्रित वाहन या पैदल जा रहा राहगीर नाले में न गिरे।
- सड़क के दोनों तरफ मार्ग संकेतक लगे हों, सड़क घेर रहे बिजली पोल और पेड़ों पर चमकीली पीली पट्टी लगी हो।
- मार्ग प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो और बिजली के पोल में तार खुले न हों, स्विच भी न लटक रहे हों।
- डिवाइडर की ग्रिल कहीं भी टूटी न हो और अवैध कट न हों, ऐसा होने पर उनकी तत्काल मरम्मत की जाए।
- सड़क पर गड्ढे न हों, जिनकी वजह से वाहन सवारों को दिक्कत हो और और हादसों का खतरा हो।
बोले जिम्मेदार
जिन सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं है। नाले खुले या डिवाइडर और उस पर लगी ग्रिल टूटी है, उनको जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। शहर के कुछ प्रमुख मार्ग नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उन्हें ठीक कराना पालिका की जिम्मेदारी है।
- सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
नगर पालिका क्षेत्र में आने वाली सड़कों के किनारे जो भी नए नाले बनवाए जा रहे हैं, उन्हें पत्थर ढालकर बंद कराया जा रहा है। जो भी पुराने नाले खुले हैं, उन्हें भी बंद कराया जाएगा। मार्ग प्रकाश के लिए लगे बिजली के पोल खराब और तार खुले हैं, उन्हें भी इसी महीने ठीक करा दिया जाएगा।
- एसके गौतम, ईओ नगर पालिका