{"_id":"c70e346bdac43469ccae733f1ffa3340","slug":"brick-kiln-owners-of-40-million-loss-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंट भट्ठा मालिकों को 40 करोड़ की चोट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंट भट्ठा मालिकों को 40 करोड़ की चोट
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असोहा/उन्नाव। बेमौसम की बारिश ईंट व्यवसाय पर भी गाज बनकर गिरी है। जिले के करीब 200 ईंट भट्ठों में पाथकर रखी गई कच्ची ईंटें नष्ट हो र्गइं हैं। इससे ईंट भट्ठा मालिकों को करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगा है। भट्ठा मालिकों को हुए इस नुकसान के चलते इस उद्योग से जुड़े मजदूरों को भी मेहनताना मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
उधर, भट्ठा संचालकों की मानें तो मौजूदा समय में चल रहे ईंट के रेट में भी खासा इजाफा होने के आसार हैं। पथी ईंट के खराब होने से हुए नुकसान व इसकी दोबारा भराई, पथाई व निकासी में होने वाली देरी से ईंट के दामों में बढ़ोत्तरी होना तय है।
असोहा स्थित विकास ब्रिक फील्ड मझखोरिया के मालिक विकास अवस्थी ने बताया कि बारिश में करीब 5 लाख से अधिक कर्च्ची इंटें बेकार हो गई हैं। परंतु हम लोगों का श्रमिकों को खाने का तो भुगतान करना पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते श्रमिक रुक नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
वर्षा के चलते भट्ठा मालिकों को लाखों को नुकसान हुआ है। ईंट व्यापारी संजय मिश्रा व राधा किशन अवस्थी की मानें तो हर साल जनवरी के पहले हफ्ते से ही ईंट की भराई शुरू हो जाती है। लेकिन जनवरी से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से ईंट की पथाई प्रभावित हो रही थी।
इधर, कुछ दिनों से मौसम खुला था तो ईंट की पथाई जोराें पर थी। लेकिन बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद रविवार की तेज बारिश से तैयार रखी सारी कच्ची ईंट बह गई। इससे उनके भट्ठों में लाखों की संख्या में कच्ची ईंट बर्बाद हो गई हैं। बताया कि इससे उनका लगभग 10-12 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा यदि लेबर चार्ज को जोड़ दिया जाए तो कुल नुकसान 20 लाख से ज्यादा पहुंच जाएगा।
महंगा हो सकता है आशियाना बनवाना
उन्नाव। ईंट भट्ठा यूनियन के अध्यक्ष राधे मिश्रा ने बताया कि बारिश होने के बाद अब ईंट की भराई और फिर इसकी निकासी में लगभग एक माह से अधिक का समय लग जाएगा। खराब हो गई ईंट को दोबारा पथवाना होगा और फिर इसकी भराई हो पाएगी। इस बीच ईंट तैयार न हो पाने से इसके दामों में बढ़ोत्तरी होना तो तय है। इससे आम आदमी के लिए आशियाना बना पाना काफी मंहगा पड़ सकता है।
जिले में ईंट भट्ठों की स्थिति
उन्नाव। जिले में वर्तमान में लगभग 200 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं। इनमें करीब 80 करोड़ सालाना का व्यवसाय होता है। इन भट्ठों में लगभग 40 से 50 हजार मजदूर काम करते हैं। इन सभी से सरकार को लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि राजस्व के रूप में प्राप्त होती है।
विज्ञापन
उधर, भट्ठा संचालकों की मानें तो मौजूदा समय में चल रहे ईंट के रेट में भी खासा इजाफा होने के आसार हैं। पथी ईंट के खराब होने से हुए नुकसान व इसकी दोबारा भराई, पथाई व निकासी में होने वाली देरी से ईंट के दामों में बढ़ोत्तरी होना तय है।
विज्ञापन
असोहा स्थित विकास ब्रिक फील्ड मझखोरिया के मालिक विकास अवस्थी ने बताया कि बारिश में करीब 5 लाख से अधिक कर्च्ची इंटें बेकार हो गई हैं। परंतु हम लोगों का श्रमिकों को खाने का तो भुगतान करना पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते श्रमिक रुक नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
वर्षा के चलते भट्ठा मालिकों को लाखों को नुकसान हुआ है। ईंट व्यापारी संजय मिश्रा व राधा किशन अवस्थी की मानें तो हर साल जनवरी के पहले हफ्ते से ही ईंट की भराई शुरू हो जाती है। लेकिन जनवरी से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से ईंट की पथाई प्रभावित हो रही थी।
इधर, कुछ दिनों से मौसम खुला था तो ईंट की पथाई जोराें पर थी। लेकिन बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद रविवार की तेज बारिश से तैयार रखी सारी कच्ची ईंट बह गई। इससे उनके भट्ठों में लाखों की संख्या में कच्ची ईंट बर्बाद हो गई हैं। बताया कि इससे उनका लगभग 10-12 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा यदि लेबर चार्ज को जोड़ दिया जाए तो कुल नुकसान 20 लाख से ज्यादा पहुंच जाएगा।
महंगा हो सकता है आशियाना बनवाना
उन्नाव। ईंट भट्ठा यूनियन के अध्यक्ष राधे मिश्रा ने बताया कि बारिश होने के बाद अब ईंट की भराई और फिर इसकी निकासी में लगभग एक माह से अधिक का समय लग जाएगा। खराब हो गई ईंट को दोबारा पथवाना होगा और फिर इसकी भराई हो पाएगी। इस बीच ईंट तैयार न हो पाने से इसके दामों में बढ़ोत्तरी होना तो तय है। इससे आम आदमी के लिए आशियाना बना पाना काफी मंहगा पड़ सकता है।
जिले में ईंट भट्ठों की स्थिति
उन्नाव। जिले में वर्तमान में लगभग 200 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं। इनमें करीब 80 करोड़ सालाना का व्यवसाय होता है। इन भट्ठों में लगभग 40 से 50 हजार मजदूर काम करते हैं। इन सभी से सरकार को लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि राजस्व के रूप में प्राप्त होती है।