{"_id":"6129440d8ebc3e7a2519a74d","slug":"bed-entrance-exam-result-declared-pragya-ranked-second-in-the-state-in-women-s-category","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएड प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित: उन्नाव की प्रज्ञा को महिला वर्ग में प्रदेश में दूसरा स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएड प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित: उन्नाव की प्रज्ञा को महिला वर्ग में प्रदेश में दूसरा स्थान
Sat, 28 Aug 2021 01:31 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 28 Aug 2021 01:31 AM IST
विज्ञापन
परीक्षा रिजल्ट 2021
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएड प्रवेश परीक्षा 2021-23 के घोषित परीक्षा परिणाम में जिले की बेटी ने सफलता का परचम लहराया है। बीघापुर के दांदामऊ गांव निवासी प्रज्ञा गुप्ता ने महिलाओं में प्रदेश में दूसरा स्थान और प्रदेश की मेरिट लिस्ट में 20वां स्थान पाया है। प्रज्ञा ने पहले पेपर में 162.667 और दूसरे में 165.333 अंक हासिल किए।
उन्होंने दोनों परीक्षा में कुल 328 अंक हासिल किए हैं। बीएड प्रवेश परीक्षा में जिले में 3930 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 3581 परीक्षा में शामिल हुए थे। शुक्रवार को घोषित हुए नतीजों में 3539 परीक्षार्थी सफल रहे। 42 परीक्षार्थी सफल नहीं हो पाए।
विज्ञापन
उन्होंने दोनों परीक्षा में कुल 328 अंक हासिल किए हैं। बीएड प्रवेश परीक्षा में जिले में 3930 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 3581 परीक्षा में शामिल हुए थे। शुक्रवार को घोषित हुए नतीजों में 3539 परीक्षार्थी सफल रहे। 42 परीक्षार्थी सफल नहीं हो पाए।
विज्ञापन
पिता की किराना की दुकान
प्रज्ञा के पिता रामआसरे गुप्ता की लालकुआं चौराहा पर किराना की दुकान है। तीन भाई व बहनों में प्रज्ञा दूसरे नंबर की हैं। प्रज्ञा अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़ी बहन को देती हैं। बताया कि उन्होंने कोचिंग नहीं की। घर पर ही एसएससी की तैयारी कर रही थीं।
बीएड का फार्म आया तो भर दिया था। प्रज्ञा ने बताया कि हाईस्कूल में 92.5 और इंटर में 91.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। बड़ी बहन स्नेहिल गुप्ता शिक्षिका हैं। इस समय वह हरदोई जिले में तैनात हैं। छोटा भाई रितिक गुप्ता बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
प्रज्ञा के पिता रामआसरे ने बताया कि अभावों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कभी बेटी और बेटों में फर्क नहीं किया। बेटियों को भी बेटे की तरह ही पाला है। मां सुनीता ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की सफलता पर नाज है।
प्रज्ञा के पिता रामआसरे गुप्ता की लालकुआं चौराहा पर किराना की दुकान है। तीन भाई व बहनों में प्रज्ञा दूसरे नंबर की हैं। प्रज्ञा अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़ी बहन को देती हैं। बताया कि उन्होंने कोचिंग नहीं की। घर पर ही एसएससी की तैयारी कर रही थीं।
बीएड का फार्म आया तो भर दिया था। प्रज्ञा ने बताया कि हाईस्कूल में 92.5 और इंटर में 91.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। बड़ी बहन स्नेहिल गुप्ता शिक्षिका हैं। इस समय वह हरदोई जिले में तैनात हैं। छोटा भाई रितिक गुप्ता बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
प्रज्ञा के पिता रामआसरे ने बताया कि अभावों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कभी बेटी और बेटों में फर्क नहीं किया। बेटियों को भी बेटे की तरह ही पाला है। मां सुनीता ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की सफलता पर नाज है।