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अपनों के लिए ही बोझ बन गई बिटिया
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:21 AM IST
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Daughter suffering
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोमवार सुबह नौ बजे आड़ाखेड़ा नहर पुल पर किशोरी को राहगीरों ने रोता देखा तो उससे पूछताछ की। उसने अपना नाम शालिनी देवी (12) बताया। किशोरी ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं है। चाचा का नाम राकेश पासवान व चचेरे भाई का नाम सोनू बताया। किशोरी ने बताया कि चाचा उसे कभी घर से बाहर नहीं जाने देते। आज तक स्कूल भी नहीं भेजा। सुबह शालिनी से सोनू ने नानी के यहां चलने की बात कहकर बाइक से नहर पुल पर आया और उसे उतार दिया। इसके बाद अभी आता हूं, कहकर चला गया। दोपहर तीन बजे तक वह पुल पर बैठकर रोती रही। इस बीच आजाद नगर निवासी मुरारी पासवान की बच्ची पर नजर पड़ी। उसने पुलिस को सूचना दी। लड़की अपने गांव का नाम नहीं बता सकी। पुलिस व नगर पंचायत सदस्य राज पटेल ने लड़की को बीघापुर निवासी कमलेश पुत्र चंद्रिकापाल के सुपुर्द कर दिया। लड़की को पढ़ाने-लिखाने व उसका पालन पोषण करने के लिए कई लोग तैयार रहे।