{"_id":"68545a4e86417d60aa06af14","slug":"balamau-passenger-halted-for-42-minutes-due-to-soil-ballast-sliding-under-the-tracks-unnao-news-c-221-1-uno1004-132857-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: पटरियों के नीचे की खिसकी मिट्टी-गिट्टी 42 मिनट रुकी बालामऊ पैसेंजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: पटरियों के नीचे की खिसकी मिट्टी-गिट्टी 42 मिनट रुकी बालामऊ पैसेंजर
Fri, 20 Jun 2025 12:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
सफीपुर/फतेहपुर चौरासी। कानपुर से चलकर बालामऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन गुरुवार शाम 5:10 बजे सफीपुर और ऊगू के बीच दरौली रज्जाकपुर गांव के पास पहुंची थी, तभी मवेशी चरा रहे युवकों ने ट्रैक के नीचे से गिट्टी-मिट्टी हटी देखी। लाल कपड़ा दिखाकर चालक को खतरा होने का इशारा दिया। चालक ने ट्रेन रोकी। 50 मीटर आगे जाकर देखा और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। तकनीकी टीम पहुंची और ट्रैक को दुरुस्त किया। इसके बाद 5:52 बजे ट्रेन आगे रवाना हो सकी। सेक्शन इंजीनियर ने बताया सफीपुर सहित कई स्थानों पर ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा है। ट्रेनों को 40 किलोमीटर की रफ्तार के कॉशन से चलाया जा रहा है। मशीनों की आवाजाही से मिट्टी-गिट्टी हटी थी, कोई खास बात नहीं रही।
कानपुर से चलकर उन्नाव होते हुए बालामऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 54336 उन्नाव जंक्शन से शाम 3:36 बजे सफीपुर की ओर रवाना हुई। पटियारा, माखी, मेथीटीकुर होते हुए शाम 5:01 बजे सफीपुर स्टेशन पहुंची। चार मिनट बाद रवाना हुई और दरौली गांव के सामने पहुंची तभी यहां खड़े युवक ने लाल रंग की टीशर्ट लहराते हुए चालक को खतरा होने का इशारा किया। चालक ने ट्रेन धीमी की और 5:10 बजे खतरे वाले स्थान से करीब 50 मीटर पहले ट्रेन को रोका। उतरकर युवक के साथ उस खतरे वाले स्थान को देखा तो करीब दो फीट के दायरे में पटरियों के नीचे की मिट्टी-गिट्टी हटी थीं। इससे पटरी के दबने का खतरा हो सकता था। इसके बाद चालक ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
सफीपुर में ट्रैक की मरम्मत का काम करा रहे सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र कुमार पटेल टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने ट्रैक को दुरुस्त किया। इसके बाद 42 मिनट बाद ट्रेन को धीमी रफ्तार से बालामऊ की ओर रवाना किया गया। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि कोई खतरे वाली बात नहीं थी, मशीनों की आवाजाही के दौरान गिट्टी हटने के अनुमान है। वैसे भी इस रेल मार्ग पर कई जगह मरम्मत का काम चल रहा है। ट्रेनों को कॉशन के साथ निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
यात्रियों में अफरा तफरी
बीच रास्ते में अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में खलबली मच गई। यात्री ट्रेन से उतर गए और जब ट्रेन रुकने का कारण और कोई खतरा न होने की जानकारी मिली तब राहत की सांस ली। आसपास क्षेत्र में रहने वाले कई यात्री दूसरे साधनों से गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
कानपुर से चलकर उन्नाव होते हुए बालामऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 54336 उन्नाव जंक्शन से शाम 3:36 बजे सफीपुर की ओर रवाना हुई। पटियारा, माखी, मेथीटीकुर होते हुए शाम 5:01 बजे सफीपुर स्टेशन पहुंची। चार मिनट बाद रवाना हुई और दरौली गांव के सामने पहुंची तभी यहां खड़े युवक ने लाल रंग की टीशर्ट लहराते हुए चालक को खतरा होने का इशारा किया। चालक ने ट्रेन धीमी की और 5:10 बजे खतरे वाले स्थान से करीब 50 मीटर पहले ट्रेन को रोका। उतरकर युवक के साथ उस खतरे वाले स्थान को देखा तो करीब दो फीट के दायरे में पटरियों के नीचे की मिट्टी-गिट्टी हटी थीं। इससे पटरी के दबने का खतरा हो सकता था। इसके बाद चालक ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
विज्ञापन
सफीपुर में ट्रैक की मरम्मत का काम करा रहे सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र कुमार पटेल टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने ट्रैक को दुरुस्त किया। इसके बाद 42 मिनट बाद ट्रेन को धीमी रफ्तार से बालामऊ की ओर रवाना किया गया। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि कोई खतरे वाली बात नहीं थी, मशीनों की आवाजाही के दौरान गिट्टी हटने के अनुमान है। वैसे भी इस रेल मार्ग पर कई जगह मरम्मत का काम चल रहा है। ट्रेनों को कॉशन के साथ निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
यात्रियों में अफरा तफरी
बीच रास्ते में अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में खलबली मच गई। यात्री ट्रेन से उतर गए और जब ट्रेन रुकने का कारण और कोई खतरा न होने की जानकारी मिली तब राहत की सांस ली। आसपास क्षेत्र में रहने वाले कई यात्री दूसरे साधनों से गंतव्य के लिए रवाना हो गए।