{"_id":"604f778a8ebc3ecbac066553","slug":"attempt-to-self-immolate-with-wife-and-children-in-collectorate-unnao-news-knp617768819","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलक्ट्रेट में पत्नी व बच्चों सहित आत्मदाह की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलक्ट्रेट में पत्नी व बच्चों सहित आत्मदाह की कोशिश
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में जानकारी देता किसान राजेश।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। पट्टे पर मिली जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण शुरू होने से नाराज किसान ने कलक्ट्रेट पहुंचकर पत्नी, बच्चों सहित आत्मदाह का प्रयास किया। घटना से कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई। एडीएम व अन्य अधिकारी भागकर पहुंचे और केरोसिन (मिट्टी का तेल) की पिपिया और माचिस छीनी। एडीएम ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। किसान के मुताबिक उसे 1994 में यह जमीन पट्टे में मिली थी।
सफीपुर तहसील के गांव पहलीखेड़ा जटपुरवा निवासी राजेश कुमार, पत्नी राजेश्वरी, दस साल के बेटे शिवा और पांच साल की बेटी शिवानी के साथ दोपहर 1:30 बजे कलक्ट्रेट पहुंचा। एडीएम कार्यालय के सामने थैले से केरोसिन की पिपिया निकाल कर खुद पर छिड़क लिया।
पत्नी और बच्चों पर भी तेल डाल रहा था। तभी लोगों की नजर पड़ गई तो रोकने की कोशिश की। शोर सुनकर एडीएम राकेश कुमार सिंह भी कार्यालय से बाहर निकले। पुलिस कर्मियों ने किसान के हाथ से तेल की पिपिया और माचिस छीन ली। राजेश ने एडीएम को बताया कि 1994 में उसे एक बिसुआ जमीन का आवासीय पट्टा हुआ था। गरीबी के कारण वह मकान नहीं बनवा सका।
विज्ञापन
हालांकि इसी जमीन पर उसका कुआं, हैंडपंप और छप्पर हैं लेकिन गांव में गुटबाजी के चलते उसकी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराकर आशियाना छीना जा रहा है। उसने सफीपुर एसडीएम से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया तो थाने से भी उसे ही जेल में डालने की धमकी देकर भगा दिया गया।
एडीएम ने सफीपुर एसडीएम को मौके पर जाकर जांच करने और शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में पैमाइश हुई थी। जमीन ग्राम समाज की है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए चिह्नित की गई है। नींव खुदाई का काम रुकवा दिया गया है। लेखपाल को गांव में कहीं और जमीन तलाशने को कहा है।
विज्ञापन
सफीपुर तहसील के गांव पहलीखेड़ा जटपुरवा निवासी राजेश कुमार, पत्नी राजेश्वरी, दस साल के बेटे शिवा और पांच साल की बेटी शिवानी के साथ दोपहर 1:30 बजे कलक्ट्रेट पहुंचा। एडीएम कार्यालय के सामने थैले से केरोसिन की पिपिया निकाल कर खुद पर छिड़क लिया।
विज्ञापन
पत्नी और बच्चों पर भी तेल डाल रहा था। तभी लोगों की नजर पड़ गई तो रोकने की कोशिश की। शोर सुनकर एडीएम राकेश कुमार सिंह भी कार्यालय से बाहर निकले। पुलिस कर्मियों ने किसान के हाथ से तेल की पिपिया और माचिस छीन ली। राजेश ने एडीएम को बताया कि 1994 में उसे एक बिसुआ जमीन का आवासीय पट्टा हुआ था। गरीबी के कारण वह मकान नहीं बनवा सका।
विज्ञापन
हालांकि इसी जमीन पर उसका कुआं, हैंडपंप और छप्पर हैं लेकिन गांव में गुटबाजी के चलते उसकी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराकर आशियाना छीना जा रहा है। उसने सफीपुर एसडीएम से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया तो थाने से भी उसे ही जेल में डालने की धमकी देकर भगा दिया गया।
एडीएम ने सफीपुर एसडीएम को मौके पर जाकर जांच करने और शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में पैमाइश हुई थी। जमीन ग्राम समाज की है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए चिह्नित की गई है। नींव खुदाई का काम रुकवा दिया गया है। लेखपाल को गांव में कहीं और जमीन तलाशने को कहा है।