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कलेजे पर पत्थर रख खुद चला रहे आशियाने पर ‘हथौड़े’

Fri, 13 May 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Fri, 13 May 2016 12:27 AM IST
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Asiane keep running itself on liver stone "hammers"
प्रशासन की सख्ती के बाद स्वयं ही अपना निर्माण गिरवाते भवन स्वामी - फोटो : अमर उजाला
 शहर के छोटा चौराहा से अताउल्ला नाला तक 200 मीटर मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आने वाले निर्माणों को  जिला प्रशासन के  फरमान  के बाद लोगों ने खुद तोड़ना शुरू कर दिया है। यह कलेजे पर पत्थर रख  अपने आशियानों पर हथौड़ा चला रहे हैं। कई दशकों से यहां रहकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे बेबस लोग कहीं और कूच करने की तैयारी करने लगे हैं।  भवन स्वामी जहां अपने मकानों से खिड़की, दरवाजे निकलवा रहे हैं वहीं दुकानदारों ने  सामान की पैकिंग शुरू कर दी है।
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 छोटा चौराहा से अताउल्ला नाला तक ध्वस्तीकरण अभियान पर प्रशासन की  मुहर लगने के बाद लोगों ने हथियार डाल दिए। कई नोटिसों के बाद मंगलवार को प्रशासन ने लोगों को  अपने निर्माण स्वयं तोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद भवन स्वामियों व दुकानदारों ने कीमती सामान को हटाना शुरू कर दिया है।  मकानों की खिड़कियां, दरवाजे व रेलिंग हटाई जा रही है। लोगों का मानना है कि मकान तो टूटना ही है यदि जेसीबी इसे गिराएगी तो दरवाजे व रेलिंग बेकार हो जाएंगे । वहीं यहां के दुकानदारों ने भी दुकान के सामान की पैकिंग शुरू कर दी है।
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हटेंगे जद में आने वाले मंदिर
 सड़क चौड़ीकरण की जद में रोड किनारे बने कई मंदिर आ रहे हैं। इनमें  देवी-देवताओं की मूर्तियां  स्थापित हैं।  हिंदू संगठनों ने इन मंदिरों को तोड़ने से पहले मूर्तियां दूसरी जगह स्थापित करने की मांग की है।  प्रशासन ने इन पर जेसीबी न चलाकर सहूलियत से हटवाने का आश्वासन दिया है। ध्वस्तीकरण के दौरान इन मंदिरों का भी अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
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सोचा न था कि टूट जाएगा घर
 छोटा चौराहा मार्ग पर रहकर किराने की दुकान चलाने वाले कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि उनका मकान सन 1938 में  पिता के बाबा ने बनवाया था। तभी से इसमें परिवार के साथ रहकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। अब इसके टूटने से जीवन में कोई आस नहीं बची है।

परिचय-बर्तन व्यवसायी विजय शंकर।
छूट जाएंगी 70 साल पुरानी यादें
अताउल्ला नाला के पास बर्तन की दुकान लगाने वाले विजय शंकर ने बताया कि उनका मकान करीब 70 साल पुराना है। वह लोग यहां पर अपने बचपन से रहते आ रहे हैं। यहीं रहकर उनके बुजुर्गों ने व्यापार किया है। अब मार्ग चौड़ीकरण में व्यापार और पुरानी यादें यहीं छूट जाएंगी।


अगले हफ्ते से शुरू होगा ध्वस्तीकरण
 चौड़ीकरण की जद में आ रहे भवन स्वामियों व दुकानदारों को इस सप्ताह के भीतर अपने निर्माण व सामान हटाने का समय है। इसके बाद अगले सप्ताह से सभी निर्माणों को तय सीमा तक जेसीबी से गिरवा दिया जाएगा।
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