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Unnao News: तेज रफ्तार डंपर जेसीबी से टकराया कारीगर की मौत
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय के सामने तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर एक दुकान के बाहर खड़ी जेसीबी से टकरा गया। हादसे में एक की दबकर मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
सदर कोतवाली के मोहल्ला भरत मिलाप निवासी मुकेश प्रजापति का बेटा विशाल (18) शाहगंज मोहल्ला निवासी सुनील कुमार (35) के साथ सदर हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय के पास वाहनों में शीशा लगाने वाली दुकान में कारीगर करता था। गुरुवार शाम हसनगंज कोतवाली के चंदौली गांव निवासी गोलू उर्फ अंकित (23) महाकाल इंफ्रास्ट्रक्चर की जेसीबी की फिटनेस कराने आया था। उसके साथ गांव का ही छोटू (20) भी था।
एआरटीओ कार्यालय में आरआई ने जांच के बाद जेसीबी के आगे का शीश चिटका होने पर उसे बदलवाने के लिए कहा। इस पर अंकित एआरटीओ कार्यालय के बगल में ही शीशा लगाने वाली दुकान पर पहुंचा। विशाल और सुनील जेसीबी में शीशा लगाने लगे और चालक अंकित और उसका साथी छोटू पास में ही खड़े हो गए। तभी लखनऊ की ओर से आ रहा तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर जेसीबी से टकरा गया। हादसे में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस ने सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने विशाल को मृत घोषित कर दिया। अन्य की हालत गंभीर देख हैलट रेफर कर दिया गया। जेसीबी चालक अंकित ने बताया कि छोटू घरों में पुट्टी लगाने का काम करता है। विशाल की मौत की सूचना मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। बेटे की मौत से पिता, मां पिंकी, छोटा भाई तन्नू और बहन चिंकी बेहाल हैं। कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि डंपर की टक्कर से हादसा हुआ है। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया है।
पिता का हाथ बंटाने के लिए पढ़ाई के साथ करता था काम
हादसे में जान गंवाने वाला विशाल काम के साथ पढ़ाई भी करता था। वह इंटरमीडिएट का छात्र था। पिता मूंगफली का ठेला लगाते हैं। पिता का हाथ बंटाने के लिए उसने यह काम शुरू किया था। इससे परिवार के साथ पढ़ाई का भी खर्च निकल आता था। लेकिन इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की मां पिंकी बेटे का शव देखकर बेहाेश हो गईं। साथ रहे अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला। पानी के छींटे डालकर होश में लाया गया।
डंपर जेसीबी से न टकराता तो होता बड़ा हादसा
शीशा लगाने की दुकान हाईवे से करीब 10 फिट पीछे है। उसके पीछे हाईटेंशन लाइन का खंभा लगा है। डंपर तेज रफ्तार में जेसीबी से आकर भिड़ा। अगर जेसीबी न खड़ी होती तो वह दुकान को तोड़ते हुए हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा जाता। इससे हादसा और बड़ा हो सकता था।
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सदर कोतवाली के मोहल्ला भरत मिलाप निवासी मुकेश प्रजापति का बेटा विशाल (18) शाहगंज मोहल्ला निवासी सुनील कुमार (35) के साथ सदर हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय के पास वाहनों में शीशा लगाने वाली दुकान में कारीगर करता था। गुरुवार शाम हसनगंज कोतवाली के चंदौली गांव निवासी गोलू उर्फ अंकित (23) महाकाल इंफ्रास्ट्रक्चर की जेसीबी की फिटनेस कराने आया था। उसके साथ गांव का ही छोटू (20) भी था।
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एआरटीओ कार्यालय में आरआई ने जांच के बाद जेसीबी के आगे का शीश चिटका होने पर उसे बदलवाने के लिए कहा। इस पर अंकित एआरटीओ कार्यालय के बगल में ही शीशा लगाने वाली दुकान पर पहुंचा। विशाल और सुनील जेसीबी में शीशा लगाने लगे और चालक अंकित और उसका साथी छोटू पास में ही खड़े हो गए। तभी लखनऊ की ओर से आ रहा तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर जेसीबी से टकरा गया। हादसे में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस ने सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने विशाल को मृत घोषित कर दिया। अन्य की हालत गंभीर देख हैलट रेफर कर दिया गया। जेसीबी चालक अंकित ने बताया कि छोटू घरों में पुट्टी लगाने का काम करता है। विशाल की मौत की सूचना मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। बेटे की मौत से पिता, मां पिंकी, छोटा भाई तन्नू और बहन चिंकी बेहाल हैं। कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि डंपर की टक्कर से हादसा हुआ है। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया है।
पिता का हाथ बंटाने के लिए पढ़ाई के साथ करता था काम
हादसे में जान गंवाने वाला विशाल काम के साथ पढ़ाई भी करता था। वह इंटरमीडिएट का छात्र था। पिता मूंगफली का ठेला लगाते हैं। पिता का हाथ बंटाने के लिए उसने यह काम शुरू किया था। इससे परिवार के साथ पढ़ाई का भी खर्च निकल आता था। लेकिन इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की मां पिंकी बेटे का शव देखकर बेहाेश हो गईं। साथ रहे अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला। पानी के छींटे डालकर होश में लाया गया।
डंपर जेसीबी से न टकराता तो होता बड़ा हादसा
शीशा लगाने की दुकान हाईवे से करीब 10 फिट पीछे है। उसके पीछे हाईटेंशन लाइन का खंभा लगा है। डंपर तेज रफ्तार में जेसीबी से आकर भिड़ा। अगर जेसीबी न खड़ी होती तो वह दुकान को तोड़ते हुए हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा जाता। इससे हादसा और बड़ा हो सकता था।