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उन्नाव में 31 साल से फरार उम्रकैद का सजायाफ्ता गिरफ्तार
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31 साल बाद अजगैन पुलिस की गिरफ्त में सजायाफ्ता शेष नारायण।
- फोटो : UNNAO
नवाबगंज (उन्नाव)। गांव के एक युवक की हत्या में उम्रकैद की सजा होने पर हाईकोर्ट से जमानत पर छूटा उम्रकैदी 31 साल बाद गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार रात को पुलिस ने उसे सोनिक के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मध्यप्रदेश के दतिया स्थित पीतांबरा पीठ का सेवादार बनकर साधुवेश में रह रहा था। उसने उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कई जिलों में पूजा पाठ के जरिए अपने हजारों अनुयायी भी बना रखे हैं।
अजगैन थाना क्षेत्र के धीरखेड़ा मजरा संदाना गांव निवासी किसान बाबू सिंह की वर्ष 1982 में जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजनों ने गांव के शेष नारायण उर्फ रामकुमार शर्मा पुत्र कुंवारे समेत 10 लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 1984 को लखनऊ उच्च न्यायालय ने नामजद सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। छह साल की सजा काटने के बाद कैदी शेषनारायण ने 13 फरवरी 1988 को जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील की।
जमानत मंजूर होने पर वह जेल से छूटकर फरार हो गया और वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। कई गिरफ्तारी वारंट जारी हुए लेकिन पुलिस के हाथ नहीं आया। इसी मुकदमे में 11 सितंबर 2019 को सुनवाई होनी है। उच्च न्यायालय ने एक बार फिर गिरफ्तारी वारंट जारी किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शेषनारायण की तलाश शुरू की। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शेषनारायण को मध्यप्रदेश के दतिया जिले से गिरफ्तार किया। हालांकि अजैगन एसओ अजयराज वर्मा के मुताबिक उसे सोनिक मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लाइन सभागार में एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने प्रेस वार्ता कर आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
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अजगैन थाना क्षेत्र के धीरखेड़ा मजरा संदाना गांव निवासी किसान बाबू सिंह की वर्ष 1982 में जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजनों ने गांव के शेष नारायण उर्फ रामकुमार शर्मा पुत्र कुंवारे समेत 10 लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 1984 को लखनऊ उच्च न्यायालय ने नामजद सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। छह साल की सजा काटने के बाद कैदी शेषनारायण ने 13 फरवरी 1988 को जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील की।
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जमानत मंजूर होने पर वह जेल से छूटकर फरार हो गया और वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। कई गिरफ्तारी वारंट जारी हुए लेकिन पुलिस के हाथ नहीं आया। इसी मुकदमे में 11 सितंबर 2019 को सुनवाई होनी है। उच्च न्यायालय ने एक बार फिर गिरफ्तारी वारंट जारी किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शेषनारायण की तलाश शुरू की। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शेषनारायण को मध्यप्रदेश के दतिया जिले से गिरफ्तार किया। हालांकि अजैगन एसओ अजयराज वर्मा के मुताबिक उसे सोनिक मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लाइन सभागार में एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने प्रेस वार्ता कर आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
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