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Unnao News: कल्याणी नदी में पानी के बहाव को बनाए रखने के लिए बढ़ सकता है एक और चेकडैम
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उन्नाव। कल्याणी नदी में पानी की निरतंरता बनाए रखने के लिए एक और नया चेकडैम बनाने की तैयारी की जा रही है।
पूर्व में दो चेकडैम फाइनल किए गए थे। अब एक और चेकडैम बनाने के लिए उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं।
हरदोई के माधौगंज की एक झील से निकलने वाली कल्याणी नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। पड़ोसी जिले हरदोई और उन्नाव के पांच ब्लॉकों गंजमुरादाबाद, बांगरम्ऊ, फतेहपुर चौरासी, सफीपुर व सिकंदरपुर सरोसी के 37 गांवों के लिए कभी जीवनदायिनी रही कल्याणी नदी अब विलुप्त सी हो गई है। नदी का अस्तित्व केवल कागजों पर ही बचा है। कहीं नाले तो कहीं तालाब का रूप ले चुकी इस नदी के पानी से दो दशक पहले तक फसलें लहलहाती थीं।
करीब 70 किलोमीटर लंबी यह नदी क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर को भी सहेजे थी। नदी के महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके जीर्णोंद्धार की कवायद तेज कर दी है। नोडल बनाए गए सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में करीब 70 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 75 सेमी खोदाई और दो चेकडैम (छोटे बांध) का निर्माण कराया जाना शामिल किया गया है। यह दो चेकडैम नदी की जद में आने वाले ऊपरी गावों में बनाए जाएंगे। वहीं, उच्चाधिकारियों ने एक अन्य डैम नदी की सीमा के निचले गांव में बनाने के आदेश दिए हैं।
भविष्य में कल्याणी नदी जीवित रहे, पानी की कमी न हो इसके लिए सिंचाई विभाग ने ऊपरी और निचले स्तर पर दो चेकडैम प्रस्तावित किए थे। जबकि उच्चाधिकारियों ने बीच में भी एक नया चेकडैम बनाने को कहा है। इस पर विचार किया जा रहा है। -दीपक यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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पूर्व में दो चेकडैम फाइनल किए गए थे। अब एक और चेकडैम बनाने के लिए उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं।
हरदोई के माधौगंज की एक झील से निकलने वाली कल्याणी नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। पड़ोसी जिले हरदोई और उन्नाव के पांच ब्लॉकों गंजमुरादाबाद, बांगरम्ऊ, फतेहपुर चौरासी, सफीपुर व सिकंदरपुर सरोसी के 37 गांवों के लिए कभी जीवनदायिनी रही कल्याणी नदी अब विलुप्त सी हो गई है। नदी का अस्तित्व केवल कागजों पर ही बचा है। कहीं नाले तो कहीं तालाब का रूप ले चुकी इस नदी के पानी से दो दशक पहले तक फसलें लहलहाती थीं।
करीब 70 किलोमीटर लंबी यह नदी क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर को भी सहेजे थी। नदी के महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके जीर्णोंद्धार की कवायद तेज कर दी है। नोडल बनाए गए सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में करीब 70 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 75 सेमी खोदाई और दो चेकडैम (छोटे बांध) का निर्माण कराया जाना शामिल किया गया है। यह दो चेकडैम नदी की जद में आने वाले ऊपरी गावों में बनाए जाएंगे। वहीं, उच्चाधिकारियों ने एक अन्य डैम नदी की सीमा के निचले गांव में बनाने के आदेश दिए हैं।
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भविष्य में कल्याणी नदी जीवित रहे, पानी की कमी न हो इसके लिए सिंचाई विभाग ने ऊपरी और निचले स्तर पर दो चेकडैम प्रस्तावित किए थे। जबकि उच्चाधिकारियों ने बीच में भी एक नया चेकडैम बनाने को कहा है। इस पर विचार किया जा रहा है। -दीपक यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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