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अमृत योजना : फिर बढ़ी समय सीमा, फरवरी तक होगा काम, मार्च से पानी मिलने की उम्मीद
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उन्नाव। अमृत योजना के काम में लेटलतीफी जारी है। छह साल से चल रहे काम को पूरा करने के लिए 11वीं बार समयसीमा बढ़ाई गई है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए जलनिगम को फरवरी तक टेस्टिंग पूरी करके मार्च में नगर पालिका को परियोजना हैंडओवर करने के लिए कहा है। उम्मीद है कि पालिका को जिम्मेदारी मिलते ही लोगों को पानी मिलने लगेगा।
हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने जिले को अमृत योजना में शामिल किया था। 264 करोड़ की इस योजना में गंगा नदी से पानी लेकर उसे ट्रीटमेंट प्लांट में साफ और शुद्ध करने के बाद घरों में भेजना है। जलनिगम ने पहले चरण में शहर के 30,298 घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। छह साल में 10 बार काम पूरा करने के लिए समय सीमा बढ़ानी पड़ी।
अब जिलाधिकारी ने फरवरी-2025 तक बाकी बचा काम पूरा करने के लिए जलनिगम और निर्माण एजेंसी को अल्टीमेटम दिया है। जलनिगम का दावा है कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सभी 12 जोन में भूमिगत टैंक, पानी की टंकियां, पाइप लाइन और भवन स्वामियों को कनेक्शन देने का काम पूरा हो चुका है। सिर्फ टेस्टिंग का कुछ काम ही बाकी है, जिसे तेजी से कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ हजारों घरों में कनेक्शन को जोड़ने, टोटियां लगाने और टेस्टिंग के दौरान भूमिगत पाइप लाइनें फटने से फरवरी तक काम पूरा होने में संशय नजर आ रहा है।
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ऐसे बढ़ी समय सीमा
उन्नाव। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई। काम जून 2020 तक पूरा करना था। लेटलतीफी पर जल निगम निर्माण एजेंसी को नोटिस देती रही और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, 31 दिसंबर 2023. 31 मार्च 2024, 31 अक्तूबर 2024, 30 नवंबर 2024 तक और अब फरवरी 2025 तक काम पूरा करने और मार्च में नगर पालिका को हस्तांतरित करने के निर्देश हुए हैं। (संवाद)
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फर्म पर तीन बार में लगा 12.40 करोड़ का जुर्माना
पेयजल योजना में लेटलतीफी पर जलनिगम ने निर्माण कार्य करा रही एजेंसी पर अब तक तीन बार 12.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। सितंबर 2024 को 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया। इससे पहले खोदी गई सड़कों की मरम्मत न करने और झूठी रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लग चुका है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
जलनिगम और निर्माण एजेंसी को शहर में अमृत योजना का काम फरवरी 2025 तक पूरा करके नगर पालिका को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर अब किसी तरह की लापरवाही और देरी हुई तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- गौरांग राठी, डीएम उन्नाव
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निर्माण एजेंसी ने सभी 12 जोन का काम पूरा कर लिया है। टेंडर की शर्तों के अनुसार तीन महीने टेस्टिंग करके आने वाली खामियों को भी दूर करना है। फरवरी में इसे भी पूरा करने के बाद योजना नगर पालिका को हैंडओवर की जाएगी।
- पंकज रंजन झा, एक्सईएन जलनिगम
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शहर में अभी तक जल निगम केवल टेस्टिंग ही कर रहा है। नगर पालिका के 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से ही शहर में जलापूर्ति की जा रही है। योजना की जिम्मेदारी तभी ली जाएगी जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि कोई गड़बड़ी नहीं बची है और इसे चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- विवेक वर्मा, जेई नगर पालिका
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हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने जिले को अमृत योजना में शामिल किया था। 264 करोड़ की इस योजना में गंगा नदी से पानी लेकर उसे ट्रीटमेंट प्लांट में साफ और शुद्ध करने के बाद घरों में भेजना है। जलनिगम ने पहले चरण में शहर के 30,298 घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। छह साल में 10 बार काम पूरा करने के लिए समय सीमा बढ़ानी पड़ी।
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अब जिलाधिकारी ने फरवरी-2025 तक बाकी बचा काम पूरा करने के लिए जलनिगम और निर्माण एजेंसी को अल्टीमेटम दिया है। जलनिगम का दावा है कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सभी 12 जोन में भूमिगत टैंक, पानी की टंकियां, पाइप लाइन और भवन स्वामियों को कनेक्शन देने का काम पूरा हो चुका है। सिर्फ टेस्टिंग का कुछ काम ही बाकी है, जिसे तेजी से कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ हजारों घरों में कनेक्शन को जोड़ने, टोटियां लगाने और टेस्टिंग के दौरान भूमिगत पाइप लाइनें फटने से फरवरी तक काम पूरा होने में संशय नजर आ रहा है।
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ऐसे बढ़ी समय सीमा
उन्नाव। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई। काम जून 2020 तक पूरा करना था। लेटलतीफी पर जल निगम निर्माण एजेंसी को नोटिस देती रही और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, 31 दिसंबर 2023. 31 मार्च 2024, 31 अक्तूबर 2024, 30 नवंबर 2024 तक और अब फरवरी 2025 तक काम पूरा करने और मार्च में नगर पालिका को हस्तांतरित करने के निर्देश हुए हैं। (संवाद)
फर्म पर तीन बार में लगा 12.40 करोड़ का जुर्माना
पेयजल योजना में लेटलतीफी पर जलनिगम ने निर्माण कार्य करा रही एजेंसी पर अब तक तीन बार 12.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। सितंबर 2024 को 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया। इससे पहले खोदी गई सड़कों की मरम्मत न करने और झूठी रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लग चुका है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जलनिगम और निर्माण एजेंसी को शहर में अमृत योजना का काम फरवरी 2025 तक पूरा करके नगर पालिका को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर अब किसी तरह की लापरवाही और देरी हुई तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- गौरांग राठी, डीएम उन्नाव
निर्माण एजेंसी ने सभी 12 जोन का काम पूरा कर लिया है। टेंडर की शर्तों के अनुसार तीन महीने टेस्टिंग करके आने वाली खामियों को भी दूर करना है। फरवरी में इसे भी पूरा करने के बाद योजना नगर पालिका को हैंडओवर की जाएगी।
- पंकज रंजन झा, एक्सईएन जलनिगम
शहर में अभी तक जल निगम केवल टेस्टिंग ही कर रहा है। नगर पालिका के 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से ही शहर में जलापूर्ति की जा रही है। योजना की जिम्मेदारी तभी ली जाएगी जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि कोई गड़बड़ी नहीं बची है और इसे चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- विवेक वर्मा, जेई नगर पालिका