{"_id":"66d4d595df3f05d70e0e5327","slug":"allegation-of-wrong-treatment-of-pregnant-woman-investigation-team-formed-unnao-news-c-221-1-sknp1054-119188-2024-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: गर्भवती के गलत इलाज का आरोप, जांच टीम गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: गर्भवती के गलत इलाज का आरोप, जांच टीम गठित
विज्ञापन
औरास। सिर दर्द होने पर एक नर्सिंग होम पहुंची गर्भवती का गलत इलाज करने का आरोप पिता ने लगाया है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। मामले की जानकारी होने पर औरास सीएचसी प्रभारी ने चार सदस्यीय टीम गठित की है।
औरास थानाक्षेत्र के निरखीखेड़ा मजरा मिर्जापुर अजिगांव निवासी बाबूलाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उसकी बेटी दीपा पत्नी सोहनलाल रक्षाबंधन पर मायके आई थी। दीपा आठ माह की गर्भवती थी। 26 अगस्त को दीपा के सिर में दर्द होने पर वह औरास के एक नर्सिंगहोम से दवा लेने गई थी। आरोप है कि नर्सिंगहोम के एक डाॅक्टर ने गलत इलाज कर दिया। इससे एक घंटे में ही दीपा की तबीयत बिगड़ गई थी।
हालत ज्यादा खराब होने पर डाॅक्टर ने इलाज के रुपये लेकर जवाब दे दिया था। हालत नाजुक देख बेटी को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां ऑपरेशन से बेटी ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। उनकी बेटी की हालत अभी भी गंभीर है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने बताया कि जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की घई है। सोमवार को टीम जांच करेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
तीन बच्चे पाए गए डिप्थीरिया संक्रमित
उन्नाव। जिले में डिप्थीरिया संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रविवार को सोहरामऊ के नेवाजखेड़ा निवासी ब्रजेश की आठ साल की बेटी तान्या और इसी ब्लॉक के नोखेलालखेड़ा के रिंकू की तीन साल की बेटी पलक में भी डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, असोहा के सेमरी गांव के शिवशरन की 12 साल की बेटी रागिनी को जांच में डिप्थीरिया संक्रमण मिलने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि टीकाकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा नियमित समीक्षा भी की जा रही है। किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
आरोग्य मेले में 1850 मरीजों को मिला इलाज
उन्नाव। जिले के 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि मेले में बुखार के 74, त्वचा के 172, पेट संबंधित बीमारियों से पीड़ित 112 सहित कुल 1850 मरीजों का परीक्षण कर इलाज किया गया। वहीं, मलेरिया की संभावना पर 28 मरीजों की जांच की गई। जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि सभी डॉक्टरों ने मरीजों को देखा। इसके अलावा दवा और रोगों से बचाव की सलाह दी। (संवाद)
विज्ञापन
औरास थानाक्षेत्र के निरखीखेड़ा मजरा मिर्जापुर अजिगांव निवासी बाबूलाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उसकी बेटी दीपा पत्नी सोहनलाल रक्षाबंधन पर मायके आई थी। दीपा आठ माह की गर्भवती थी। 26 अगस्त को दीपा के सिर में दर्द होने पर वह औरास के एक नर्सिंगहोम से दवा लेने गई थी। आरोप है कि नर्सिंगहोम के एक डाॅक्टर ने गलत इलाज कर दिया। इससे एक घंटे में ही दीपा की तबीयत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन
हालत ज्यादा खराब होने पर डाॅक्टर ने इलाज के रुपये लेकर जवाब दे दिया था। हालत नाजुक देख बेटी को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां ऑपरेशन से बेटी ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। उनकी बेटी की हालत अभी भी गंभीर है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने बताया कि जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की घई है। सोमवार को टीम जांच करेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
तीन बच्चे पाए गए डिप्थीरिया संक्रमित
उन्नाव। जिले में डिप्थीरिया संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रविवार को सोहरामऊ के नेवाजखेड़ा निवासी ब्रजेश की आठ साल की बेटी तान्या और इसी ब्लॉक के नोखेलालखेड़ा के रिंकू की तीन साल की बेटी पलक में भी डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, असोहा के सेमरी गांव के शिवशरन की 12 साल की बेटी रागिनी को जांच में डिप्थीरिया संक्रमण मिलने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि टीकाकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा नियमित समीक्षा भी की जा रही है। किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
आरोग्य मेले में 1850 मरीजों को मिला इलाज
उन्नाव। जिले के 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि मेले में बुखार के 74, त्वचा के 172, पेट संबंधित बीमारियों से पीड़ित 112 सहित कुल 1850 मरीजों का परीक्षण कर इलाज किया गया। वहीं, मलेरिया की संभावना पर 28 मरीजों की जांच की गई। जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि सभी डॉक्टरों ने मरीजों को देखा। इसके अलावा दवा और रोगों से बचाव की सलाह दी। (संवाद)