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’अधिकारी एक्शन लेते तो न होती बेटे की हत्या’
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 07 Oct 2016 01:07 AM IST
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meeting with DM
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गंगाघाट नगर पालिका चेयरमैन मनोज गुप्ता ने बेटे अभिजीत की हत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। गुरुवार को गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे पालिका चेयरमैन ने डीएम सुरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारियों से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी में लेटलतीफी पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को पूर्व में की गई शिकायतों के प्रमाण भी दिखाए। उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के लिए वह अधिकारी भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने पूर्व में शिकायतों पर एक्शन नहीं लिया। उन्होंने डीएम से घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
मालूम हो कि गंगाघाट नगर पालिका चेयरमैन मनोज गुप्ता के बड़े बेटे अभिजीत उर्फ दीपक का शव मंगलवार देर शाम सहजनी सब स्टेशन के पास सड़क पर मिला था। हादसे के बाद मनोज गुप्ता ने सभासद अभिलाषा मिश्रा उनके पति मनोज मिश्रा, ठेकेदार अशोक अग्निहोत्री और सुरेश पंडा पर हत्या का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। गुरुवार सुबह चेयरमैन अपने साथियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर बताया कि ठेकेदार अशोक व अन्य आरोपी उनसे रंजिश मानते थे। विकास कार्यों में अनियमितता पर आए दिन विवाद भी होता था। आरोप लगाया कि ठेकेदार कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से उनपर लागत से अधिक भुगतान का दबाव डालता था। जिसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। सभासद अभिलाषा मिश्रा ने उनके साथ उनके कार्यालय में कई बार अभद्रता का। प्रमाण के तौर पर उन्होंने सीसी टीवी फुटेज प्रशासन को दिए फिर भी कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी सुरेश पंडा के लिए उन्होंने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया के बाहर उन पर रिवाल्वर से गोली चलाई इसके भी साक्ष्य दिए, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने डीएम सुरेंद्र सिंह से घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की। डीएम ने मनोज गुप्ता को निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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