{"_id":"61795241bb603b0664529e46","slug":"advocate-unnao-news-knp6606385177","type":"story","status":"publish","title_hn":"हसनगंज के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हसनगंज के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
विज्ञापन
हसनगंज तहसीलदार न्यायालय का विरोध करने के बाद तहसील सभागार में अधिवक्ताओं को संबोधित करते महामं
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हसनगंज। तहसीलदार न्यायालय में पुराने मुकदमों की फाइलें डंप होने और नये मुकदमों की सुनवाई से नाराज अधिवक्ताओं ने बुधवार को तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार कर परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया।
तहसीलदार की कोर्ट में लंबित पुरानी फाइलों पर सुनवाई न होने और तहसीलदार के कोर्ट में न बैठने से नाराज वकीलों ने 25 अक्तूबर को बार एसोसिएशन की बैठक में तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार का प्रस्ताव पास किया था। तब से तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई बंद थी। बार एसोसिएशन से वार्ता किए बिना बुधवार को तहसीलादर निधि पांडेय ने मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी। जानकारी पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष बीडी रावत व महामंत्री राजीव कुमार सिंह अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे और पुराने मुकदमों की सुनवाई न करने और नये मुकदमों की प्रक्रिया शुरू करने का विरोध किया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। फैसला लिया कि जब तक तहसीलदार बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करने की पहल नहीं करेंगी, तब तक एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे। महामंत्री राजीव कुमार सिंह ने कहा कि बार व बेंच का साथ मिलने पर ही न्यायिक प्रक्रिया बढ़ती है। उसके बाद भी अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। मुकदमों की फाइलें डंप हैं और फर्जी मासिक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
बार पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि एक नवंबर को बैठक कर तहसीलदार के खिलाफ डीएम, आयुक्त व राजस्व परिषद के चेयरमैन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष जेपी त्रिपाठी, अमर सिंह, सजीवन सिंह, रामनरेश यादव, जगमोहन सिंह, विनोद कुमार, प्रमोद यादव मौजूद रहे। तहसीलदार निधि पांडेय ने बताया कि बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए समय दिया गया था, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद अदालती कार्रवाई शुरू की गई। अधिवक्ता जब भी चाहें वार्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसीलदार की कोर्ट में लंबित पुरानी फाइलों पर सुनवाई न होने और तहसीलदार के कोर्ट में न बैठने से नाराज वकीलों ने 25 अक्तूबर को बार एसोसिएशन की बैठक में तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार का प्रस्ताव पास किया था। तब से तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई बंद थी। बार एसोसिएशन से वार्ता किए बिना बुधवार को तहसीलादर निधि पांडेय ने मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी। जानकारी पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष बीडी रावत व महामंत्री राजीव कुमार सिंह अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे और पुराने मुकदमों की सुनवाई न करने और नये मुकदमों की प्रक्रिया शुरू करने का विरोध किया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। फैसला लिया कि जब तक तहसीलदार बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करने की पहल नहीं करेंगी, तब तक एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे। महामंत्री राजीव कुमार सिंह ने कहा कि बार व बेंच का साथ मिलने पर ही न्यायिक प्रक्रिया बढ़ती है। उसके बाद भी अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। मुकदमों की फाइलें डंप हैं और फर्जी मासिक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
विज्ञापन
बार पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि एक नवंबर को बैठक कर तहसीलदार के खिलाफ डीएम, आयुक्त व राजस्व परिषद के चेयरमैन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष जेपी त्रिपाठी, अमर सिंह, सजीवन सिंह, रामनरेश यादव, जगमोहन सिंह, विनोद कुमार, प्रमोद यादव मौजूद रहे। तहसीलदार निधि पांडेय ने बताया कि बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए समय दिया गया था, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद अदालती कार्रवाई शुरू की गई। अधिवक्ता जब भी चाहें वार्त कर सकते हैं।
विज्ञापन