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Unnao News: हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग से हादसे
Tue, 05 Dec 2023 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:18 AM IST
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फोटो नंबर-13, 14, 15
कोहरा न बने कहर
80 किमी में 24 जगह अवैध पार्किंग, 11 जगह पुलिया टूटीं
कोहरे और रात को नहीं नजर आते खतरे वाले स्थान, होते हैं हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जगह-जगह खतरे हैं। अवैध पार्किंग से रोजाना किसी न किसी हादसे का कारण बनती है। यातायात पुलिस ने हाईवे पर 24 स्थान चिन्हित किए हैं जहां सबसे ज्यादा अवैध पार्किंग होती है। वहीं 11 स्थान ऐसे हैं जहां पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने से ठंड और कोहरे में हादसों का खतरा बढ़ा है।
जिले की सीमा में 80 किमी लंबे हाईवे पर आने वाले दिनों में कोहरा बड़ा खतरा बन सकता है। आजाद मार्ग चौराहा के पास लगने वाली अवैध मौरंग मंडी, बंथर औद्योगिक क्षेत्र, दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र, एफसीआई गोदाम, सोनिक, बजेहरा मोड़, टोल प्लाजा के दोनों तरफ और सोहरामऊ सहित हाईवे पर कुल 24 स्थान ऐसे हैं जो अवैध पार्किंग की वजह से दुर्घटना बाहुल्य स्थानों में शुमार किए जाते हैं।
समस्या से निपटने के लिए एनएचआई ने एक साल पहले औद्योगिक क्षेत्रों व अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास हाईवे की सड़क पटरी को पक्का या इंटरलॉक ब्रिक बिछाकर वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाए थे। लेकिन वाहन चालक यहां अपने भार वाहन खड़े करने के बजाए होटल, ढाबों, पेट्रोल पंपों के आसपास व अन्य सुविधाजनक स्थान पर वाहन खड़े करते हैं।
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वहीं गहरा के पास सिटी ड्रेन की पुलिया, नरी के पास नाला पुलिया, सोनिक के पास नहर पुल, नवाबगंज, चिरैया नाला सहित 11 स्थानों पर पुल और पुलिया की क्षतिग्रस्त दीवारें और आसपास झाड़ियां होने से खतरा दूर से नजर नहीं आता है। आने वाले दिनों में कोहरे में यह स्थान बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं।
--
पार्किंग स्थलों पर बोर्ड गायब, रोशनी नदारत
एनएचएआई ने जिन स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की थी वहां जानकारी देने के लिए लगाए गए बोर्ड टूटकर गायब हो चुके हैं। यहां रोशनी की कोई व्यवस्था न होने से चालक यहां वाहन नहीं रोकते। आसपास झाड़ियां और जंगल होने से कई बार लूटपाट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। वाहन चालक गुरुदीप, सुभाष, कमरुद्दीन, सदाकत, सूर्यभान आदि ने बताया कि जहां पार्किंग स्थल हैं वहां रोशनी की व्यवस्था न होने से वाहन खड़े करने से चोरी और लूट का खतरा होने से वह उन स्थानों पर वाहन रोकते हैं जहां रोशनी और चहल-पहल होती है।
कोट
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया ने बताया कि ठंड और कोहरे को देखते हुए हाईवे पर खतरे वाले स्थानों के सुधार के लिए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। एक-दो दिनों में तकनीकी टीम को भेजकर हाईवे को चेक कराया जाएगा। दुर्घटना के खतरे वाले स्थानों पर अगर कमियां मिलती हैं तो निमार्ण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--
जिले में सड़क हादसों पर नजर
वर्ष-हादसे-मौत-घायल
2020-634-475-424
2021-844-515-568
2022-875-510-557
2023-728-383-582
2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।
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कोहरा न बने कहर
80 किमी में 24 जगह अवैध पार्किंग, 11 जगह पुलिया टूटीं
कोहरे और रात को नहीं नजर आते खतरे वाले स्थान, होते हैं हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जगह-जगह खतरे हैं। अवैध पार्किंग से रोजाना किसी न किसी हादसे का कारण बनती है। यातायात पुलिस ने हाईवे पर 24 स्थान चिन्हित किए हैं जहां सबसे ज्यादा अवैध पार्किंग होती है। वहीं 11 स्थान ऐसे हैं जहां पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने से ठंड और कोहरे में हादसों का खतरा बढ़ा है।
जिले की सीमा में 80 किमी लंबे हाईवे पर आने वाले दिनों में कोहरा बड़ा खतरा बन सकता है। आजाद मार्ग चौराहा के पास लगने वाली अवैध मौरंग मंडी, बंथर औद्योगिक क्षेत्र, दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र, एफसीआई गोदाम, सोनिक, बजेहरा मोड़, टोल प्लाजा के दोनों तरफ और सोहरामऊ सहित हाईवे पर कुल 24 स्थान ऐसे हैं जो अवैध पार्किंग की वजह से दुर्घटना बाहुल्य स्थानों में शुमार किए जाते हैं।
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समस्या से निपटने के लिए एनएचआई ने एक साल पहले औद्योगिक क्षेत्रों व अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास हाईवे की सड़क पटरी को पक्का या इंटरलॉक ब्रिक बिछाकर वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाए थे। लेकिन वाहन चालक यहां अपने भार वाहन खड़े करने के बजाए होटल, ढाबों, पेट्रोल पंपों के आसपास व अन्य सुविधाजनक स्थान पर वाहन खड़े करते हैं।
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वहीं गहरा के पास सिटी ड्रेन की पुलिया, नरी के पास नाला पुलिया, सोनिक के पास नहर पुल, नवाबगंज, चिरैया नाला सहित 11 स्थानों पर पुल और पुलिया की क्षतिग्रस्त दीवारें और आसपास झाड़ियां होने से खतरा दूर से नजर नहीं आता है। आने वाले दिनों में कोहरे में यह स्थान बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं।
पार्किंग स्थलों पर बोर्ड गायब, रोशनी नदारत
एनएचएआई ने जिन स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की थी वहां जानकारी देने के लिए लगाए गए बोर्ड टूटकर गायब हो चुके हैं। यहां रोशनी की कोई व्यवस्था न होने से चालक यहां वाहन नहीं रोकते। आसपास झाड़ियां और जंगल होने से कई बार लूटपाट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। वाहन चालक गुरुदीप, सुभाष, कमरुद्दीन, सदाकत, सूर्यभान आदि ने बताया कि जहां पार्किंग स्थल हैं वहां रोशनी की व्यवस्था न होने से वाहन खड़े करने से चोरी और लूट का खतरा होने से वह उन स्थानों पर वाहन रोकते हैं जहां रोशनी और चहल-पहल होती है।
कोट
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया ने बताया कि ठंड और कोहरे को देखते हुए हाईवे पर खतरे वाले स्थानों के सुधार के लिए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। एक-दो दिनों में तकनीकी टीम को भेजकर हाईवे को चेक कराया जाएगा। दुर्घटना के खतरे वाले स्थानों पर अगर कमियां मिलती हैं तो निमार्ण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में सड़क हादसों पर नजर
वर्ष-हादसे-मौत-घायल
2020-634-475-424
2021-844-515-568
2022-875-510-557
2023-728-383-582
2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।