{"_id":"68b0b343cea9f7df31037d69","slug":"a-leopard-like-animal-was-seen-in-the-field-the-farmer-made-a-video-people-were-terrified-unnao-news-c-221-1-sknp1055-136161-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: खेत में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, किसान ने बनाया वीडियो, लोगों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: खेत में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, किसान ने बनाया वीडियो, लोगों में दहशत
विज्ञापन
फोटो नंबर-20- बीघापुर के मेहरबान खेड़ा में ग्रामीणों से बातचीत करते क्षेत्रीय वन अधिकारी नीरज
बीघापुर। तहसील के मेहरबानखेड़ा गांव में गुरुवार की सुबह खेत गए किसान को तेंदुआ जैसा दिखने वाला जानवर दिखा। उसने मोबाइल से वीडियो बना लिया। जानकारी होते ही ग्रामीण दहशत में आ गए। वीडियो वायरल होने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ने जानवर के पगचिह्नों (पंजों के निशान) की जांच की। उन्होंने तेंदुआ या बाघ के निशान होने से इन्कार किया। बताया कि निशान फिशिंग कैट या सियार के हो सकते हैं। उन्होंने रात में सावधानी बरतने की अपील की है।
मेहरबान खेड़ा गांव निवासी किसान गोविंद कुमार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे खेत पर गए थे। खेतों के पास ही उन्हें तेंदुए जैसा दिखने वाला जानवर नजर आया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। सूचना पर डीएफओ आरुषी मिश्रा ने क्षेत्रीय वन अधिकारी नीरज कुमार को टीम के साथ गांव भेजा।
किसान के बताए गए स्थानों पर जानवर के पंजों के निशान की जांच की। पंजों के निशान तेंदुए के न होने की पुष्टि की। बताया कि यह निशान फिशिंग कैट (मछली का शिकार करने वाली बिल्ली) या सियार के हो सकते हैं। बताया कि फिशिंग कैट भी कभी-कभी इंसानों पर हमला कर देती है। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग के दो कर्मी गांव में निगरानी करते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेहरबान खेड़ा गांव निवासी किसान गोविंद कुमार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे खेत पर गए थे। खेतों के पास ही उन्हें तेंदुए जैसा दिखने वाला जानवर नजर आया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। सूचना पर डीएफओ आरुषी मिश्रा ने क्षेत्रीय वन अधिकारी नीरज कुमार को टीम के साथ गांव भेजा।
विज्ञापन
किसान के बताए गए स्थानों पर जानवर के पंजों के निशान की जांच की। पंजों के निशान तेंदुए के न होने की पुष्टि की। बताया कि यह निशान फिशिंग कैट (मछली का शिकार करने वाली बिल्ली) या सियार के हो सकते हैं। बताया कि फिशिंग कैट भी कभी-कभी इंसानों पर हमला कर देती है। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग के दो कर्मी गांव में निगरानी करते रहेंगे।
विज्ञापन