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Unnao News: बिल संशोधन में गड़बड़ी के मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
Sat, 24 May 2025 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sat, 24 May 2025 12:22 AM IST
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उन्नाव। विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय तृतीय बिछिया में बिल संशोधन में पकड़ी गई गड़बड़ी के मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम एसडीओ बिछिया के पूरे कार्यकाल के दौरान संशोधित किए गए एक हजार बिलों की जांच करेगी। टीम को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
पिछले माह 24 अप्रैल को विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन सौरभ निगम ने बिछिया कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान संशोधित किए गए बिलों की जांच की थी। जांच के दौरान अभिलेखों व कंप्यूटर में दर्ज डेटा का मिलान किया था, जिसमें 454 बिलों के संशोधन में प्रथमदृष्टया 75 लाख से अधिक की गड़बड़ी मिली थी। इसको लेकर लिपिक नवीन पांडेय और एसडीओ कैलाश यादव से जवाब-तलब किया था। दोनों ने मामले में किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र कुमार सिंह ने लिपिक नवीन पांडेय को निलंबित कर दिया था।
वहीं, एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र मुख्य अभियंता को भेज दिया था। एक्सईएन ने बताया कि एसडीओ ने जुलाई 2024 में बिछिया में कार्यभार संभाला था। अब उनके अप्रैल 25 तक के कार्यकाल की जांच कराई जा रही है। जानकारी में आया है कि एसडीओ ने करीब एक हजार बिलों को संशोधित किया है। इसलिए इन बिलों की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें एसडीओ प्रथम के साथ लेखाकार व दो बिलिंग लिपिक को शामिल किया गया है।
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मीडिया में बयानबाजी को लेकर एसडीओ उच्चाधिकारियों के निशाने पर
एसडीओ बिछिया द्वारा पिछले दिनों लखनऊ में मीडिया के जरिए अधीक्षण अभियंता व एक्सईएन पर लगाए गए आरोपों को उच्चाधिकारियों ने संज्ञान में लिया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एसडीओ किसी भी प्रकार का मीडिया को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके बाद भी बिना किसी ठोस प्रमाण के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। इसलिए एसडीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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पिछले माह 24 अप्रैल को विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन सौरभ निगम ने बिछिया कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान संशोधित किए गए बिलों की जांच की थी। जांच के दौरान अभिलेखों व कंप्यूटर में दर्ज डेटा का मिलान किया था, जिसमें 454 बिलों के संशोधन में प्रथमदृष्टया 75 लाख से अधिक की गड़बड़ी मिली थी। इसको लेकर लिपिक नवीन पांडेय और एसडीओ कैलाश यादव से जवाब-तलब किया था। दोनों ने मामले में किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र कुमार सिंह ने लिपिक नवीन पांडेय को निलंबित कर दिया था।
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वहीं, एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र मुख्य अभियंता को भेज दिया था। एक्सईएन ने बताया कि एसडीओ ने जुलाई 2024 में बिछिया में कार्यभार संभाला था। अब उनके अप्रैल 25 तक के कार्यकाल की जांच कराई जा रही है। जानकारी में आया है कि एसडीओ ने करीब एक हजार बिलों को संशोधित किया है। इसलिए इन बिलों की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें एसडीओ प्रथम के साथ लेखाकार व दो बिलिंग लिपिक को शामिल किया गया है।
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मीडिया में बयानबाजी को लेकर एसडीओ उच्चाधिकारियों के निशाने पर
एसडीओ बिछिया द्वारा पिछले दिनों लखनऊ में मीडिया के जरिए अधीक्षण अभियंता व एक्सईएन पर लगाए गए आरोपों को उच्चाधिकारियों ने संज्ञान में लिया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एसडीओ किसी भी प्रकार का मीडिया को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके बाद भी बिना किसी ठोस प्रमाण के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। इसलिए एसडीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।