{"_id":"76413","slug":"Unnao-76413-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दी
Unnao
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
लड़का न होने के कारण किया जाता था प्रताड़ित
तलाक की धमकी देते थे पति और मौसिया सास
उन्नाव। हिमांचल खेड़ा गांव में गुरुवार को एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि लड़का न होने के कारण पति और मौसिया सास उसे प्रताड़ित करती थी। इसके चलते ही उसने फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
शहर कोतवाली के गंाव हिमंाचल खेड़ा निवासी चन्द्रशेखर लोध राजगीर है। करीब छह वर्ष पूर्व उसकी शादी सुरजी देवी (26) से हुई थी। चंद्रशेखर के ढाई साल की बेटी गोमती और छह माह की शारदा है। गुरुवार सुबह सुरजी ने किसी को कुछ बताए बिना खुद को कमरे में बंद कर लिया। सास किशन कुमारी ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। इस पर सास चिल्लाते हुए घर के बाहर निकली। इसी बीच गांववाले इकट्ठा हो गए। इसी गांव में सुरजी की चचेरी बहन अंजू भी रहती है। वह तुरंत मौके पर पहुंची और उसने सूरजी के कमरे में बंद होने की खबर मायके पक्ष को दी। जिस पर मायके वाले हिमांचलखेड़ा पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बढ़ई से दरवाजा खुलवाया तो अंदर सुरजी का शव फांसी के फंदे पर लटका था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मां गंगाजली का आरोप है कि सूरजी को लड़का नहीं था, इसलिए चंद्रशेखर की मौसी ननक्की उसकी दूसरी शादी कराना चाहती थी। यह भी बताया कि पंद्रह दिन पहले ननक्की ने कमलेश को फोन कर कहा था कि सूरजी और चंद्रशेखर का तलाक करवा लो, इसके एवज में पैसा ले लो। कमलेश सुरजी का चचेरा भाई है। मां का आरोप है कि दामाद सुरजी को मारता पीटता था और दूसरी शादी की धमकी देता था। इसी कुंठा में उसने जान दे दी।
विज्ञापन
समय से पहले बड़ी हो गई गोमती
पोस्टमार्टम हाउस में सूरजी की दोनों बेटियां ढाई वर्षीय गोमती और छह माह की शारदा भी आई थी। सूरजी की मौत से बेहाल परिवार के लोगों का इन बच्चियों की ओर ध्यान नहीं था। इसी बीच शारदा रोने लगी। इस पर कुछ दूरी पर बैठी बहन गोमती शारदा के पास गई। पहले उसे दुलराया और इसके बावजूद भी वह चुप नहीं हुई तो दूध की बोतल उसके मुंह में लगा दिया। दूध पीने के बाद शारदा चुप हो गए।
विज्ञापन
तलाक की धमकी देते थे पति और मौसिया सास
उन्नाव। हिमांचल खेड़ा गांव में गुरुवार को एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि लड़का न होने के कारण पति और मौसिया सास उसे प्रताड़ित करती थी। इसके चलते ही उसने फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
शहर कोतवाली के गंाव हिमंाचल खेड़ा निवासी चन्द्रशेखर लोध राजगीर है। करीब छह वर्ष पूर्व उसकी शादी सुरजी देवी (26) से हुई थी। चंद्रशेखर के ढाई साल की बेटी गोमती और छह माह की शारदा है। गुरुवार सुबह सुरजी ने किसी को कुछ बताए बिना खुद को कमरे में बंद कर लिया। सास किशन कुमारी ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। इस पर सास चिल्लाते हुए घर के बाहर निकली। इसी बीच गांववाले इकट्ठा हो गए। इसी गांव में सुरजी की चचेरी बहन अंजू भी रहती है। वह तुरंत मौके पर पहुंची और उसने सूरजी के कमरे में बंद होने की खबर मायके पक्ष को दी। जिस पर मायके वाले हिमांचलखेड़ा पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बढ़ई से दरवाजा खुलवाया तो अंदर सुरजी का शव फांसी के फंदे पर लटका था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
विज्ञापन
मां गंगाजली का आरोप है कि सूरजी को लड़का नहीं था, इसलिए चंद्रशेखर की मौसी ननक्की उसकी दूसरी शादी कराना चाहती थी। यह भी बताया कि पंद्रह दिन पहले ननक्की ने कमलेश को फोन कर कहा था कि सूरजी और चंद्रशेखर का तलाक करवा लो, इसके एवज में पैसा ले लो। कमलेश सुरजी का चचेरा भाई है। मां का आरोप है कि दामाद सुरजी को मारता पीटता था और दूसरी शादी की धमकी देता था। इसी कुंठा में उसने जान दे दी।
विज्ञापन
समय से पहले बड़ी हो गई गोमती
पोस्टमार्टम हाउस में सूरजी की दोनों बेटियां ढाई वर्षीय गोमती और छह माह की शारदा भी आई थी। सूरजी की मौत से बेहाल परिवार के लोगों का इन बच्चियों की ओर ध्यान नहीं था। इसी बीच शारदा रोने लगी। इस पर कुछ दूरी पर बैठी बहन गोमती शारदा के पास गई। पहले उसे दुलराया और इसके बावजूद भी वह चुप नहीं हुई तो दूध की बोतल उसके मुंह में लगा दिया। दूध पीने के बाद शारदा चुप हो गए।