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Unnao News: भारी वाहनों से दरक रहे वैकल्पिक ग्रामीण मार्ग
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मौरावां-बिहार मार्ग की क्षतिग्रस्त पुलिया के पास लगा चेतावनी बोर्ड व निकलता ट्रक। संवाद
उन्नाव। कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बाद उन्नाव के वैकल्पिक ग्रामीण मार्ग दरकने लगे हैं। इन रास्तों से रोजाना औसतन पांच हजार ट्रक और डंपर गुजरते हैं, जिससे सड़कों पर दबाव है। बिहार-मौरावां मार्ग पर एक पुल दरक रहा है, वहीं निर्माणाधीन सड़क में भी दरारें और धंसाव है।
फतेहपुर, बांदा, झांसी, हमीरपुर, उरई और इटावा से हजारों वाहन बक्सर-बिहार मार्ग से गुजरते हैं। जाजमऊ पुल पर रोक के बाद लखनऊ से कानपुर जाने वाले भारी वाहन भी इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। 18 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन बिहार-मौरावां मार्ग में दरारें और धंसाव देखा गया है। केदार खेड़ा गांव के पास शारदा नहर का पुराना जर्जर पुल भी भारी वाहनों का बोझ नहीं सह पा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, लेकिन डायवर्जन के कारण वाहनों को रोकना संभव नहीं। पुरवा-पाटन मार्ग पर एक ट्रक को रास्ता देने में डंपर सड़क किनारे मिट्टी में फंस गया। बक्सर, ऊंचगांव, भगवंत नगर और सुमेरपुर तिराहा पर दिन में कई बार जाम लगता है। पीडब्ल्यूडी की तकनीकी टीम ने करीब नौ किलोमीटर मार्ग की गुणवत्ता जांचने के लिए निरीक्षण किया, जिसमें हर एक किलोमीटर पर सड़क के नमूने लेकर गिट्टी और डामर की जांच की गई।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एचएन मिश्रा ने बताया, सड़क की जांच नियमित प्रक्रिया है। अभी तक लिए गए नमूने मानक के अनुरूप पाए गए हैं। डामर व कुछ अन्य बिंदुओं पर जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। यह जांच निर्माणाधीन सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए है।
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49.91 करोड़ से बन रहा है मौरावां-बिहार मार्ग
पिछले साल लखनऊ के लिए 17 महीने तक हाईवे पर लागू रहे डायवर्जन के दौरान यह मार्ग बेहद जर्जर हो गया था। इस अन्य जिला मार्ग (ओडीआर) को शासन ने अक्तूबर 2024 को राज्य राजमार्ग का दर्जा देते हुए चौड़ाई बढ़ाकर सात मीटर करने के लिए और नवीनीकरण के लिए 49.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बजट जारी होने के बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण करा रहा है।
आजाद मार्ग पर भी कई बार उलझा यातायात
अचलगंज। सोमवार को यातायात का दबाव बढ़ने से सुबह नौ से 11 और शाम को चार बजे से डायवर्जन पॉइंटों पर यातायात रुक-रुक कर चला। रविवार की छुट्टी के बाद जैसे ही वाहनों की संख्या बढ़ी यातायात के दबाव में संचालन उलझने लगता है। लखनऊ-कानपुर हाईवे और उन्नाव-लालगंज हाईवे को जोड़ने वाले गदनखेड़ा चौराहे पर भारी वाहनों को रायबरेली की ओर मुड़ने के दौरान जाम लगता रहा। रायबरेली हाईवे को कानपुर हाईवे और गंगा बैराज मार्ग को जोड़ने वाले आजाद मार्ग चौराहा पर भी शाम को पांच बजे से रात नौ बजे तक यातायात कई बार उलझा।
वर्जन
केदार खेड़ा के पास जो नहर पुल है वह काफी संकरा और पुराना है। सड़क निर्माण में यहां नया चौड़ा पुल बनना है। यातायात डायवर्जन के लिए नहर को एक तरफ से बंद करने के लिए नहर विभाग से अनुमति मांगी गई थी, बाद में नहर में पानी आने और फिर बारिश की वजह से काम रुक गया था। अब पानी कम हुआ है तो पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा। -एचएन मिश्रा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी
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फतेहपुर, बांदा, झांसी, हमीरपुर, उरई और इटावा से हजारों वाहन बक्सर-बिहार मार्ग से गुजरते हैं। जाजमऊ पुल पर रोक के बाद लखनऊ से कानपुर जाने वाले भारी वाहन भी इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। 18 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन बिहार-मौरावां मार्ग में दरारें और धंसाव देखा गया है। केदार खेड़ा गांव के पास शारदा नहर का पुराना जर्जर पुल भी भारी वाहनों का बोझ नहीं सह पा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, लेकिन डायवर्जन के कारण वाहनों को रोकना संभव नहीं। पुरवा-पाटन मार्ग पर एक ट्रक को रास्ता देने में डंपर सड़क किनारे मिट्टी में फंस गया। बक्सर, ऊंचगांव, भगवंत नगर और सुमेरपुर तिराहा पर दिन में कई बार जाम लगता है। पीडब्ल्यूडी की तकनीकी टीम ने करीब नौ किलोमीटर मार्ग की गुणवत्ता जांचने के लिए निरीक्षण किया, जिसमें हर एक किलोमीटर पर सड़क के नमूने लेकर गिट्टी और डामर की जांच की गई।
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पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एचएन मिश्रा ने बताया, सड़क की जांच नियमित प्रक्रिया है। अभी तक लिए गए नमूने मानक के अनुरूप पाए गए हैं। डामर व कुछ अन्य बिंदुओं पर जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। यह जांच निर्माणाधीन सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए है।
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49.91 करोड़ से बन रहा है मौरावां-बिहार मार्ग
पिछले साल लखनऊ के लिए 17 महीने तक हाईवे पर लागू रहे डायवर्जन के दौरान यह मार्ग बेहद जर्जर हो गया था। इस अन्य जिला मार्ग (ओडीआर) को शासन ने अक्तूबर 2024 को राज्य राजमार्ग का दर्जा देते हुए चौड़ाई बढ़ाकर सात मीटर करने के लिए और नवीनीकरण के लिए 49.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बजट जारी होने के बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण करा रहा है।
आजाद मार्ग पर भी कई बार उलझा यातायात
अचलगंज। सोमवार को यातायात का दबाव बढ़ने से सुबह नौ से 11 और शाम को चार बजे से डायवर्जन पॉइंटों पर यातायात रुक-रुक कर चला। रविवार की छुट्टी के बाद जैसे ही वाहनों की संख्या बढ़ी यातायात के दबाव में संचालन उलझने लगता है। लखनऊ-कानपुर हाईवे और उन्नाव-लालगंज हाईवे को जोड़ने वाले गदनखेड़ा चौराहे पर भारी वाहनों को रायबरेली की ओर मुड़ने के दौरान जाम लगता रहा। रायबरेली हाईवे को कानपुर हाईवे और गंगा बैराज मार्ग को जोड़ने वाले आजाद मार्ग चौराहा पर भी शाम को पांच बजे से रात नौ बजे तक यातायात कई बार उलझा।
वर्जन
केदार खेड़ा के पास जो नहर पुल है वह काफी संकरा और पुराना है। सड़क निर्माण में यहां नया चौड़ा पुल बनना है। यातायात डायवर्जन के लिए नहर को एक तरफ से बंद करने के लिए नहर विभाग से अनुमति मांगी गई थी, बाद में नहर में पानी आने और फिर बारिश की वजह से काम रुक गया था। अब पानी कम हुआ है तो पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा। -एचएन मिश्रा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी

मौरावां-बिहार मार्ग की क्षतिग्रस्त पुलिया के पास लगा चेतावनी बोर्ड व निकलता ट्रक। संवाद

मौरावां-बिहार मार्ग की क्षतिग्रस्त पुलिया के पास लगा चेतावनी बोर्ड व निकलता ट्रक। संवाद