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Unnao News: उफनाई कल्याणी नदी के पानी से 18 गांव घिरे, तीन स्कूल जलमग्न

Tue, 22 Sep 2026 01:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:08 AM IST
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18 villages surrounded by overflowing Kalyani River waters; three schools submerged.
लोनारी का जलमग्न परिषदीय स्कूल। संवाद
गंजमुरादाबाद। हरदोई जनपद की गंगा नदी का पानी कल्याणी में आ जाने से ब्लॉक क्षेत्र के 18 गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। तीन परिषदीय स्कूलों में घुटनों तक पानी भरा होने के बाद भी पढ़ाई हो रही है। हैंडपंप पानी में डूबने से गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दो सौ बीघे में बोई गई फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
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जनपद हरदोई के मल्लावां क्षेत्र से निकली गंगा का पानी कल्याणी नदी में पहुंच गया है। इससे क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए हैं। शिवलालपुरवा से शुरू होकर बेहटाकच्छ, लोनारी, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, भिलोई, देवरिया, लहरापुर, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, चिंगरपुरवा, छोटापुरवा, तकिया सहित कुल 18 गांव पानी से घिर चुके हैं।
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कुशराजपुर, लोनारी और छोटापुरवा के परिषदीय स्कूलों में पानी घुटनों तक भर गया है। देवरिया स्कूल के दरवाजे तक बाढ़ का पानी जा पहुंचा है। इसके अलावा इन बाढ़ प्रभावित गांवों में बने सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन भी इस समस्या से अछूते नहीं रह गए हैं। इसी तरह करीब दो सैकड़ा विद्युत पोल और 50 हैंडपंप पानी में जलमग्न हैं। हैंडपंपों के डूब जाने से इन गांवों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। जिन स्कूलों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। उनकी कक्षाएं अभी उन्हीं स्कूलों में ही चल रही हैं। खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिन स्कूलों में पानी भर गया है, उनकी कक्षाएं सुरक्षित स्थानों पर लगवाई जाएंगी।
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इंसेट-1
फसलें जलमग्न, पशुओं के लिए चारे का संकट
अब तक शिवलालपुरवा से लेकर लहरापुर तक करीब दो सौ बीघा भूमि में बोई गईं धान, मक्का, ज्वार और बाजरा की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। कई गांवों के किसानों की फसलें पूरी तरह डूब जाने से सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं। हरा चारा डूब जाने से पशुओं का पेट भरना पशुपालकों के लिए संकट बन गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग सड़कों पर डेरा डालने लगे हैं। प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। विधायक श्रीकांत कटियार ने कहा है कि गंगा के कल्याणी नदी में मिलते ही कई गांवों के लोग प्रभावित हो गए हैं। मंगलवार को वे स्वयं बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे।

वर्जन
लेखपालों को भेजकर बढ़ते जलस्तर की जानकारी ली जा रही है। बाढ़ की विभीषिका ने 16 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों को नुकसान होने की आशंका है पर मानव जीवन पर अभी इसका कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लेंगे। -बृजमोहन शुक्ला, एसडीएम बांगरमऊ।

लोनारी का जलमग्न परिषदीय स्कूल। संवाद

लोनारी का जलमग्न परिषदीय स्कूल। संवाद

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