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अब स्कूलों में छात्रों का होगा नेत्र परीक्षण
Unnao
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में छात्रों की आंखों की जांच अब स्कूल में ही की जाएगी। इस जांच के दौरान जिन छात्रों की नजर कमजोर होगी । उनको बेहतर फ्रेम और लेंस के चश्मे निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। नेत्र परीक्षण का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत कराया जा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग का आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी और चिकित्साधीक्षक को भेज दिया गया हैं।
जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे 8 से 14 वर्ष उम्र के सभी छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया जाएगा। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल तक के बच्चों का नेत्र परीक्षण करने के लिए सभी स्कूलाें में दो अध्यापक, अध्यापिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्साधीक्षक को इस संबध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश डा. केपी सिंह ने पत्र संख्या 30 फ/आ.स./2012-13/ जारी कर दिशा निर्देश दिए हैं। इस पत्र में यह भी निर्देश हैं कि नेत्र परीक्षण करने वाले आप्टोमेट्रिस्ट अपने स्तर पर स्कूली बच्चों के नेत्र परीक्षण और दिए गए चश्मों का रजिस्टर बनाएंगे। बच्चों को दिए जाने वाले चश्मों का फ्रेम एसिटेट पदार्थ का और शीशा इंग्लिश व्हाइट मानक का होगा। छात्रों को दिए जाने वाले चश्मों की खरीदारी जून माह के अंत तक करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि अगले शैक्षिक सत्र से इन बच्चों का नेत्र परीक्षण कर चश्में बांटे जा सकें । नवागत मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीपी मिश्रा ने बताया कि फिलहाल उन्हें निदेशालय से कोई भी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में चलाए जा रहे हैं । इसलिए जिले की क्या स्थिति है, अभी वह कुछ बता नहीं सकते। बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि योजना बच्चों के लिए लाभदायक है और इसे पूरी तरह से क्रियान्वित कराया जाएगा।
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जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे 8 से 14 वर्ष उम्र के सभी छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया जाएगा। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल तक के बच्चों का नेत्र परीक्षण करने के लिए सभी स्कूलाें में दो अध्यापक, अध्यापिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्साधीक्षक को इस संबध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश डा. केपी सिंह ने पत्र संख्या 30 फ/आ.स./2012-13/ जारी कर दिशा निर्देश दिए हैं। इस पत्र में यह भी निर्देश हैं कि नेत्र परीक्षण करने वाले आप्टोमेट्रिस्ट अपने स्तर पर स्कूली बच्चों के नेत्र परीक्षण और दिए गए चश्मों का रजिस्टर बनाएंगे। बच्चों को दिए जाने वाले चश्मों का फ्रेम एसिटेट पदार्थ का और शीशा इंग्लिश व्हाइट मानक का होगा। छात्रों को दिए जाने वाले चश्मों की खरीदारी जून माह के अंत तक करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि अगले शैक्षिक सत्र से इन बच्चों का नेत्र परीक्षण कर चश्में बांटे जा सकें । नवागत मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीपी मिश्रा ने बताया कि फिलहाल उन्हें निदेशालय से कोई भी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में चलाए जा रहे हैं । इसलिए जिले की क्या स्थिति है, अभी वह कुछ बता नहीं सकते। बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि योजना बच्चों के लिए लाभदायक है और इसे पूरी तरह से क्रियान्वित कराया जाएगा।
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