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शंकरपुर सराय की ओर बढ़ा बाघ
Unnao
Updated Tue, 18 Nov 2014 05:30 AM IST
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उन्नाव। गढ़ी सिलौली गांव के जंगल में घूम रहे बाघ ने अपनी जगह बदल ली है। अब वह गंगौली होते हुए शंकरपुर सराय की ओर पहुंच गया है। इससे इस इलाके में बाघ का भय बढ़ता जा रहा है। वन विभाग एवं वाइल्ड लाइफ की टीम अब बाघ की त लाश के लिए जीपीएस सिस्टम का सहारा लेने की योजना बना रही है।
मालूम हो कि लखनऊ से आई वाल्ड लाइफ और वन विभाग की टीम पांच दिन से गढ़ी सिलौली गांव में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन सोमवार को कांबिंग के दौरान उसके पैरों के निशान सिलौली से आगे गंगौली होते हुए शंकरपुर सराय की ओर मिले। पद्चिन्हों के आधार पर टीम ने इस इलाके में कांबिंग शुरू कर दी। हालांकि टीम को अभी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। बाघ से दर बदलने से अब टीम की कांबिंग का दायरा भी बढ़ गया है। साथ ही शंकरपुर सराय व आसपास के गांवों के लोगों में भी बाघ को लेकर दहशत है। टीम ने भी इस गांव के लोगों से जानवरों को जंगल में न छोड़ने एवं रात में सावधान रहने की अपील की है। सोमवार को पिंजरे के आसपास चारे के रूप में पंडवा बांधा गया है। टीम का मानना है कि रविवार रात में बाघ ने कोई शिकार नहीं किया है। सोमवार को दिनभर कांबिंद के दौरान भी वह छुपा नजर आया। ऐसी स्थिति में सोमवार रात वह शिकार के लिए निकल सकता है। इस वजह से पिंजरे के आसपास उसके खाने का इंतजाम किया गया है।
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मालूम हो कि लखनऊ से आई वाल्ड लाइफ और वन विभाग की टीम पांच दिन से गढ़ी सिलौली गांव में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन सोमवार को कांबिंग के दौरान उसके पैरों के निशान सिलौली से आगे गंगौली होते हुए शंकरपुर सराय की ओर मिले। पद्चिन्हों के आधार पर टीम ने इस इलाके में कांबिंग शुरू कर दी। हालांकि टीम को अभी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। बाघ से दर बदलने से अब टीम की कांबिंग का दायरा भी बढ़ गया है। साथ ही शंकरपुर सराय व आसपास के गांवों के लोगों में भी बाघ को लेकर दहशत है। टीम ने भी इस गांव के लोगों से जानवरों को जंगल में न छोड़ने एवं रात में सावधान रहने की अपील की है। सोमवार को पिंजरे के आसपास चारे के रूप में पंडवा बांधा गया है। टीम का मानना है कि रविवार रात में बाघ ने कोई शिकार नहीं किया है। सोमवार को दिनभर कांबिंद के दौरान भी वह छुपा नजर आया। ऐसी स्थिति में सोमवार रात वह शिकार के लिए निकल सकता है। इस वजह से पिंजरे के आसपास उसके खाने का इंतजाम किया गया है।
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