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जेल के बाहर महिलाओं से बदसलूकी
Unnao
Updated Thu, 22 Aug 2013 05:34 AM IST
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उन्नाव। जिला जेल में अफसरों ने मनमानी की इंतेहा पार कर दी है। बुधवार को जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं महिलाओं के बीच खड़े होकर एक डिप्टी जेलर और सिपाही ने दुर्व्यवहार किया। महिला बंदीरक्षकों की तैनाती के बाद भी महिलाओं की मुलाकात के लिए पुरुष बंदीरक्षक लगे रहे। कई महिलाओं ने भीड़ में जेल के अंदर जाने से इंकार कर दिया। वह भीड़ खत्म होने के बाद ही जेल गेट से अंदर गईं।
रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने भारी संख्या में महिलाएं जेल पहुंचीं। काफी इंतजार के बाद उन्हें कई शिफ्टों में जेल के भीतर जाने की अनुमति दी गई। जेल के बाहर हाथ में मोहर लगाने की जिम्मेदारी पुरुष बंदीरक्षक को दी गई थी। इसके बाद जेल गेट पर लाइन लगवाने से लेकर महिलाओं को अंदर भेजने की जिम्मेदारी भी पुरुष बंदीरक्षक ने ही निभाई। जेल गेट के बाहर एक बंदीरक्षक महिलाओं के बीच में खड़ा होकर उन्हें अंदर भेज रहा था। अंदर खड़े डिप्टी जेलर पर आरोप है कि वह महिलाओं को ढकेल रहे थे। डिप्टी जेलर के दुर्व्यवहार पर कुछ महिलाओं ने आपत्ति जताई तो उन्हें डांट कर चुप करा दिया गया। जेल के अंदर पहुंची महिलाएं डिप्टी जेलर के व्यवहार से दंग थीं। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार देख बाहर खड़ी कई महिलाएं लाइन से हट गईं। उन्होंने कहा कि भीड़ खत्म होने के बाद ही वह जेल के अंदर जाएंगी। यदि किसी पुरुष बंदीरक्षक या डिप्टी जेलर ने उन्हें हाथ लगाया तो ठीक नहीं होगा।
डिप्टी जेलर ने महिला बंदीरक्षकों को न बुलाकर कुछ पुरुष बंदीरक्षकों को महिलाओं की जेल के बाहर लाइन लगवाने के लिए बुलाया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। उनका कहना था कि महिला मुलाकाती आएं तो महिला बंदीरक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए। यदि कोई आरोप लग गया तो कौन बचाएगा।
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जेल में बंद पति से मिलने आई एक महिला से कुछ महीने पहले बंदीरक्षक ने छेड़छाड़ की थी। महिला की शिकायत के बाद बंदीरक्षक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद भी जेल प्रशासन ने महिलाओं की जांच का जिम्मा पुरुष बंदीरक्षकों को सौंप दिया।
जेलर से बात करूंगा - डीआईजी जेल
डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन्नाव जिला जेल में महिला बंदीरक्षकों की तैनाती है। महिला मुलाकातियों की जांच पुरुष बंदीरक्षक कैसे कर सकते हैं। वह इस मामले में जेलर से बात करेंगे।
गेट पर खड़े हो गए होंगे सिपाही - जेलर
जेलर पीएस मिश्रा ने कहा कि जेल में महिला बंदीरक्षकों की तैनाती है। मुख्य गेट पर लाइन लगवाने के लिए पुरुष बंदीरक्षक खड़े हो गए होंगे। महिलाओं की तलाशी अंदर होती है। दुर्व्यवहार की बात पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
यह गलत है - प्रभा
समाजवादी पार्टी महिला सभा की अध्यक्ष प्रभा यादव ने कहा कि जेल में जब महिला मुलाकाती जा रही थीं तो पुरुष बंदीरक्षकों की तैनाती गलत है। वह इस मामले की शिकायत महिला आयोग और पार्टी में ऊपर तक करेंगी।
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रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने भारी संख्या में महिलाएं जेल पहुंचीं। काफी इंतजार के बाद उन्हें कई शिफ्टों में जेल के भीतर जाने की अनुमति दी गई। जेल के बाहर हाथ में मोहर लगाने की जिम्मेदारी पुरुष बंदीरक्षक को दी गई थी। इसके बाद जेल गेट पर लाइन लगवाने से लेकर महिलाओं को अंदर भेजने की जिम्मेदारी भी पुरुष बंदीरक्षक ने ही निभाई। जेल गेट के बाहर एक बंदीरक्षक महिलाओं के बीच में खड़ा होकर उन्हें अंदर भेज रहा था। अंदर खड़े डिप्टी जेलर पर आरोप है कि वह महिलाओं को ढकेल रहे थे। डिप्टी जेलर के दुर्व्यवहार पर कुछ महिलाओं ने आपत्ति जताई तो उन्हें डांट कर चुप करा दिया गया। जेल के अंदर पहुंची महिलाएं डिप्टी जेलर के व्यवहार से दंग थीं। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार देख बाहर खड़ी कई महिलाएं लाइन से हट गईं। उन्होंने कहा कि भीड़ खत्म होने के बाद ही वह जेल के अंदर जाएंगी। यदि किसी पुरुष बंदीरक्षक या डिप्टी जेलर ने उन्हें हाथ लगाया तो ठीक नहीं होगा।
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डिप्टी जेलर ने महिला बंदीरक्षकों को न बुलाकर कुछ पुरुष बंदीरक्षकों को महिलाओं की जेल के बाहर लाइन लगवाने के लिए बुलाया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। उनका कहना था कि महिला मुलाकाती आएं तो महिला बंदीरक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए। यदि कोई आरोप लग गया तो कौन बचाएगा।
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जेल में बंद पति से मिलने आई एक महिला से कुछ महीने पहले बंदीरक्षक ने छेड़छाड़ की थी। महिला की शिकायत के बाद बंदीरक्षक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद भी जेल प्रशासन ने महिलाओं की जांच का जिम्मा पुरुष बंदीरक्षकों को सौंप दिया।
जेलर से बात करूंगा - डीआईजी जेल
डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन्नाव जिला जेल में महिला बंदीरक्षकों की तैनाती है। महिला मुलाकातियों की जांच पुरुष बंदीरक्षक कैसे कर सकते हैं। वह इस मामले में जेलर से बात करेंगे।
गेट पर खड़े हो गए होंगे सिपाही - जेलर
जेलर पीएस मिश्रा ने कहा कि जेल में महिला बंदीरक्षकों की तैनाती है। मुख्य गेट पर लाइन लगवाने के लिए पुरुष बंदीरक्षक खड़े हो गए होंगे। महिलाओं की तलाशी अंदर होती है। दुर्व्यवहार की बात पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
यह गलत है - प्रभा
समाजवादी पार्टी महिला सभा की अध्यक्ष प्रभा यादव ने कहा कि जेल में जब महिला मुलाकाती जा रही थीं तो पुरुष बंदीरक्षकों की तैनाती गलत है। वह इस मामले की शिकायत महिला आयोग और पार्टी में ऊपर तक करेंगी।