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कर्जमाफी में ठगे गए उन्नाव के किसान

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Unnao
Unnao Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए कर्जमाफी के तोहफे में जनपद के किसान ‘ठग’ गए हैं। जिले के अधिकांश किसानों ने जिला सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन ले रखा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा कृषि भूमि गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले दस हजार से अधिक के बकाएदारों में से मात्र 2-3 फीसदी किसान ही इस योजना के लाभ के दायरे में आए हैं। इससे कर्जमाफी की उम्मीद में लोन की किस्तें जमा न करने वाले हजारों किसानों के मायूसी ही हाथ लगी है।
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जिले में जिला सहकारी भूमि विकास बैंक की पांच शाखाएं हैं। इन बैंकों में अपनी कृषि भूमि गिरवी रखकर जनपद के 10 हजार 5 सौ किसानों ने लोन लिया था। इनमें से 64 ऐसे किसान हैं, जिन्होंने 1 लाख से ऊपर और 150 किसानों ने 50 हजार से एक लाख के बीच तक का कर्जा ले रखा है। शेष 10 हजार 286 किसानों ने 50 हजार तक का लोन लिया है। पूर्व में सपा के चुनावी घोषणा पत्र में सरकार बनने पर 50 हजार तक के लोन माफ करने के वादे से किसानों ने कर्जमाफी की उम्मीद में अधिकांश किसानों ने पैसा जमा नहीं किया। बैंक के लीगल मैनेजर कन्हैयालाल के मुताबिक, वैसे प्रदेश सरकार की इस योजना के दायरे में कितने किसान आए इसके सटीक आंकड़े तो सूची बनने के बाद ही मिल पाएंगे, फिर भी योजना का लाभ लेने के लिए जो नियम बनाए गए हैं उनमें से मात्र 2 से 3 प्रतिशत ही किसान ही इस श्रेणी में आ सकेंगे। कारण लोन माफी की पूर्व में हुई घोषणा से अधिकांश किसानों ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया था। कर्ज न जमा करके किसानों ने अपने ऊपर भारी ब्याज भी लाद लिया है। कर्ज माफी के लिए बनाए गए नियमों के दायरे में आने वाले किसानों की संख्या काफी कम होगी।
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