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किशोरी में एईएस की पुष्टि
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:26 AM IST
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हसनगंज (उन्नाव)। जिले में डेंगू व मलेरिया के बाद अब एईएस(एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। हसनगंज के धौरा निवासी किशोरी में लखनऊ के मेडिकल कालेज में हुई जांच में इस बीमारी की पुष्टि के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अब तक किशोरी का घर नहीं तलाश सका है।
हसनगंज धौरा निवासी पराजी लाल की 17 साल की बेटी अंकिता वर्मा का लखनऊ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। तेज बुखार पर जब जांच की गई तो एईएस की पुष्टि हुई। इस पर लखनऊ मेडिकल कालेज से जांच रिपोर्ट उन्नाव स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी गई है। जिला संक्रामक रोग विभाग की टीम जांच रिपोर्ट के आधार पर धौरा गांव पहुंची। हालांकि वहां मरीज का पता नहीं खोज पाई। संक्रामक रोग विभाग के एक कर्मी को लखनऊ भेजा गया है। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि जांच रिपोर्ट में एईएस का मरीज मिलने की बात सामने आई है। हालांकि मरीज के पते की पुष्टि नहीं हो सकी है। रिपोर्ट पर संपर्क के लिए जो मोबाइल नंबर दिया गया है वह गलत बता रहा है। किशोरी का पता लगाया जा रहा है।
क्या है एईएस
जिला संक्रामक रोग विभाग के नोडल अधिकारी आरएस मिश्रा ने बताया कि एईएस बीमारी में मरीज के मस्तिष्क में सूजन आ जाती है। मरीज को शुरुआत में बुखार व सिर दर्द की शिकायत होती है। गंभीर स्थिति होने पर मरीज विक्षिप्त तक हो जाता है और उसे झटके आने लगते हैं। लक्षण के आधार पर बीमारी की पहचान कर बीमारी की जांच की जाती है।
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तीन की हो चुकी है मौत
जिले में वर्ष 2018 में एईएस के लक्षण के 14 मरीज मिल चुके हैं। जिनमें तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उन मरीजों का डेथ आडिट नहीं कर सका जिनकी बीमारी से मौत हुई थी।
-लखनऊ मेडिकल कालेज में चल रहा है उपचार
-मेडिकल कालेज की जांच रिपोर्ट में हुई बीमारी की पुष्टि
-स्वास्थ्य विभाग नहीं खोज सका किशोरी के घर का पता
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हसनगंज धौरा निवासी पराजी लाल की 17 साल की बेटी अंकिता वर्मा का लखनऊ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। तेज बुखार पर जब जांच की गई तो एईएस की पुष्टि हुई। इस पर लखनऊ मेडिकल कालेज से जांच रिपोर्ट उन्नाव स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी गई है। जिला संक्रामक रोग विभाग की टीम जांच रिपोर्ट के आधार पर धौरा गांव पहुंची। हालांकि वहां मरीज का पता नहीं खोज पाई। संक्रामक रोग विभाग के एक कर्मी को लखनऊ भेजा गया है। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि जांच रिपोर्ट में एईएस का मरीज मिलने की बात सामने आई है। हालांकि मरीज के पते की पुष्टि नहीं हो सकी है। रिपोर्ट पर संपर्क के लिए जो मोबाइल नंबर दिया गया है वह गलत बता रहा है। किशोरी का पता लगाया जा रहा है।
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क्या है एईएस
जिला संक्रामक रोग विभाग के नोडल अधिकारी आरएस मिश्रा ने बताया कि एईएस बीमारी में मरीज के मस्तिष्क में सूजन आ जाती है। मरीज को शुरुआत में बुखार व सिर दर्द की शिकायत होती है। गंभीर स्थिति होने पर मरीज विक्षिप्त तक हो जाता है और उसे झटके आने लगते हैं। लक्षण के आधार पर बीमारी की पहचान कर बीमारी की जांच की जाती है।
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तीन की हो चुकी है मौत
जिले में वर्ष 2018 में एईएस के लक्षण के 14 मरीज मिल चुके हैं। जिनमें तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उन मरीजों का डेथ आडिट नहीं कर सका जिनकी बीमारी से मौत हुई थी।
-लखनऊ मेडिकल कालेज में चल रहा है उपचार
-मेडिकल कालेज की जांच रिपोर्ट में हुई बीमारी की पुष्टि
-स्वास्थ्य विभाग नहीं खोज सका किशोरी के घर का पता