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सात मवेशियो की मौत

Sun, 01 May 2022 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 11:51 PM IST
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7 catle died
न्यामतपुर गांव में संचालित गोशाला का निरीक्षण करते एसडीएम रामदत्त राम। संवाद - फोटो : UNNAO
पाटन/हसनगंज। गोशालाओं में व्यवस्था नहीं सुधर रही है। चारे-पानी के अभाव में मवेशी दम तोड़ रहे हैं। रविवार को पाटन और हसनगंज में गोशालाओं के निरीक्षण के दौरान एसडीएम को ये हकीकत देखने को मिली। भगवंतनगर स्थित कान्हा गोशाला में चार और बरौना न्यामतपुर गांव स्थित गोशाला में तीन मवेशी मृत मिले। कई मवेशी बीमार हैं। खास बात ये है कि फोन पर ईओ ने एसडीएम को सब ठीक होने की जानकारी दे दी।
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भगवंतनगर कस्बे में 300 मवेशियों के लिए बनी कान्हा गोशाला दुर्दशा का शिकार है। यहां न तो चारा है और न ही पानी। रविवार सुबह 11:30 बजे एसडीएम अजीत जायसवाल गोशाला पहुंचे तो मवेशियों को चारा नहीं दिया गया था।
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चार मवेशी मृत मिले जबकि दो मरणासन्न थे। गोशाला में गंदगी फैली थी। ये नजारा देखकर एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने ईओ व पशु चिकित्साधिकारी को फोन मिलाया। खुद गोशाला में खड़े होने की जानकारी ईओ को न देकर उनसे वहां की स्थिति पूछी। उन्होंने बताया कि मवेशियों को चारा व पानी समय से मिल रहा है।
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ईओ का ये बयान सुनकर एसडीएम ने फटकार लगाकर गोशाला की दुर्दशा बताई। उन्होंने वीडियो बनवाकर सीडीओ को भेजा। साथ ही ईओ व पशु चिकित्साधिकारी को मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराकर उनको दफनाने के निर्देश दिए। सुधार के लिए दो दिन का समय दिया। कहा कि जब तक व्यवस्था बेहतर नहीं हो जाती इस पर नजर रखी जाएगी।
उधर हसनगंज में एसडीएम रामदत्त राम ने ब्लाक की तीन गोशालाओं का निरीक्षण किया। बरौना न्यामतपुर गांव स्थित गोशाला में तीन मवेशी मृत मिले। कई मवेशी बीमार थे।
एसडीएम ने पशु चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार को मौके पर बुलाया और मवेशियों का सही से इलाज न करने पर क्लास ली। ग्राम विकास अधिकारी मृगांक गौतम को चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
धूप में खड़े मवेशियों के लिए टिन शेड लगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने संदाना व चंपतपुर गोशाला का निरीक्षण किया। जहां भूसे की कमी मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
चारा पानी न मिलने से मवेशी हो रहे कमजोर
गंजमुरादाबाद। क्षेत्र की ग्राम पंचायत नसीरपुर भिक्खन में पिछले वर्ष गोशाला का संचालन शुरू किया गया था। इसमें 40 मवेशी अभिलेखों में दर्ज हैं लेकिन चारे की समुचित व्यवस्था नहीं है। पैसा न मिलने के कारण देखरेख करने वाले ने काम बंद कर दिया है। चार दिन से टैंक में ताजा पानी नहीं भरा गया है। चारा-पानी न मिलने से मवेशी कमजोर हो रहे हैं।
रविवार दोपहर गोशाला में 12 मवेशी ही मिले। एक कमजोर मवेशी तेज धूप में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि चारे और ताजे पानी के अभाव में मवेशी दम तोड़ रहे हैं। पोस्टमार्टम न कराकर शव पचनहिया सूखी माइनर की झाड़ियों में फेंक दिया जाता है। पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत वर्मा ने बताया कि चार दिन पूर्व उन्होंने गोशाला का निरीक्षण किया था तब 40 मवेशी मौजूद थे। सभी मवेशियों की टैगिंग भी की जा चुकी है। सोमवार सुबह गोशाला की स्थिति देखकर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)

दान किया भूसा
पाटन। तहसीलदार बीघापुर दिलीप कुमार ने लोगों से गोशालाओं के लिए भूसा दान करने की अपील की थी। इसका असर दिख रहा है। रविवार को ग्रामसभा बाबूखेड़ा के राजस्व ग्राम पजनखेड़ा स्थित गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम अजीत जायसवाल से बात के बाद ग्राम प्रधान आलोक कुमार ने गोशाला को 10 क्विंटल भूसा दान किया। इसी गोशाला के लिए ग्रामीण उमेश कुमार व आशीष दीक्षित ने भी दो-दो क्विंटल भूसा दिया। वहीं बजौरा के ग्राम प्रधान दिलीप कुमार ने ग्राम पंचायत कलानी की गोशाला के लिए भूसा दान किया। (संवाद)

गोशाला में मृत व भूख से तड़पते गोवंश व जिम्मेदारों को फोन पर फटकार लगाते एसडीएम। संवाद

गोशाला में मृत व भूख से तड़पते गोवंश व जिम्मेदारों को फोन पर फटकार लगाते एसडीएम। संवाद- फोटो : UNNAO

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