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तीन माह की बंदी की नोटिस को यूपीपीसीबी ने किया निरस्त

Tue, 16 Oct 2018 12:34 AM IST
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:34 AM IST
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तीन माह की बंदी की नोटिस को यूपीपीसीबी ने किया निरस्त

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उन्नाव। महाकुंभ के मद्देनजर टेनरियों को तीन माह तक बंद रखने के संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के जारी किए गए नोटिस को यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड)ने निरस्त कर दिया है। यूपीपीसीबी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के अलावा टेनरी संचालकों को निरस्तीकरण के आदेश की प्रति भेजी है। कुंभ स्नान के दौरान बंदी किस स्तर पर होगी, इसका पत्र में जिक्र नहीं है। ऐसे में चमड़ा कारोबारी असमंजस में हैं। चमड़ा कारोबारियों के अनुसार कुंभ स्नान के दौरान बड़ी बंदी हुई तो कई हजार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा।


कुंभ स्नान के दौरान फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी गंगा तक न पहुंचे, इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 29 जून 2018 को सभी टेनरी संचालकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में मुख्यमंत्री के कुंभ की तैयारियों को लेकर की गई बैठक का जिक्र करते हुए 15 दिसंबर से 15 मार्च तक चर्म इकाइयों को बंद रखने का निर्देश दिया गया था। नोटिस से चर्म इकाइयों में हड़कंप मच गया था। बड़े कारोबारियों ने प्रदूषण विभाग के बड़े अधिकारियों के अलावा शासन से तीन माह तक बंदी को रोकने की मांग की थी। इस बीच उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड की ओर से 29 जून को जारी किए गए नोटिस को निरस्त करने का आदेश कर दिया। सभी टेनरी संचालकों को नोटिस के निरस्तीकरण का आदेश भेजा गया है।
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बंदी से छह हजार करोड़ की लगेगी चपत
शासन के आदेश पर 15 दिसंबर से 15 मार्च तक टेनरियों में उत्पादन बंद होता है तो चमड़ा कारोबार को हर माह दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ेगा। जिले में जूता, सैडलरी, कच्चे माल का निर्यात बड़ी मात्रा में होता है। चर्म उद्योग एक हजार करोड़ रुपये का विदेशों में निर्यात करता है। एक हजार करोड़ रुपये का घरेलू निर्यात होता है। तीन माह की बंदी से निर्यात पर रोक लग जाएगी। इतनी लंबी अवधि में बंदी से चर्म इकाइयों से जुड़े कर्मचारी व श्रमिक दूसरे जिलों में पलायन कर जाएंगे।
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चर्म इकाइयों से जुड़े उद्योगों को भी होगा नुकसान
जिले में चर्म इकाइयों से जुड़ी दो सौ से अधिक फैक्टरियां हैं। तीन माह की बंदी का आदेश लागू होने से अन्य उद्योगों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले नादिर ने बताया कि बहुत से कारोबारी टेनरियों के साथ जुड़कर काम करते हैं। तीन माह की बंदी छोटे उद्योगों को भी प्रभावित करेगी।


स्नान से पहले तीन दिन की बंदी को तैयार
कुंभ स्नान के दौरान चमड़ा कारोबारी प्रत्येक स्नान से तीन दिन पहले बंदी करने को तैयार हैं। चमड़ा कारोबारियों का कहना है कि पूर्व में प्रत्येक स्नान से तीन दिन पहले वह उत्पादन बंद कर देते थे। वह चाहते हैं कि सरकार इसी नियम को लागू करे। इससे वह नुकसान से बच सकें और मजदूर भी जिले से पलायन न कर सकें।

निरस्तीकरण की जानकारी नहीं
क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि आदेश निरस्तीकरण का पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




तीन माह की बंदी के नोटिस को बोर्ड ने किया निरस्त
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 29 जून को जारी किया था नोटिस
यूपीपीसीबी ने आदेश किया निरस्त, टेनरी संचालकों को दी गई जानकारी
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