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जीएसटी में व्यापारियों को राहत, लापरवाह कर्मियों पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:58 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अब जीएसटी कार्यालय के कर्मचारी व्यापारियों को टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) कटौती का प्रमाणपत्र पांच दिन में जारी करेंगे। समय पर व्यापारी को प्रमाणपत्र पत्र न मिलने की शिकायत पर कर्मचारी से जुर्माना वसूला जाएगा। डिप्टी कमिश्नर के आदेश से कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल बना है।
उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं सेवाकर कार्यालय डिप्टी कमिश्नर खंड प्रथम आशीष निरंजन ने व्यापारियों को सहूलियत देने के साथ ही कर्मचारियों पर शिकंजा कसा है। डिप्टी कमिश्रर ने कर्मचारियों को रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों को महज पांच दिन में प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। प्रमाणपत्र जारी करने में लेटलतीफी की शिकायत पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की है। इसके अलावा प्रतिदिन 100 रुपये के साथ ही अधिकतम 5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया है। डिप्टी कमिश्रर खंड प्रथम आशीष निरंजन ने बताया कि व्यापारियों की सहूलियत के लिए कदम उठाया गया है। बताया कि कर्मचारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। उधर, डिप्टी कमिश्रर की नई व्यवस्था से कर्मचारियों में ऊहापोह के हालात बने हैं। कुछ दबी जुबान विरोध भी कर रहे हैं लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
सरकारी विभागों पर भी जीएसटी का शिकंजा
डिप्टी कमिश्नर आशीष निरंजन ने उन सरकारी विभागों पर शिकंजा कसा है। जो वस्तुओं की सप्लाई लेते हैं। विभागाध्यक्षों से एक सप्ताह के भीतर टैन बेस जीएसटी व पैन बेस जीएसटी पंजीयन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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-व्यापारियों को टीडीएस कटौती का प्रमाणपत्र पांच दिन में होगा जारी
- लेटलतीफी पर जीएसटी के कर्मचारी होंगे जिम्मेदार, भरेंगे जुर्माना
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उन्नाव। अब जीएसटी कार्यालय के कर्मचारी व्यापारियों को टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) कटौती का प्रमाणपत्र पांच दिन में जारी करेंगे। समय पर व्यापारी को प्रमाणपत्र पत्र न मिलने की शिकायत पर कर्मचारी से जुर्माना वसूला जाएगा। डिप्टी कमिश्नर के आदेश से कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल बना है।
उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं सेवाकर कार्यालय डिप्टी कमिश्नर खंड प्रथम आशीष निरंजन ने व्यापारियों को सहूलियत देने के साथ ही कर्मचारियों पर शिकंजा कसा है। डिप्टी कमिश्रर ने कर्मचारियों को रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों को महज पांच दिन में प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। प्रमाणपत्र जारी करने में लेटलतीफी की शिकायत पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की है। इसके अलावा प्रतिदिन 100 रुपये के साथ ही अधिकतम 5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया है। डिप्टी कमिश्रर खंड प्रथम आशीष निरंजन ने बताया कि व्यापारियों की सहूलियत के लिए कदम उठाया गया है। बताया कि कर्मचारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। उधर, डिप्टी कमिश्रर की नई व्यवस्था से कर्मचारियों में ऊहापोह के हालात बने हैं। कुछ दबी जुबान विरोध भी कर रहे हैं लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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सरकारी विभागों पर भी जीएसटी का शिकंजा
डिप्टी कमिश्नर आशीष निरंजन ने उन सरकारी विभागों पर शिकंजा कसा है। जो वस्तुओं की सप्लाई लेते हैं। विभागाध्यक्षों से एक सप्ताह के भीतर टैन बेस जीएसटी व पैन बेस जीएसटी पंजीयन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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-व्यापारियों को टीडीएस कटौती का प्रमाणपत्र पांच दिन में होगा जारी
- लेटलतीफी पर जीएसटी के कर्मचारी होंगे जिम्मेदार, भरेंगे जुर्माना