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Unnao News: 26 हजार बच्चों को नहीं मिला डीबीटी का लाभ, बिना यूनिफार्म आ रहे स्कूल

Wed, 06 Aug 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Wed, 06 Aug 2025 01:01 AM IST
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26 thousand children did not get the benefit of DBT, coming to school without uniform
इटावा। सरकारी योजनाएं ठीक से लागू न होने से जहां अभिभावक व बच्चों का परिषदीय स्कूलों से मोहभंग हो रहा है। वहीं, कम नामांकन के चलते स्कूलों का विलय करना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। स्थिति यह है कि नए सत्र के चार महीने बीतने के बाद भी 26 हजार बच्चों को डीबीटी का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में ये बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही स्कूल आ रहे हैं।
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जिले के 1383 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 96 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से सिर्फ 70 हजार छात्रों को ही डीबीटी की धनराशि मिल पाई है। जबकि 26 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की धनराशि नहीं पहुंच पाई है। विभागीय आंकड़ों पर अगर गौर करें तो इनमें से 12 हजार बच्चों के कागजात पूरे कर लिए गए है, जिन्हें जल्द ही डीबीटी की राशि भेजी जाएगी।
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इसके साथ ही सात हजार बच्चों के पास आधार कार्ड ही नहीं है जबकि बचे हुए सात हजार बच्चों के अभिलेखों में खामियां है। इस वजह से इनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि नहीं पहुंच पा रही है। इससे विद्यार्थियों को युनिफार्म के बगैर स्कूल जाना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग हर बार कोई न कोई बहाना बताकर बजट न जाने की बात कह रहा है। इसके चलते छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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डीबीटी के माध्यम से मिलते है 1200 रुपये
शासन स्तर से हर साल 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है। यह धनराशि दो सेट यूनिफार्म खरीदने के लिए दी जाती है। एक बैग सेट, दो जोड़ी मोजे, एक जोड़ी जूते, एक स्वेटर दिया जाता है। साथ ही 100 रुपये का कॉपी, पेंसिल, रबर, कटर आदि के लिए धनराशि दी जाती है। प्रधानाध्यापक डीबीटी एप के माध्यम से शिक्षकों की ओर से छात्रों व अभिभावकों का आधार सत्यापन किया जाता है। जिनका सत्यापन हो जाता है उनको सीधे शासन स्तर खाते में धनराशि भेजी जाती है।


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वर्जन
अब तक 70 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की राशि पहुंचाई जा चुकी है। जिन छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है, उनका प्रमाणपत्र बनाया जा रहा है। जिन छात्रों के अभिभावकों का आधार मैच नहीं कर रहा है, उसे ठीक कराकर जल्दी ही खाते में डीबीटी की राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
डॉ. राजेश कुमार, बीएसए
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