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Unnao News: सात माह भी नहीं चल पाई 25.51 करोड़ की सड़क
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फोटो-11, 12
-मार्च माह में बनकर तैयार हुआ था अजगैन मोहान मार्ग, खोला गया था यातायात
-पहली ही बारिश नहीं झेल सकी सड़क, मार्ग पर नवई गांव के पास हो गए हैं गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अभी हाल ही में नगर विकास विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य नियोजित ढंग से और समन्वित रूप से कराए जाएं। निर्देशों के उलट विभागीय जिम्मेदार ही शासन की मंशा पर पानी फेरने में लगे हैं। 25.51 करोड़ से सात माह पहले तैयार हुआ अजगैन-मोहान मार्ग महज सात माह में ही गड्ढों में तब्दील हो गया। यही स्थिति 20 करोड़ से बने नवाबगंज-लखनापुर मार्ग का भी है। यह मार्ग भी तीन साल में ही ध्वस्त हो गया। जगह-जगह गड्ढे होने से आए दिन वाहन फंस रहे हैं और जाम लग रहा है। यह तो बानगी है। कमोबेश सभी मार्गों का एक जैसा हाल है। मुख्य सड़कें, संपर्क मार्गों से लेकर पुलियों तक का एक जैसा हाल है। कहीं सड़कों पर बजरी उखड़ रही तो कहीं डामर छोड़ रहा। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
फोटो-11-अजगैन-मोहान मार्ग में नवई गांव के पास सड़क पर हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
सड़क-1
अजगैन-मोहान मार्ग-सात माह में हो गए गड्ढे
हसनगंज। वर्ष 2024 में 18 किलोमीटर लंबे अजगैन-मोहान मार्ग के चौड़ीकरण व नवीनीकरण के लिए 25.51 करोड़ स्वीकृत हुए थे। कार्य की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। मार्च 2024 में भूमि पूजन के बाद कार्य शुरू हुआ था। करीब एक साल बाद मार्च 2025 में सड़क बनकर तैयार हुई तो आवागमन खोला गया। पीडब्ल्यूडी ने मकूर से नई सराय गांव तक छह किमी की सड़क को विशेष तकनीकी चूना, पत्थर का मिश्रण डालकर फिर गिट्टी व डामर से बराबर करके निर्माण कराया था। इससे पांच साल तक सड़क के न टूटने का दावा किया था। हालांकि सात माह में ही नवई गांव के पास सड़क गड्ढों में तब्दील होने लगी है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। (संवाद)
फोटो-12-नवाबगंज-लखनापुर मार्ग में हुए गड्ढों में फंसा ओवरलोड डंपर। संवाद
सड़क-2
लखनापुर-नवाबगंज मार्ग-तीन साल में ही निकला दम
नवाबगंज। लखनापुर-नवाबगंज मार्ग की दूरी आठ किमी है। वर्ष 2022 में 20 करोड़ की लागत से मार्ग का नवनिर्माण हुआ था। दावा किया गया था कि पांच साल तक सड़क में एक भी गड्ढा नहीं होगा। हालांकि दावे तीन साल में ही फुस्स हो गए। मार्ग में सैकड़ों की संख्या में गड्ढे हो गए हैं। लखनापुर ग्राम प्रधान अजय लोधी, प्रवीण, रमेश मिश्रा, कामिल, सुशील, पवन आदि ग्रामीणों ने बताया कि बाइक सवार गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन आज तक न तो गड्ढे भरे गए और न ही मरम्मत हुई। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कुछ और मार्ग, पुल-पुलिया गुणवत्ता पर नहीं उतरे खरे
-भदनी पुलिया के चौड़ीकरण का कार्य 2.71 करोड़ से जून 2024 में शुरू हुआ था। फरवरी 2025 में आवागमन शुरू हुआ था। अगस्त 2025 में ही पुलिया में गड्ढे हो हुए, सरिया बाहर झांकने लगीं।
-औरास में मिर्जापुर अजिगांव में मार्च 2025 में 4.99 करोड़ से पुल बनकर तैयार हुआ था। अगस्त में ही पुल में एप्रोच रोड को मिलाकर करीब 10 जगहों पर बड़ी दरारें आ गई थीं। पुल से पहले रोड किनारे गड्ढा हो गया था।
-औरास ऊंचद्वार मार्ग का 35.95 करोड़ से चौड़ीकरण व नवीनीकरण हुआ था। अगस्त 2025 में काम पूरा हुआ था। सात दिन बाद ही अगस्त में ही सड़क की बजरी काफी दूर तक उखड़ गई और गड्ढे हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने हादसे से बचने के लिए झाड़ू लगाकर गिट्टी बटोरी।
-खपरा मुस्लिम-मोहान मार्ग में नेवलगंज गांव के पास 58 लाख से छह किमी क्षेत्र में डामरीकरण 2023 में कराया गया था। अगस्त 2025 आते, आते सड़क गहरे गड्ढों में समाने लगी थी।
एक्सपर्ट ने बताया सड़कें इतनी जल्दी क्यों क्षतिग्रस्त हो जाती हैं
पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन पद से सेवानिवृत्त हुए एक अधिकारी ने बताया कि एक किमी लंबी व 3.75 मीटर चौड़ी सड़क का इस्टीमेट करीब 62 से 65 लाख के बीच बनता है। निर्माण में नियमानुसार, तीन परत में जीएसबी यानि स्टोन, सीमेंट और डस्ट मिक्चर डालने का नियम है। इसके बाद एक परत डस्ट बिछाकर और फिर पानी डालकर रोलिंग करना होता है। इसके बाद चौथी परत में पीसी (1/2 इंच पौना ईंटा और डामर मिक्स) डाली जाती है। इसकी मोटाई 11.2 एमएम रखनी होती है। मजबूती के लिए अंतिम परत में सीलकोड (जीरा पत्थर और डामर मिक्स) डाला जाता है। इसकी मोटाई छह एमएम होनी चाहिए। इस प्रकार से एक किमी सड़क निर्माण में करीब 12 एमटी यानि 60 ड्रम डामर लगता है। जब निर्माण करने वाला पत्थर की रोलिंग (रोड रोलर से) सही से न करता है। तो पत्थर हल्के रह जाने से जल्दी उखाड़ना शुरू हो जाते हैं। इसके अलावा डामर कम व अन्य सामग्री का मानक अनुरूप प्रयोग न होने से सड़क जल्दी टूट जाती है।
वर्जन
रटारटाया जवाब-ठेकेदार से जवाब-तलब करेंगे
अजगैन-मोहान मार्ग पर नवई गांव के पास गड्ढे होने की जानकारी मिली है। ठेकेदार से जवाब-तलब किया जाएगा। मार्ग अभी अनुरक्षण (नियमित जांच और मरम्मत) अवधि में है। इसलिए ठेकेदार ही गड्ढों की मरम्मत कराएगा। नवाबगंज-हसनापुर मार्ग की भी जांच कराई जाएगी।-प्रवीण कटियार, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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-मार्च माह में बनकर तैयार हुआ था अजगैन मोहान मार्ग, खोला गया था यातायात
-पहली ही बारिश नहीं झेल सकी सड़क, मार्ग पर नवई गांव के पास हो गए हैं गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अभी हाल ही में नगर विकास विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य नियोजित ढंग से और समन्वित रूप से कराए जाएं। निर्देशों के उलट विभागीय जिम्मेदार ही शासन की मंशा पर पानी फेरने में लगे हैं। 25.51 करोड़ से सात माह पहले तैयार हुआ अजगैन-मोहान मार्ग महज सात माह में ही गड्ढों में तब्दील हो गया। यही स्थिति 20 करोड़ से बने नवाबगंज-लखनापुर मार्ग का भी है। यह मार्ग भी तीन साल में ही ध्वस्त हो गया। जगह-जगह गड्ढे होने से आए दिन वाहन फंस रहे हैं और जाम लग रहा है। यह तो बानगी है। कमोबेश सभी मार्गों का एक जैसा हाल है। मुख्य सड़कें, संपर्क मार्गों से लेकर पुलियों तक का एक जैसा हाल है। कहीं सड़कों पर बजरी उखड़ रही तो कहीं डामर छोड़ रहा। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
फोटो-11-अजगैन-मोहान मार्ग में नवई गांव के पास सड़क पर हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
सड़क-1
अजगैन-मोहान मार्ग-सात माह में हो गए गड्ढे
हसनगंज। वर्ष 2024 में 18 किलोमीटर लंबे अजगैन-मोहान मार्ग के चौड़ीकरण व नवीनीकरण के लिए 25.51 करोड़ स्वीकृत हुए थे। कार्य की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। मार्च 2024 में भूमि पूजन के बाद कार्य शुरू हुआ था। करीब एक साल बाद मार्च 2025 में सड़क बनकर तैयार हुई तो आवागमन खोला गया। पीडब्ल्यूडी ने मकूर से नई सराय गांव तक छह किमी की सड़क को विशेष तकनीकी चूना, पत्थर का मिश्रण डालकर फिर गिट्टी व डामर से बराबर करके निर्माण कराया था। इससे पांच साल तक सड़क के न टूटने का दावा किया था। हालांकि सात माह में ही नवई गांव के पास सड़क गड्ढों में तब्दील होने लगी है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। (संवाद)
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सड़क-2
लखनापुर-नवाबगंज मार्ग-तीन साल में ही निकला दम
नवाबगंज। लखनापुर-नवाबगंज मार्ग की दूरी आठ किमी है। वर्ष 2022 में 20 करोड़ की लागत से मार्ग का नवनिर्माण हुआ था। दावा किया गया था कि पांच साल तक सड़क में एक भी गड्ढा नहीं होगा। हालांकि दावे तीन साल में ही फुस्स हो गए। मार्ग में सैकड़ों की संख्या में गड्ढे हो गए हैं। लखनापुर ग्राम प्रधान अजय लोधी, प्रवीण, रमेश मिश्रा, कामिल, सुशील, पवन आदि ग्रामीणों ने बताया कि बाइक सवार गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन आज तक न तो गड्ढे भरे गए और न ही मरम्मत हुई। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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-भदनी पुलिया के चौड़ीकरण का कार्य 2.71 करोड़ से जून 2024 में शुरू हुआ था। फरवरी 2025 में आवागमन शुरू हुआ था। अगस्त 2025 में ही पुलिया में गड्ढे हो हुए, सरिया बाहर झांकने लगीं।
-औरास में मिर्जापुर अजिगांव में मार्च 2025 में 4.99 करोड़ से पुल बनकर तैयार हुआ था। अगस्त में ही पुल में एप्रोच रोड को मिलाकर करीब 10 जगहों पर बड़ी दरारें आ गई थीं। पुल से पहले रोड किनारे गड्ढा हो गया था।
-औरास ऊंचद्वार मार्ग का 35.95 करोड़ से चौड़ीकरण व नवीनीकरण हुआ था। अगस्त 2025 में काम पूरा हुआ था। सात दिन बाद ही अगस्त में ही सड़क की बजरी काफी दूर तक उखड़ गई और गड्ढे हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने हादसे से बचने के लिए झाड़ू लगाकर गिट्टी बटोरी।
-खपरा मुस्लिम-मोहान मार्ग में नेवलगंज गांव के पास 58 लाख से छह किमी क्षेत्र में डामरीकरण 2023 में कराया गया था। अगस्त 2025 आते, आते सड़क गहरे गड्ढों में समाने लगी थी।
एक्सपर्ट ने बताया सड़कें इतनी जल्दी क्यों क्षतिग्रस्त हो जाती हैं
पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन पद से सेवानिवृत्त हुए एक अधिकारी ने बताया कि एक किमी लंबी व 3.75 मीटर चौड़ी सड़क का इस्टीमेट करीब 62 से 65 लाख के बीच बनता है। निर्माण में नियमानुसार, तीन परत में जीएसबी यानि स्टोन, सीमेंट और डस्ट मिक्चर डालने का नियम है। इसके बाद एक परत डस्ट बिछाकर और फिर पानी डालकर रोलिंग करना होता है। इसके बाद चौथी परत में पीसी (1/2 इंच पौना ईंटा और डामर मिक्स) डाली जाती है। इसकी मोटाई 11.2 एमएम रखनी होती है। मजबूती के लिए अंतिम परत में सीलकोड (जीरा पत्थर और डामर मिक्स) डाला जाता है। इसकी मोटाई छह एमएम होनी चाहिए। इस प्रकार से एक किमी सड़क निर्माण में करीब 12 एमटी यानि 60 ड्रम डामर लगता है। जब निर्माण करने वाला पत्थर की रोलिंग (रोड रोलर से) सही से न करता है। तो पत्थर हल्के रह जाने से जल्दी उखाड़ना शुरू हो जाते हैं। इसके अलावा डामर कम व अन्य सामग्री का मानक अनुरूप प्रयोग न होने से सड़क जल्दी टूट जाती है।
वर्जन
रटारटाया जवाब-ठेकेदार से जवाब-तलब करेंगे
अजगैन-मोहान मार्ग पर नवई गांव के पास गड्ढे होने की जानकारी मिली है। ठेकेदार से जवाब-तलब किया जाएगा। मार्ग अभी अनुरक्षण (नियमित जांच और मरम्मत) अवधि में है। इसलिए ठेकेदार ही गड्ढों की मरम्मत कराएगा। नवाबगंज-हसनापुर मार्ग की भी जांच कराई जाएगी।-प्रवीण कटियार, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग।