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जांच टीम ने हवा में उड़ाया डीएम का आदेश
Updated Sun, 01 Oct 2017 11:59 PM IST
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जांच टीम ने हवा में उड़ाया डीएम का आदेश
उन्नाव। बिछिया की दो दर्जन ग्राम पंचायतों में लगीं सोलर लाइटों की खरीद में मानकों को दरकिनार किए जाने के मामले में डीएम के दोबारा तलब की गई रिपोर्ट संबंधी आदेश को तीन सदस्यीय जांच टीम ने हवा में उड़ा दिया। जून माह में जांच टीम को भेजे गए रिमाइंडर पर टीम ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिछिया की 24 ग्राम पंचायतों में खरीदी गईं सोलर लाइटों में मानकों को दरकिनार किया गया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। टीम में शामिल अधिकारियों ने कुछ गांवों में स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच में लगभग 4255600 रुपये का घोटाला (दुरुपयोग) निकला था। इसी आधार पर छह पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। 29 सितंबर 2016 को पंचायतीराज विभाग ने 24 गांवों के प्रधानों को नोटिस जारी किया था।
बाद में प्रधानों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मामले की स्थलीय जांच कराने की मांग के बाद टीम के सदस्यों को जांच के आदेश जारी किए थे। इसके बाद शासन से इस मामले की दोबारा जांच कराने के आदेश दिए। इस पर तत्कालीन सीडीओ संजीव सिंह ने दोबारा स्थलीय जांच के आदेश जारी किए थे। इसी बीच विधानसभा चुनाव आ गए। इससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जून 2017 में डीएम अदिति सिंह ने इस मामले को संज्ञान में लिया। 7 जून को जांच टीम में शामिल पीओ नेडा, जिला समाज कल्याण अधिकारी व उपायुक्त उद्योग केंद्र को पत्र जारी कर रिपोर्ट न देने पर आड़े हाथाें लिया गया।
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सात दिन में ग्राम पंचायतवार मूल्यांकन/परीक्षण आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डीएम के इस आदेश के लगभग तीन माह बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई है।
- बिछिया सोलर लाइट घोटाले की तीन माह बाद भी नहीं दी जांच रिपोर्ट पिछले साल लगाई गई थीं लाइटें, पूर्व में हुई जांच में मिल चुका है घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। बिछिया की दो दर्जन ग्राम पंचायतों में लगीं सोलर लाइटों की खरीद में मानकों को दरकिनार किए जाने के मामले में डीएम के दोबारा तलब की गई रिपोर्ट संबंधी आदेश को तीन सदस्यीय जांच टीम ने हवा में उड़ा दिया। जून माह में जांच टीम को भेजे गए रिमाइंडर पर टीम ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिछिया की 24 ग्राम पंचायतों में खरीदी गईं सोलर लाइटों में मानकों को दरकिनार किया गया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। टीम में शामिल अधिकारियों ने कुछ गांवों में स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच में लगभग 4255600 रुपये का घोटाला (दुरुपयोग) निकला था। इसी आधार पर छह पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। 29 सितंबर 2016 को पंचायतीराज विभाग ने 24 गांवों के प्रधानों को नोटिस जारी किया था।
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बाद में प्रधानों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मामले की स्थलीय जांच कराने की मांग के बाद टीम के सदस्यों को जांच के आदेश जारी किए थे। इसके बाद शासन से इस मामले की दोबारा जांच कराने के आदेश दिए। इस पर तत्कालीन सीडीओ संजीव सिंह ने दोबारा स्थलीय जांच के आदेश जारी किए थे। इसी बीच विधानसभा चुनाव आ गए। इससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जून 2017 में डीएम अदिति सिंह ने इस मामले को संज्ञान में लिया। 7 जून को जांच टीम में शामिल पीओ नेडा, जिला समाज कल्याण अधिकारी व उपायुक्त उद्योग केंद्र को पत्र जारी कर रिपोर्ट न देने पर आड़े हाथाें लिया गया।
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सात दिन में ग्राम पंचायतवार मूल्यांकन/परीक्षण आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डीएम के इस आदेश के लगभग तीन माह बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई है।
- बिछिया सोलर लाइट घोटाले की तीन माह बाद भी नहीं दी जांच रिपोर्ट पिछले साल लगाई गई थीं लाइटें, पूर्व में हुई जांच में मिल चुका है घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो