{"_id":"5d07e6aa8ebc3e0e217fe064","slug":"156079887761-20-unnao-news122","type":"story","status":"publish","title_hn":"1.20 करोड़ से बीघापुर में बनेगी एक और गोशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1.20 करोड़ से बीघापुर में बनेगी एक और गोशाला
विज्ञापन
उन्नाव। प्रदेश सरकार छुट्टा मवेशियों के आश्रय के लिए जिले के बीघापुर में एक और गो-संरक्षण केंद्र का निर्माण कराने जा रही है। इसके लिए जगह का चिह्नांकन पूरा कर लिया गया है। प्रदेश सरकार ने जिले में एक और गो-संरक्षण केंद्र खोलने के लिए 1.20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।
बीघापुर में नई गोशाला का निर्माण होगा। इस बार गोशाला निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को सौंपी गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि केंद्र निर्माण के लिए धनराशि सीधे डीएम के खाते में आ गई है। बताया कि दूसरे गो-संरक्षण केंद्र के लिए बीघापुर में जमीन ढूंढ ली गई है। आरईएस विभाग को इस्टीमेट तैयार कराने को कहा गया है। प्रस्ताव बनने के बाद जिलाधिकारी से अनुमोदन लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। डॉ. पीके सिंह के मुताबिक 1.20 करोड़ की धनराशि खर्च होने के बाद भी यदि काम बचता है तो आगे की धनराशि सांसद व विधायक निधि से ली जा सकेगी। इसमें पांच सौ मवेशियों के रहने की व्यवस्था होगी।
इनसेट
थाना गांव में निर्माणाधीन है गो-संरक्षण केंद्र
2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनने के एक साल बाद जिलों में एक-एक गो संरक्षण केंद्र खोलने की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए 1.20 करोड़ की लागत तय की गई थी। पहले चरण में जनपद में सिकंदरपुर सरोसी के गांव थाना में 8 बीघा (2 एकड़ लगभग 5500 स्क्वॉयर मीटर) ऊसर-बंजर भूमि में केंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था। केंद्र के निर्माण का जिम्मा उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. (पैकफेड) को सौंपा गया है।
विज्ञापन
इंसेट-2
केंद्र में इसका होगा निर्माण
- चार गोवंश शेड
- दो भूसा गोदाम
- एक कार्यालय, औषधि कक्ष व स्टोर
- छह कर्मचारियों के लिए आवास, स्नानाघर व शौचालय
- चार चरही (चारा, पानी के लिए)
- दस हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी
- केंद्र के चारों तरफ बाड़ा और बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा
- जरुरत पड़ने पर अतिरिक्त चरही का भी होगा निर्माण
---------------
विज्ञापन
बीघापुर में नई गोशाला का निर्माण होगा। इस बार गोशाला निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को सौंपी गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि केंद्र निर्माण के लिए धनराशि सीधे डीएम के खाते में आ गई है। बताया कि दूसरे गो-संरक्षण केंद्र के लिए बीघापुर में जमीन ढूंढ ली गई है। आरईएस विभाग को इस्टीमेट तैयार कराने को कहा गया है। प्रस्ताव बनने के बाद जिलाधिकारी से अनुमोदन लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। डॉ. पीके सिंह के मुताबिक 1.20 करोड़ की धनराशि खर्च होने के बाद भी यदि काम बचता है तो आगे की धनराशि सांसद व विधायक निधि से ली जा सकेगी। इसमें पांच सौ मवेशियों के रहने की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
इनसेट
थाना गांव में निर्माणाधीन है गो-संरक्षण केंद्र
2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनने के एक साल बाद जिलों में एक-एक गो संरक्षण केंद्र खोलने की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए 1.20 करोड़ की लागत तय की गई थी। पहले चरण में जनपद में सिकंदरपुर सरोसी के गांव थाना में 8 बीघा (2 एकड़ लगभग 5500 स्क्वॉयर मीटर) ऊसर-बंजर भूमि में केंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था। केंद्र के निर्माण का जिम्मा उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. (पैकफेड) को सौंपा गया है।
विज्ञापन
इंसेट-2
केंद्र में इसका होगा निर्माण
- चार गोवंश शेड
- दो भूसा गोदाम
- एक कार्यालय, औषधि कक्ष व स्टोर
- छह कर्मचारियों के लिए आवास, स्नानाघर व शौचालय
- चार चरही (चारा, पानी के लिए)
- दस हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी
- केंद्र के चारों तरफ बाड़ा और बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा
- जरुरत पड़ने पर अतिरिक्त चरही का भी होगा निर्माण
---------------