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शस्त्र लाइसेंसों में तय प्रारूप पर रिपोर्ट न लगने पर शासन ने जताई नाराजगी
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:26 AM IST
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शस्त्र लाइसेंसों के तय प्रारूप पर नहीं लग रही रिपोर्ट
उन्नाव। शस्त्र लाइसेंसों के नवीनीकरण, सीमा विस्तार, हस्तांतरण व वरासत में तय प्रारूपों का प्रयोग न होने से निस्तारण अधर में है। तय प्रारूपों पर रिपोर्ट न मिलने पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताई है।
शासन ने आयुध नियमावली 2016 के अंतर्गत पुलिस रिपोर्ट के लिए मानक प्रारूप 4 का ही प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। शस्त्रों से जुड़े मामलों में अब इसी प्रारूप पर शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। इससे कि आवेदनों का निस्तारण किया जा सके।
उप्र शासन के गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप ने जारी आदेश में कहा है कि अलग-अलग जनपदों से शस्त्र लाइसेंसों के सीमा विस्तार, नवीनीकरण, हस्तांतरण व शस्त्र व्यवसायिक लाइसेंस के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं।
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इन प्रस्तावों में लगने वाली पुलिस की संस्तुति रिपोर्ट अलग-अलग जनपदों से अलग -अलग प्रारूपों पर पहुंची है। आयुध नियमावली 2016 के अंतर्गत शासन ने पुलिस रिपोर्ट प्राप्त करने का मानक प्रपत्र प्रारूप घ 4 निर्धारित किया है।
तय प्रारूप पर रिपोर्ट न मिलने से आवेदनों को निस्तारित करने में दिक्कतें आ रही हैं। सचिव भगवान स्वरूप के मुताबिक आयुध नियमावली का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। रिपोर्ट में आवेदक के किसी भी अपराध से संलिप्त होने की सूचना एवं उससे जुड़े आपराधिक इतिहास को स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।
एसपी नहीं कर सकेंगी अग्रसारित
तय प्रारूप पर रिपोर्ट न लगाए जाने से अब एसपी भी शासन की संस्तुति के लिए अग्रसारित नहीं कर सकेंगी।
शासन ने एसपी को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि तय प्रारूप पर ही रिपोर्ट लगाई जाए।
- शासन ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। शस्त्र लाइसेंसों के नवीनीकरण, सीमा विस्तार, हस्तांतरण व वरासत में तय प्रारूपों का प्रयोग न होने से निस्तारण अधर में है। तय प्रारूपों पर रिपोर्ट न मिलने पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताई है।
शासन ने आयुध नियमावली 2016 के अंतर्गत पुलिस रिपोर्ट के लिए मानक प्रारूप 4 का ही प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। शस्त्रों से जुड़े मामलों में अब इसी प्रारूप पर शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। इससे कि आवेदनों का निस्तारण किया जा सके।
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उप्र शासन के गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप ने जारी आदेश में कहा है कि अलग-अलग जनपदों से शस्त्र लाइसेंसों के सीमा विस्तार, नवीनीकरण, हस्तांतरण व शस्त्र व्यवसायिक लाइसेंस के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं।
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इन प्रस्तावों में लगने वाली पुलिस की संस्तुति रिपोर्ट अलग-अलग जनपदों से अलग -अलग प्रारूपों पर पहुंची है। आयुध नियमावली 2016 के अंतर्गत शासन ने पुलिस रिपोर्ट प्राप्त करने का मानक प्रपत्र प्रारूप घ 4 निर्धारित किया है।
तय प्रारूप पर रिपोर्ट न मिलने से आवेदनों को निस्तारित करने में दिक्कतें आ रही हैं। सचिव भगवान स्वरूप के मुताबिक आयुध नियमावली का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। रिपोर्ट में आवेदक के किसी भी अपराध से संलिप्त होने की सूचना एवं उससे जुड़े आपराधिक इतिहास को स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।
एसपी नहीं कर सकेंगी अग्रसारित
तय प्रारूप पर रिपोर्ट न लगाए जाने से अब एसपी भी शासन की संस्तुति के लिए अग्रसारित नहीं कर सकेंगी।
शासन ने एसपी को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि तय प्रारूप पर ही रिपोर्ट लगाई जाए।
- शासन ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो