{"_id":"5bd36984bdec2269774f0585","slug":"11540581764-unnao-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों की ओके रिपोर्ट को एमएलसी ने किया खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों की ओके रिपोर्ट को एमएलसी ने किया खारिज
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारासगवर (उन्नाव)। बीघापुर क्षेत्र में अलीपुर-किसुनीखेड़ा के बीच सड़क निर्माण में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने इसी काम को संतोषजनक बताते हुए रिपोर्ट दी है। विधानपरिषद उपसमिति के सदस्य के तौर पर जांच करने पहुंचे एमएलसी अरुण पाठक ने मार्ग ही स्थिति देख खासे नाराज हुए। उन्होंने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट समिति अध्यक्ष को देने के साथ ही झूठी आख्या देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कराने की बात कही है।
विकासखंड बीघापुर के ग्राम अलीपुर में किशुनीखेड़ा होते हुए कालिका देवी मंदिर को मिलाने वाले मार्ग को डामरीकरण करने में अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पूर्व में डीएम व एसडीएम से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने शासनस्तर पर मामले की शिकायत की। मामला विधानपरिषद के पास पहुंचा। इसके बाद परिषद की याचिका समिति ने जांच के लिए एक उपसमिति बनाई जिसमें सदस्य के रूप में एमएलसी अरुण पाठक को बनाया गया।
एमएलसी अरुण पाठक ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ गांव पहुंच सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सड़क का निर्माण संतोषजनक नहीं था। वह इसकी पूरी रिपोर्ट समिति के अध्यक्ष को देंगे और फर्जी रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कराने की संस्तुति करेंगे।
विज्ञापन
-किशुनीखेड़ा-कालिका देवी मंदिर को मिलाने वाले मार्ग के डामरीकरण में मिली अनियमितता
-विधानपरिषद उपसमिति के सदस्य के रूप में जांच करने पहुंचे एमएलसी अरुण पाठक
विज्ञापन
विकासखंड बीघापुर के ग्राम अलीपुर में किशुनीखेड़ा होते हुए कालिका देवी मंदिर को मिलाने वाले मार्ग को डामरीकरण करने में अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पूर्व में डीएम व एसडीएम से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने शासनस्तर पर मामले की शिकायत की। मामला विधानपरिषद के पास पहुंचा। इसके बाद परिषद की याचिका समिति ने जांच के लिए एक उपसमिति बनाई जिसमें सदस्य के रूप में एमएलसी अरुण पाठक को बनाया गया।
विज्ञापन
एमएलसी अरुण पाठक ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ गांव पहुंच सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सड़क का निर्माण संतोषजनक नहीं था। वह इसकी पूरी रिपोर्ट समिति के अध्यक्ष को देंगे और फर्जी रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कराने की संस्तुति करेंगे।
विज्ञापन
-किशुनीखेड़ा-कालिका देवी मंदिर को मिलाने वाले मार्ग के डामरीकरण में मिली अनियमितता
-विधानपरिषद उपसमिति के सदस्य के रूप में जांच करने पहुंचे एमएलसी अरुण पाठक