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Unnao News: 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से तैनात 1130 शिक्षक असमंजस में
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उन्नाव। 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत नौकरी पाने वाले शिक्षकों में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद असमंजस की स्थिति है। इसमें सबसे अधिक वह शिक्षक परेशान हैं जिनके अंक कम थे। आरक्षण को किनारे कर हुई भर्ती में उन्हें नौकरी मिल गई थी। अब न्यायालय ने आरक्षण को ध्यान में रखते हुए दोबारा सूची बनाने का आदेश सरकार को दिया है। ऐसे में मेरिट हाई होती है तो सामान्य वर्ग के कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों का नुकसान हो सकता है। इस भर्ती प्रक्रिया से जिले में 1130 शिक्षक तैनात हैं।
69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया साल 2018 में शुरू हुई थी। तीन चरणों में भर्ती होने से साल 2020 में प्रक्रिया समाप्त हुई थी। इसके तहत जिले में 1130 शिक्षक विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। इस बीच जिन युवाओं का चयन नहीं हुआ उन्होंने आरक्षण के मुद्दे को कोर्ट तक पहुंचाया। युवाओं के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग, 21 फीसदी अनुसूचित जाति और 50 फीसदी मिलने वाले अनारक्षित वर्ग के आरक्षण का पालन नहीं किया गया।
कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरक्षण को ध्यान में रखकर सरकार को दोबारा मेरिट सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के जानकारों की माने तो अगर आरक्षण से भर्ती प्रक्रिया होती है और दूसरी सूची बनाई जाती है तो अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। मेरिट हाई जाएगी और उसका नुकसान सामान्य अभ्यर्थियों को होगा। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद अभी शासन से कोई आदेश नहीं आया है। जो आदेश आएगा उसका पालन होगा। जिले में नियुक्त सभी शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। सभी को वेतन भेजा जा रहा है।
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बोले शिक्षक नेता
कोर्ट के आदेश से वरिष्ठता सूची में होने वाला बदलाव, चार वर्षों से नियुक्त शिक्षकों के परिवारों में खलबली लाने वाला है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है। बेसिक के नियमों में खामियां और त्वरित बदलाव ने कई शिक्षकों के माथे पर लकीरें डाल दी हैं। उनकी नजर अब शासन के अगले कदम पर है।
- संजीव संखवार, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन
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कोर्ट का आदेश विभाग और सरकार के सम्मुख बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कितने शिक्षक प्रभावित होंगे ये बाद की बात है, लेकिन पूरा बैच संशय की स्थिति में हैं। आरक्षण के नियमों का पालन चुने हुए शिक्षकों को प्रभावित करेगा। पहले ही निर्देशों का पालन सही से होता तो कई परिवारों को आर्थिक समस्या से न जूझना पड़ता।
- प्रदीप वर्मा, मंडलीय मंत्री प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन
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69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया साल 2018 में शुरू हुई थी। तीन चरणों में भर्ती होने से साल 2020 में प्रक्रिया समाप्त हुई थी। इसके तहत जिले में 1130 शिक्षक विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। इस बीच जिन युवाओं का चयन नहीं हुआ उन्होंने आरक्षण के मुद्दे को कोर्ट तक पहुंचाया। युवाओं के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग, 21 फीसदी अनुसूचित जाति और 50 फीसदी मिलने वाले अनारक्षित वर्ग के आरक्षण का पालन नहीं किया गया।
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कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरक्षण को ध्यान में रखकर सरकार को दोबारा मेरिट सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के जानकारों की माने तो अगर आरक्षण से भर्ती प्रक्रिया होती है और दूसरी सूची बनाई जाती है तो अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। मेरिट हाई जाएगी और उसका नुकसान सामान्य अभ्यर्थियों को होगा। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद अभी शासन से कोई आदेश नहीं आया है। जो आदेश आएगा उसका पालन होगा। जिले में नियुक्त सभी शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। सभी को वेतन भेजा जा रहा है।
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बोले शिक्षक नेता
कोर्ट के आदेश से वरिष्ठता सूची में होने वाला बदलाव, चार वर्षों से नियुक्त शिक्षकों के परिवारों में खलबली लाने वाला है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है। बेसिक के नियमों में खामियां और त्वरित बदलाव ने कई शिक्षकों के माथे पर लकीरें डाल दी हैं। उनकी नजर अब शासन के अगले कदम पर है।
- संजीव संखवार, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन
कोर्ट का आदेश विभाग और सरकार के सम्मुख बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कितने शिक्षक प्रभावित होंगे ये बाद की बात है, लेकिन पूरा बैच संशय की स्थिति में हैं। आरक्षण के नियमों का पालन चुने हुए शिक्षकों को प्रभावित करेगा। पहले ही निर्देशों का पालन सही से होता तो कई परिवारों को आर्थिक समस्या से न जूझना पड़ता।
- प्रदीप वर्मा, मंडलीय मंत्री प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन