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Sultanpur News: नहरों से नहीं मिल रहा पानी, पिछड़ रही जायद की बोआई
Wed, 03 Apr 2024 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:02 AM IST
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कूरेभार क्षेत्र में सूखी नहर। -संवाद
पानी नहीं मिलने से उड़द, मूंग व हरा चारा की बोआई प्रभावित, किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। सिंचाई के समय नहरों से पानी गायब है। पानी की जगह नहरों में धूल उड़ रही है। इस समय किसानों ने जायद की फसलों व साग सब्जियाें की बोआई शुरू की है। खेतों में लगी गन्ने की फसल भी सूखने के कगार पर है। ऐसे में किसानों को निजी नलकूपाें का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले में सिंचाई का प्रमुख साधन नहरें हैं। करीब 700 किमी में नहर व माइनर का जाल फैला है। बल्दीराय, धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर में सिंचाई खंड -16 के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन किया जा रहा है। कुड़वार क्षेत्र में सिंचाई खंड-49, दूबेपुर, धम्मौर, भदैंया, लंभुआ व पीपी कमैचा में सिंचाई खंड के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन हो रहा है। जायद की फसलें, खरीफ और रबी फसलों के मध्य समय में उगाई जाती हैं। इस समय खेतों में किसानों ने ककड़ी, तरबूज, करेला, खरबूजा, सूरजमुखी की बुआई का कार्य शुरू किया है। पानी नहीं मिलने से फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। किसानों की परेशानी पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सूखने की कगार पर गन्ने की फसल
द्वारिकागंज। क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक की दोनों नहरों में पानी नहीं है। पानी नहीं मिला तो गन्ने की फसल सूख जाएगी। उड़द, मूंग व हरा चारा आदि की बोआई का समय चल रहा है। नहर में पानी नहीं होने से क्षेत्र के धनजई, कौड़ियावां, मीरदासपुर, भरथीपुर, भटपुरा, सुदनापुर, मिसराने, दमोदरा, सोनारा, नेवाजी सरैया, पूरे बरवन गांव के किसानों का कहना है कि कद्दू, लौकी, भिंडी, बैगन, परवल, तोरई, नेनुआ, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, तरबूज व खरबूज की बुआई का समय बीतता जा रहा है।
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समस्या को नजरअंंदाज कर रहे अधिकारी
कुड़वार। स्थानीय विकास क्षेत्र में सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत नहर माइनर का संंचालन किया जा रहा है। इस समय नहर व माइनर में पानी नहीं हैं। क्षेत्र के देवलपुर गांव निवासी किसान भल्लू गुप्ता, सुरेंद्र, नरेंद्र सिंह व नईम का कहना है कि नहर में पानी नहीं आ रहा है। इससे जायद की मुख्य फसल उड़द की बोआई करने में प्राइवेट नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी सिंचाई के लिए किसानों की समस्याओं को हमेशा नजरअंदाज करते हैं।
निजी नलकूपों का सहारा लेने को विवश हुए किसान
बल्दीराय। क्षेत्र में सिंचाई खंड-16 की ओर से संचालित शारदा सहायक नहर में पानी नहीं होने से आसपास के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र के डीह गांव निवासी किसान आशीष सिंह ने बताया कि उनके यहां उड़द की बुआई के लिए पानी की जरूरत है तो नहर सूखी पड़ी है। कुलदीप सिंह, शिवकुमार यादव, अमर जीत सिंह ने बताया कि उड़द के अलावा उन लोगाें को मूंग व मक्का की बुआई करनी है। अब मंहगे दाम देकर निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ेगा।
पिपरमिंट व हरे चारे की फसल को हो रहा नुकसान
अखंडनगर। धर्मापुर गांव के किसान रविशंकर धूरिया ने बताया कि उनकी एक बीघा पिपरमिंट की फसल सिंचाई नहीं हो पाने की वजह से फसल सूख जा रही है। किसान सुग्रीव ने बताया कि उनकी गन्ने और बाजरे की फसल बिना पानी के सूख रही है। नहर से पानी मिलने की वजह से निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। वीरेंद्र सिंह, बब्बन सिंह, राजेश पांडेय ने बताया कि लगभग महीने पहले से नहर में पानी नहीं आया है। नहरों में कभी भी समय से पानी नहीं आता है।
15 दिन बाद छोड़ा जाएगा पानी
रबी की फसल का रोस्टर पूरा हो चुका है। अब तालाबों व पोखरों को भरने के लिए 15 दिन बाद मेन ब्रांंच से पानी छोड़े जाने की संभावना है। फिलहाल अभी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। -राम प्रकाश प्रजापति, एक्सईएन सिंचाई खंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। सिंचाई के समय नहरों से पानी गायब है। पानी की जगह नहरों में धूल उड़ रही है। इस समय किसानों ने जायद की फसलों व साग सब्जियाें की बोआई शुरू की है। खेतों में लगी गन्ने की फसल भी सूखने के कगार पर है। ऐसे में किसानों को निजी नलकूपाें का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले में सिंचाई का प्रमुख साधन नहरें हैं। करीब 700 किमी में नहर व माइनर का जाल फैला है। बल्दीराय, धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर में सिंचाई खंड -16 के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन किया जा रहा है। कुड़वार क्षेत्र में सिंचाई खंड-49, दूबेपुर, धम्मौर, भदैंया, लंभुआ व पीपी कमैचा में सिंचाई खंड के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन हो रहा है। जायद की फसलें, खरीफ और रबी फसलों के मध्य समय में उगाई जाती हैं। इस समय खेतों में किसानों ने ककड़ी, तरबूज, करेला, खरबूजा, सूरजमुखी की बुआई का कार्य शुरू किया है। पानी नहीं मिलने से फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। किसानों की परेशानी पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सूखने की कगार पर गन्ने की फसल
द्वारिकागंज। क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक की दोनों नहरों में पानी नहीं है। पानी नहीं मिला तो गन्ने की फसल सूख जाएगी। उड़द, मूंग व हरा चारा आदि की बोआई का समय चल रहा है। नहर में पानी नहीं होने से क्षेत्र के धनजई, कौड़ियावां, मीरदासपुर, भरथीपुर, भटपुरा, सुदनापुर, मिसराने, दमोदरा, सोनारा, नेवाजी सरैया, पूरे बरवन गांव के किसानों का कहना है कि कद्दू, लौकी, भिंडी, बैगन, परवल, तोरई, नेनुआ, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, तरबूज व खरबूज की बुआई का समय बीतता जा रहा है।
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समस्या को नजरअंंदाज कर रहे अधिकारी
कुड़वार। स्थानीय विकास क्षेत्र में सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत नहर माइनर का संंचालन किया जा रहा है। इस समय नहर व माइनर में पानी नहीं हैं। क्षेत्र के देवलपुर गांव निवासी किसान भल्लू गुप्ता, सुरेंद्र, नरेंद्र सिंह व नईम का कहना है कि नहर में पानी नहीं आ रहा है। इससे जायद की मुख्य फसल उड़द की बोआई करने में प्राइवेट नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी सिंचाई के लिए किसानों की समस्याओं को हमेशा नजरअंदाज करते हैं।
निजी नलकूपों का सहारा लेने को विवश हुए किसान
बल्दीराय। क्षेत्र में सिंचाई खंड-16 की ओर से संचालित शारदा सहायक नहर में पानी नहीं होने से आसपास के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र के डीह गांव निवासी किसान आशीष सिंह ने बताया कि उनके यहां उड़द की बुआई के लिए पानी की जरूरत है तो नहर सूखी पड़ी है। कुलदीप सिंह, शिवकुमार यादव, अमर जीत सिंह ने बताया कि उड़द के अलावा उन लोगाें को मूंग व मक्का की बुआई करनी है। अब मंहगे दाम देकर निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ेगा।
पिपरमिंट व हरे चारे की फसल को हो रहा नुकसान
अखंडनगर। धर्मापुर गांव के किसान रविशंकर धूरिया ने बताया कि उनकी एक बीघा पिपरमिंट की फसल सिंचाई नहीं हो पाने की वजह से फसल सूख जा रही है। किसान सुग्रीव ने बताया कि उनकी गन्ने और बाजरे की फसल बिना पानी के सूख रही है। नहर से पानी मिलने की वजह से निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। वीरेंद्र सिंह, बब्बन सिंह, राजेश पांडेय ने बताया कि लगभग महीने पहले से नहर में पानी नहीं आया है। नहरों में कभी भी समय से पानी नहीं आता है।
15 दिन बाद छोड़ा जाएगा पानी
रबी की फसल का रोस्टर पूरा हो चुका है। अब तालाबों व पोखरों को भरने के लिए 15 दिन बाद मेन ब्रांंच से पानी छोड़े जाने की संभावना है। फिलहाल अभी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। -राम प्रकाश प्रजापति, एक्सईएन सिंचाई खंड